जिस वीडियो को करौली हिंसा का बताया गया वो करौली राजस्थान नहीं, कहीं और का निकला
सड़क पर भगवा काफिले का रास्ता रोके खड़े कुछ लोगों का वीडियो करौली हिंसा के नाम पर वायरल हो रहा है जबकि हकीकत कुछ और है.

2 अप्रैल को हिन्दू नववर्ष अवसर पर राजस्थान के करौली जिले में निकाली गई बाइक रैली के दौरान हिंसा की खबरें सामने आईं. इस हिंसा में असामाजिक तत्वों ने बड़ी संख्या में दुकानों और वाहनों को आग के हवाले कर दिया था. इसके बाद सोशल मीडिया पर करौली हिंसा के नाम पर कई वीडियो और तस्वीरें घूम रही हैं. इन्हीं में से एक वीडियो में भगवा रंग के झंडे लिए एक भीड़ रैली निकाल रही हैं, तभी उनके सामने आकर कुछ लोग रैली का रास्ता रोकते हुए नज़र आते हैं.
वायरल वीडियो के साथ किए जा रहे दावे के कैप्शन में लिखा है - (आर्काइव) (आर्काइव)
कई और सोशल मीडिया यूज़र्स ने ऐसे ही दावे शेयर किए. (आर्काइव)
पड़ताल'दी लल्लनटॉप' की पड़ताल में वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक निकला . दरअसल वायरल वीडियो साल 2016 में पंजाब के फगवाड़ा में हुई एक रैली का है, जहां शिव सेना के कार्यकर्ताओं और मुस्लिम समाज के लोगों के बीच झड़प हो गई थी.
वायरल दावे की पड़ताल के लिए हमने शेयर हो रहे वीडियो को गौर से देखा. वायरल वीडियो में पीछे 'NIKHIL COLLECTION' नामक दुकान का बोर्ड दिखाई दे रहा है. इस दुकान के बारे में खोजने पर हमें Justdial पर इस दुकान की लोकेशन के बारे में पता चला. वायरल वीडियो में दिख रही दुकान पंजाब के फगवाड़ा की है न कि राजस्थान के करौली की.
फगवाड़ा में हुई झड़प से जुड़े की-वर्ड्स के जरिए सर्च करने पर हमें 'The Indian Express' की वेबसाइट पर इस घटना से जुड़ी एक न्यूज़ रिपोर्ट मिली. (आर्काइव)
23 जुलाई, 2016 की इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में घटना के बारे में जानकारी देते हुए लिखा है -
'सूत्रों के मुताबिक जम्मू-कश्मीर में हाल ही में अमरनाथ यात्रा में व्यवधान के बाद, शिवसेना नेता स्थानीय मुसलमानों को निशाना बना रहे थे और पाकिस्तान विरोधी नारे लगा रहे थे. गुरुवार शाम को उन्होंने एक मुस्लिम की दुकान की दीवार पर 'पाकिस्तान मुर्दाबाद' लिख दिया. मुसलमानों ने शिवसेना के इस रवैये का विरोध करते हुए फगवाड़ा की जामा मस्जिद के शाही इमाम उवैस-उर-रहमान के नेतृत्व में एक मार्च निकाला. शिवसेना नेताओं ने भी अपने राज्य उपाध्यक्ष इंद्रजीत करवाल के नेतृत्व में पाकिस्तान विरोधी नारे लगाते हुए विरोध मार्च निकाला. नयन वाला चौक पर दोनों गुट आमने-सामने आ गए और हंगामा तेज हो गया. दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर पथराव शुरू कर दिया.'
साथ ही की-वर्ड्स की ही मदद से खोजने पर हमें 'jimmy karwal' नामक यूट्यूब चैनल पर 13 जुलाई 2017 को पोस्ट किया गया इस वीडियो का पूरा वर्ज़न मिला. (आर्काइव)
इस वीडियो के कैप्शन का हिंदी अनुवाद है -
फगवाड़ा में शिवसेना बनाम मुस्लिम
इससे साफ है कि पूरी घटना पंजाब के फगवाड़ा की है न कि राजस्थान के करौली की.
नतीजा‘दी लल्लनटॉप’ की पड़ताल में वायरल दावा भ्रामक साबित हुआ. वायरल वीडियो में दिख रही झड़प शिवसेना के कार्यकर्ताओं और मुस्लिम समाज के लोगों के बीच हुई थी. साथ ही वायरल वीडियो पंजाब के फगवाड़ा जिले का है, जिसे साल 2016 में रिकॉर्ड किया गया था.
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