प्रदर्शनकारियों ने ये फल-सब्ज़ियां भारत बंद के दौरान नहीं गिराईं, तस्वीर पुरानी है
किसान संगठनों के आह्वान पर 8 दिसंबर, 2020 को 'भारत बंद' किया गया था.
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वायरल तस्वीर को किसानों के बुलाए भारत बंद से जोड़कर देखा जा रहा है.
दावा
सोशल मीडिया पर भारत बंद के संदर्भ में रेहड़ी से फल-सब्ज़ियां गिरने की तस्वीर वायरल हो रही है. दावा किया जा रहा है कि भारत बंद के नाम पर विपक्ष ने ऐसा किया है. हम दावे में बिना बदलाव ज्यों का त्यों लिख रहे हैं-शर्म करो विपक्षी दलों जिन किसान के नाम पर तुम यह बंद की नौटंकी कर रहे हो उन्हीं के सामान सड़कों पर फेंकते हुए तुम्हें शर्म नहीं आई #दिल्ली(आर्काइव)
शर्म करो विपक्षी दलों जिन किसान के नाम पर तुम यह बंद की नौटंकी कर रहे हो उन्हीं के सामान सड़कों पर फेंकते हुए तुम्हें शर्म नहीं आई #दिल्ली Posted by Kumar Santosh on Tuesday, 8 December 2020
पड़ताल हमने 8 दिसंबर को किसान संगठनों की ओर से बुलाए गए भारत बंद में फल-सब्जियां गिराने के नाम पर वायरल हो रही तस्वीर को इंटरनेट पर रिवर्स सर्च किया. रिवर्स सर्च करने पर हमें कांग्रेस पार्टी के मीडिया पैनलिस्ट सुरेंद्र राजपूत के वेरिफाइड हैंडल से 5 मई 2020 को अपलोड की गई यही तस्वीर मिली. (आर्काइव लिंक)#Delhi शर्म करो विपक्षी दलों जिन किसान के नाम पर तुम यह बंद की नौटंकी कर रहे हो उन्हीं के सामान सड़कों पर फेंकते हुए तुम्हें शर्म नहीं आई शर्म नहीं आ रही क्या विपक्षियों @ArvindKejriwal जी क्या करवा रहे हो दिल्ली में यह सब जागो दिल्ली वालों जागो@AmitShah ji pic.twitter.com/5ZA4fjliuX
— Yuvraj Tiwari (@YuvrajTiwari89) December 8, 2020
इस तस्वीर के साथ कैप्शन में सुरेंद्र ने लिखा है-दारू की दुकान पुलिस संरक्षण में खोली जा रही है और सब्ज़ी की दुकान तोड़ी जा रही हैं। वाह रे शासन वाह। pic.twitter.com/6JOazeRdJJ
— Surendra Rajput (@ssrajputINC) May 5, 2020
दारू की दुकान पुलिस संरक्षण में खोली जा रही है और सब्ज़ी की दुकान तोड़ी जा रही हैं. वाह रे शासन वाह.सुरेंद्र सिंह उत्तर प्रदेश कांग्रेस के सदस्य हैं. उन्होंने ये ट्वीट उस वक्त किया था, जब उत्तर प्रदेश सरकार ने 4 मई, 2020 को शराब के ठेके खोलने की घोषणा की थी. यही तस्वीर Halla Bol India नाम के पेज से भी 9 मई, 2020 को शेयर की गई थी. नतीजा ज़मीन पर गिरे फल-सब्ज़ियों की वायरल तस्वीर 8 दिसंबर, 2020 को किसान संगठनों की ओर से बुलाए गए भारत बंद की नहीं है. ये तस्वीर इंटरनेट पर 5 मई 2020 से उपलब्ध है. इसे दोबारा वायरल कर भ्रामक जानकारी शेयर की जा रही है.
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