The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Fact Check
  • Fact check: Old image of 1100 year old Shivlinga found in Vietnam viral with claims of Gyanvapi Masjid

जिसे ज्ञानवापी का शिवलिंग बताया गया वो फोटो तो विदेश की निकली

सोशल मीडिया पर वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद में शिवलिंग मिलने का दावा वायरल हो रहा है.

Advertisement
pic
18 मई 2022 (अपडेटेड: 18 मई 2022, 08:13 PM IST)
Gyanvapi
ज्ञानवापी में मिले शिवलिंग के नाम पर वायरल तस्वीर
Quick AI Highlights
Click here to view more
दावा

वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद (gyanvapi masjid) में सर्वे के बाद हिन्दू पक्ष का दावा है कि सर्वे के दौरान उन्हें मस्जिद परिसर में शिवलिंग (shivling) मिला है. वहीं मुस्लिम पक्ष ने शिवलिंग वाले दावे को नकारते हुए इसे फब्बारा बताया है. इस बीच सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरों को सर्वे के दौरान मिले शिवलिंग का बताकर शेयर किया जा रहा है. इन्हीं में से एक तस्वीर है जिसमें खुदी हुई जगह के बीच शिवलिंगनुमा आकृत्ति नज़र आ रही है. दावा है कि

शेयर हो रही तस्वीर ज्ञानवापी मस्जिद के अंदर की है, जहां जांच के बाद शिवलिंग होने के प्रमाण मिले हैं.

ट्विटर यूज़र Hidden History ने वायरल तस्वीर ट्वीट कर कैप्शन अंग्रेजी में लिखा है, जिसका हिंदी अनुवाद कुछ इस तरह है- (आर्काइव)

अद्भुत है मुगल वास्तुकला! उन्होंने हमेशा पहले तहखाने में एक प्राचीन हिंदू मंदिर बनाया. #ज्ञानवापी_मंदिर #SaveShivling #वाराणसी

कई और सोशल मीडिया यूज़र्स ने ऐसे ही दावे के साथ वायरल तस्वीर को शेयर किया है. (आर्काइव) (आर्काइव)

पड़ताल

'दी लल्लनटॉप' ने वायरल दावे की पड़ताल की. हमारी पड़ताल में वायरल दावा गलत निकला. वायरल पोस्ट में शेयर हो रही शिवलिंग की तस्वीर साल 2020 की है, जब भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की टीम को वियतनाम में 9वीं शताब्दी का शिवलिंग मिला था.

वायरल दावे की पड़ताल के लिए हमने शेयर हो रही वायरल तस्वीर को रिवर्स इमेज सर्च की मदद से खोजा तो हमें Wion News की वेबसाइट पर भी 28 मई, 2020 को पोस्ट किये गए एक अर्टिकल में शेयर हो रही तस्वीर मिली. (आर्काइव)

Wion News

Wion News की वेबसाइट पर मिले आर्टिकल का स्क्रीनशॉट.

आर्टिकल के मुताबिक -

तस्वीर में दिख रहा शिवलिंग 1100 साल पुराना है. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने वियतनाम के चाम मंदिर परिसर में चल रही संरक्षण परियोजना के दौरान 9वीं शताब्दी के अखंड बलुआ पत्थर शिव लिंग की खोज की थी. ASI की चार सदस्यीय टीम ने परिसर में दो अलग-अलग समूहों में मंदिरों का जीर्णोद्धार किया और छह अन्य शिव लिंग भी 'मो सोन' मंदिर परिसर में पाए गए.

साथ ही रिवर्स इमेज सर्च की मदद से ही खोजने पर हमें विदेश मंत्री डॉक्टर एस. जयशंकर के ट्विटर एकाउंट से 27 मई, 2020 को किया गया एक ट्वीट मिला. (आर्काइव)

इस ट्वीट के कैप्शन में जयशंकर ने वियतनाम में 9वीं शताब्दी के शिवलिंग मिलने पर भारत और वियतनाम के पुराने सभ्यतागत जुड़ाव को याद करते हुए पुरातत्व विभाग के प्रयासों को सराहा था.

इस जानकारी को ध्यान में रखते हुए हमने कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया तो हमें Republic World के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर 27 मई, 2020 को पोस्ट की गई वीडियो रिपोर्ट मिली. रिपोर्ट के कैप्शन के मुताबिक, तस्वीर में दिख रहा शिवलिंग 1100 साल पुराना है जो वियतनाम के एक मंदिर में मिला था. (आर्काइव)

नतीजा

‘दी लल्लनटॉप’ की पड़ताल में वायरल दावा गलत साबित हुआ. वायरल पोस्ट में शेयर हो रही शिवलिंग की तस्वीर साल 2020 की है. 2020 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की टीम को वियतनाम के चाम मंदिर परिसर में चल रही संरक्षण परियोजना के दौरान 9वीं शताब्दी के अखंड बलुआ पत्थर का शिवलिंग मिला था.

टेलीग्राम पर हमसे जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें.
पड़ताल की वॉट्सऐप हेल्पलाइन से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें.
ट्विटर और फेसबुक पर फॉलो करने के लिए ट्विटर लिंक और फेसबुक लिंक पर क्लिक करें.

पड़ताल: शाहरुख खान को अमेरिका के एयरपोर्ट पर रोकने का दावा वायरल

Advertisement

Advertisement

()