पड़ताल: क्या PM मोदी मठ दर्शन के दौरान भगवा धारण किए संतों के चरणों में बैठ गए?
मोदी जिनके चरणों में बैठे हैं, वो मोदी के सिर पर हाथ फेरते नज़र आ रहे हैं.
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ये वायरल वीडियो का स्क्रीनग्रैब है.
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दावा
सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भगवा कपड़े पहने संतों के साथ एक वीडियो वायरल
हो रहा है. इस वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी लोगों से बात करते हुए नज़र आ रहे हैं. वो सोफे पर बैठे शख़्स से थोड़ा नीचे बैठे हैं. दावा किया जा रहा है कि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री होते हुए भी संतों का इस तरह से सम्मान कर रहे हैं. (आर्काइव लिंक
) हम दावे में बिना कोई बदलाव किए ज्यों का त्यों लिख रहे हैं.
करण देसाई नाम के यूज़र ने फेसबुक पर ये दावा पोस्ट किया है. 30 सेकेंड के इस वीडियो को अब तक 8 लाख से ज़्यादा बार देखा जा चुका है. इसे 24 हज़ार बार शेयर किया जा चुका है. इस वीडियो पर 31 हज़ार यूज़र रिएक्ट कर चुके हैं. इसके अलावा कई ग्रुपों में ये दावा वायरल हुआ है. इस लिंक पर क्लिक करने पर आपको कई दावे दिख
जाएंगे.
पड़ताल हमने इस दावे की पड़ताल की. हमारी पड़ताल में ये दावा भ्रामक निकला. दरअसल, ये वीडियो पश्चिम बंगाल के बेलूर मठ का है. बेलूर मठ रामकृष्ण मिशन का मुख्यालय है. नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनने के बाद भी यहां जाते रहे हैं. लेकिन जो वीडियो वायरल हो रहा है वो 2013 का है. प्रधानमंत्री मोदी उस वक्त गुजरात के मुख्यमंत्री थे.
वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट को रिवर्स सर्च करने पर हमें इस घटना का असल वीडियो भी मिल गया. असली वीडियो 29 सेकेंड का है. और खुद प्रधानमंत्री मोदी के यूट्यूब चैनल
पर मौजूद है.

पीएम मोदी के यूट्यूब चैनल पर ये वीडियो 9 अप्रैल 2013 को पोस्ट हुआ था.
इस वीडियो में मोदी आत्मस्थानंद महाराज के पांव के पास बैठे हुए हैं. वीडियो में आत्मस्थानंद महाराज मोदी के सिर पर हाथ फेरते भी दिखते हैं.
2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद भी प्रधानमंत्री मोदी बेलूर मठ गए हैं. हाल ही में 11 जनवरी, 2020 को भी वो बेलूर मठ गए थे. हालांकि ये वीडियो उस वक्त का नहीं है. कोई भी फोटो या वीडियो ऐसा नहीं है जिसमें वो सोफे से नीचे बैठे दिख रहे हों.

मोदी की 11 जनवरी 2020 की बेलूर मठ दौरे की ये तस्वीर है. इसे बेलूर मठ ने अपनी वेबसाइट पर पोस्ट किया है.
इस बार की कई तस्वीरें खुद बेलूर मठ ने पोस्ट की हैं. मोदी इन फोटोज़ में कुर्सी पर बैठे दिख रहे हैं. न ही उन्होंने वीडियो में दिख रहा पीले रंग का कुर्ता पहना है.

11 जनवरी 2020 के दौरे की फोटोज़.
नतीजा हमारी पड़ताल में नतीजा निकला कि प्रधानमंत्री मोदी का वायरल वीडियो जिसमें वो भगवा वस्त्र धारण किए संतों के चरणों में बैठे हुए हैं, वो 2013 का है. तब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं थे. गुजरात के मुख्यमंत्री थे. इसलिए ये वीडियो दिखाकर उनके प्रधानमंत्री रहते हुए संतों के चरणों में बैठने का दावा भ्रामक है.
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हो रहा है. इस वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी लोगों से बात करते हुए नज़र आ रहे हैं. वो सोफे पर बैठे शख़्स से थोड़ा नीचे बैठे हैं. दावा किया जा रहा है कि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री होते हुए भी संतों का इस तरह से सम्मान कर रहे हैं. (आर्काइव लिंक
) हम दावे में बिना कोई बदलाव किए ज्यों का त्यों लिख रहे हैं.
देश का प्रधानमंत्री होते हुए भी हिन्दू साधु संतों का सम्मान करते हुए ऐसा पहली बार देख रहा है। गर्व है ऐसे प्रधानमंत्री पर🙏🏻🙏🏻
देश का प्रधानमंत्री होते हुए भी हिन्दू साधु संतों का सम्मान करते हुए ऐसा पहली बार देख रहा है। गर्व है ऐसे प्रधानमंत्री पर🙏🏻🙏🏻
Posted by Karan Desai
on Sunday, 12 January 2020
जाएंगे.
पड़ताल हमने इस दावे की पड़ताल की. हमारी पड़ताल में ये दावा भ्रामक निकला. दरअसल, ये वीडियो पश्चिम बंगाल के बेलूर मठ का है. बेलूर मठ रामकृष्ण मिशन का मुख्यालय है. नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनने के बाद भी यहां जाते रहे हैं. लेकिन जो वीडियो वायरल हो रहा है वो 2013 का है. प्रधानमंत्री मोदी उस वक्त गुजरात के मुख्यमंत्री थे.
वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट को रिवर्स सर्च करने पर हमें इस घटना का असल वीडियो भी मिल गया. असली वीडियो 29 सेकेंड का है. और खुद प्रधानमंत्री मोदी के यूट्यूब चैनल
पर मौजूद है.

पीएम मोदी के यूट्यूब चैनल पर ये वीडियो 9 अप्रैल 2013 को पोस्ट हुआ था.
इस वीडियो में मोदी आत्मस्थानंद महाराज के पांव के पास बैठे हुए हैं. वीडियो में आत्मस्थानंद महाराज मोदी के सिर पर हाथ फेरते भी दिखते हैं.
2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद भी प्रधानमंत्री मोदी बेलूर मठ गए हैं. हाल ही में 11 जनवरी, 2020 को भी वो बेलूर मठ गए थे. हालांकि ये वीडियो उस वक्त का नहीं है. कोई भी फोटो या वीडियो ऐसा नहीं है जिसमें वो सोफे से नीचे बैठे दिख रहे हों.

मोदी की 11 जनवरी 2020 की बेलूर मठ दौरे की ये तस्वीर है. इसे बेलूर मठ ने अपनी वेबसाइट पर पोस्ट किया है.
इस बार की कई तस्वीरें खुद बेलूर मठ ने पोस्ट की हैं. मोदी इन फोटोज़ में कुर्सी पर बैठे दिख रहे हैं. न ही उन्होंने वीडियो में दिख रहा पीले रंग का कुर्ता पहना है.

11 जनवरी 2020 के दौरे की फोटोज़.
नतीजा हमारी पड़ताल में नतीजा निकला कि प्रधानमंत्री मोदी का वायरल वीडियो जिसमें वो भगवा वस्त्र धारण किए संतों के चरणों में बैठे हुए हैं, वो 2013 का है. तब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं थे. गुजरात के मुख्यमंत्री थे. इसलिए ये वीडियो दिखाकर उनके प्रधानमंत्री रहते हुए संतों के चरणों में बैठने का दावा भ्रामक है.
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