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विरोध प्रदर्शन में 'मुर्दा' खुजलाया, लोगों ने हमास पर आरोप लगाया, फिर ये सच आया

सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में कई लोग सफेद चादर में लिपटे हुए दिखाई दे रहे हैं. वीडियो को शेयर करके कहा जा रहा कि ये हमास से जुड़े लोग हैं जहां ‘मुर्दे’ के शरीर में भी हरकत हो रही है.

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12 जून 2024 (अपडेटेड: 12 जून 2024, 12:06 AM IST)
egypt more than decade old video of student protest shared as hamas killing
हमास से जोड़कर शेयर किए गए वीडियो की सच्चाई क्या है? (तस्वीर:सोशल मीडिया)
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हमास और इज़रायल के बीच 8 महीने से जारी जंग रुकने का नाम नहीं ले रही है. जंग में अब तक 37 हज़ार लोगों की मौत हो चुकी है. इसे रोकने की कवायद में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में 11 जून को एक प्रस्ताव पास हुआ है. इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है जिसमें कई लोग सफेद चादर में लिपटे हुए दिखाई दे रहे हैं. वीडियो को शेयर करके इसे हमास से जोड़ा जा रहा है.

मामला क्या है?

सोशल मीडिया साइट ‘एक्स’ (ट्विटर) पर सनातनी हिंदू राकेश नाम के हैंडल से वीडियो को ट्वीट करते हुए लिखा, “अल जजीरा ने कमाल की शूटिंग की है. हमास का मुर्दा भी खुजली कर रहा है कैमरे की गर्मी के कारण.”

वीडियो को कई अन्य यूजर्स ने भी इसी दावे के साथ शेयर किया है जिनके ट्वीट आप यहां और यहां देख सकते हैं.

पड़ताल

क्या वायरल वीडियो हमास से जुड़े लोगों का है? वीडियो के एक कीफ्रेम को रिवर्स सर्च करने पर हमें मिस्र के यूट्यूब चैनल ‘El-Badil’ पर 11 साल पुराना एक वीडियो मिला. इसमें वायरल हो रहे विजुअल को देखा जा सकता है. El-Badil चैनल पर 28 अक्टूबर 2013 को अपलोड किए गए इस वीडियो का डिस्क्रिप्शन अरबी भाषा में लिखा है. इसका गूगल पर हिंदी में अनुवाद करने पर पता चला कि वीडियो मिस्र की अल-अज़हर यूनिवर्सिटी में हुए छात्रों के एक प्रदर्शन का है.

El-Badil के यूट्यूब चनैल पर अक्टूबर 2013 में अपलोड किया गया वीडियो.

साथ ही बताया गया है कि यूनिवर्सिटी में ‘मुस्लिम ब्रदरहुड’ से जुड़े छात्रों ने सेना और पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया था. इससे जुड़ी खबर अमेरिका की समाचार एजेंसी ‘Associated Press’ में 21 अक्टूबर, 2013 को छपी थी. इसके मुताबिक, यह प्रदर्शन अक्टूबर 2013 में मिस्र के तत्कालीन राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी की बहाली की मांग को लेकर हुआ था, जिन्हें वहां की सेना ने पद से हटा दिया था.

वीडियो पहले भी कई दफा भ्रामक दावों के साथ वायरल किया जा चुका है, जिसका समय-समय पर अंतरराष्ट्रीय फैक्ट चेकिंग संस्थानों ने खंडन किया है. उन रिपोर्ट्स को आप यहां और यहां देख सकते हैं.

नतीजा

कुल मिलाकर, मिस्र में 11 साल पहले हुए सांकेतिक प्रदर्शन का वीडियो हालिया हमास-इज़रायल जंग से जोड़कर किया जा रहा है.

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वीडियो: दुनियादारी: Israel-Hamas War के 200 दिन पूरे, अब तक क्या-क्या हुआ?

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