दावा28 के पीछे 14 जीरो. एक बार गिनने बैठो तो गिनते ही रह जाओ. फिलहाल आप दिमाग परज्यादा जोर मत लगाइए, हम आपकी मुश्किल आसान कर देते हैं. आसान भाषा में इसे कहेंगे28 लाख अरब. इस संख्या का जिक्र इसलिए क्योंकि एक अखबार की कटिंग में ये संख्यालिखी है और सोशल मीडिया पर वायरल है. दावा है कि 5G स्पेक्ट्रम की नीलामी में 2.8लाख करोड़ का नुकसान हुआ है.DMK विधायक Dr. T R B Rajaa ने वायरल कटिंग ट्वीट कर इसे भाजपा का 5G स्कैम बताया.(आर्काइव)In a righteous world / India this headline would've been a reality...Shouldn't this be the "Flag" being raised during the Independence day ...Reminding the world that the #5gScam is BJP's independence day gift to thenation! #5G_Scam_Bjp #5Gஊழல்_பாஜக pic.twitter.com/JGmPMUEg68— Dr. T R B Rajaa (@TRBRajaa) August 2, 2022लेखक अशोक कुमार पांडेय ने अखबार की वायरल कटिंग ट्वीट कर लिखा, (आर्काइव)ज़ीरो गिनिए और बताइए टाइम्स पर ED का छापा कितने दिनों में पड़ जाएगा?इनके अलावा गुजरात में भारतीय ट्राइबल पार्टी के विधायक छोटूभाई वसावा, यूपीकांग्रेस और कई और सोशल मीडिया यूज़र्स ने अखबार की कटिंग को शेयर कर ऐसे ही दावेकिए हैं.पड़ताल'दी लल्लनटॉप' ने वायरल दावे का सच जानने के लिए पड़ताल की. हमारी पड़ताल में वायरलदावा गलत निकला. जिस अखबार की कटिंग को शेयर किया जा रहा है वो असल में एडिटेड है.कुछ कीवर्ड्स की मदद से सर्च करने पर हमें अखबार की वायरल कटिंग की असली कॉपी मिली.ई-पेपर की असली कॉपी में अखबार की हेडलाइन है- 5G spectrum auctions earn Centre record Rs 1.5 lakh croreवायरल कटिंग और असली कॉपी की तुलना करने पर दोनों में अंतर साफ देखा जा सकता है.गौर से देखने पर हमें ख़बर में Pankaj Doval की बाइलान दिखाई देती हैं. इसके बादसर्च से हमें ट्विटर पर पंकज डोभाल का अकाउंट मिला. पंकज ने अपने ट्विटर अकाउंट पर2 अगस्त, 2022 को वायरल कटिंग की असली ई-कॉपी ट्वीट की है. That’s how the Business Page looks like when you start the day with recordspectrum auctions, and end the day with record auto sales…pic.twitter.com/R9Qee59Zfi— Pankaj Doval (@pankajdoval) August 2, 2022ज्यादा जानकारी के लिए हमने पंकज से संपर्क किया. उन्होंने बताया, 'वायरल स्क्रीनशॉट फेक है. मैंने 2 अगस्त, 2022 को टाइम्स ऑफ इंडिया के बिजनेस पेजपर 5G की नीलामी पर रिपोर्ट लिखी थी. अगले दिन यानी 3 अगस्त को मुझे पता चला कि कुछलोगों ने इसके एडिडेट वर्जन को शेयर किया है जो कि गलत है.'इसके अलावा 2 अगस्त, 2022 को टाइम्स ऑफ इंडिया की वेबसाइट पर भी इस रिपोर्ट कोपब्लिश किया गया था. '5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी सात दिन बाद सोमवार को बंद हो गई. इसने सरकारी खजाने केलिए रिकॉर्ड 1. 5 लाख करोड़ रुपये प्राप्त किए क्योंकि सरकार अब इस साल अक्टूबर सेमहानगरों और बड़े शहरों में हाई-स्पीड दूरसंचार सेवाएं शुरू करने की तैयारी कर रहीहै. मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो सबसे बड़ी खरीदार थी, जिसने 88,078 करोड़ रुपयेके स्पेक्ट्रम का अधिग्रहण किया. Jio के बाद सुनील मित्तल की Airtel ने 43,084करोड़ रुपये का स्पेक्ट्रम खरीदा, जबकि Vodafone Idea ने 18,799 करोड़ रुपये खर्चकिए. गौतम अडानी के अडानी डेटा नेटवर्क्स ने गुजरात, मुंबई, कर्नाटक, तमिलनाडु,राजस्थान और आंध्र प्रदेश में एयरवेव खरीदने के लिए 212 करोड़ रुपये खर्च किए.'नतीजा हमारी पड़ताल में वायरल दावा गलत साबित हुआ. अखबार की वायरल कटिंग फर्जी है जिसेअसली कटिंग के साथ छेड़छाड़ कर बनाया गया है. वायरल कटिंग की हेडिंग में 2.8 लाखकरोड़ रुपए के नुकसान होने के बात की जा रही है जबकि अखबार की असली कटिंग में 1.5लाख करोड़ की कमाई होने की बात लिखी गई है. पड़ताल की वॉट्सऐप हेल्पलाइन से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें. ट्विटर और फेसबुक पर फॉलो करने के लिए ट्विटर लिंक और फेसबुक लिंक पर क्लिक करें.