The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Fact Check
  • bangladesh unrest opposition party boycott indian product old video viral

बांग्लादेश में वायरल हो रहा भारतीय सामानों के बहिष्कार का वीडियो, सच्चाई परेशान करने वाली है

Bangladesh Unrest: बांग्लादेश में 5 अगस्त के बाद से जो राजनीतिक हालात बिगड़े हैं, उसे पूरी तरह से ठीक होने में अभी वक्त लगेगा. लेकिन इसी बीच एक वीडियो वायरल है जिसे शेयर करके कहा जा रहा कि नई सरकार के गठन के बाद बांग्लादेश में भारतीय प्रोडक्ट्स का बहिष्कार शुरू हो गया है.

Advertisement
pic
13 अगस्त 2024 (अपडेटेड: 13 अगस्त 2024, 06:47 PM IST)
bangladesh opposition party boycott indian product old video viral
बांग्लादेश में नई सरकार बनने के बाद भारतीय प्रोडक्ट्स के बहिष्कार किए जाने के वीडियो की सच्चाई. (तस्वीर:सोशल मीडिया)
Quick AI Highlights
Click here to view more

बांग्लादेश में 5 अगस्त के बाद से जो राजनीतिक हालात बिगड़े (Bangladesh Unrest) हैं, उसे पूरी तरह से ठीक होने में अभी वक्त लगेगा. शेख हसीना प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद शरण लेने भारत आ चुकी हैं. बांग्लादेश में अंतरिम सरकार का गठन हो गया है. अब इस सरकार के भारत के साथ कूटनीतिक रिश्ते कैसे रहेंगे, ये भविष्य बताएगा. लेकिन इसी बीच एक वीडियो वायरल है जिसे शेयर करके कहा जा रहा कि नई सरकार के गठन के बाद बांग्लादेश में भारत निर्मित समानों का बहिष्कार शुरू हो गया है. वीडियो में एक व्यक्ति दुकानों पर जाकर भारतीय ब्रांड को नहीं बेचने की अपील कर रहा है.

अभिमन्यू शर्मा नाम के एक यूजर ने सोशल मीडिया साइट ‘एक्स’ पर वायरल वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, 

“बांग्लादेश ने ‘भारतीय उत्पादों के बहिष्कार’ के लिए अपना अनौपचारिक अभियान शुरू कर दिया है. वीडियो में एक व्यक्ति दुकानदारों से पैराशूट ऑयल, डाबर शहद, उजाला वॉशिंग पाउडर जैसे ब्रांड बेचने को बंद करने को कहता हुआ देखा जा सकता है. उन्होंने अडानी का बहिष्कार करने का भी जिक्र किया है. ध्यान रहे, इस साल के बजट में भी भारत सरकार 120 करोड़ रुपए बांग्लादेश को अनुदान के तौर पर दे रही है.”

इसी तरह का दावा जितेंद्र सिंह नाम के एक यूजर ने भी किया. वायरल वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, 

“बांग्लादेश की नई सरकार  ने ‘भारतीय उत्पादों के बहिष्कार’ के लिए अपना आधिकारिक  अभियान शुरू किया.”

इसी तरह के दावे कई और अन्य यूजर्स ने किए हैं, जिनके पोस्ट आप यहां और यहां देख सकते हैं.

पड़ताल

क्या ''बॉयकॉट इंडियन प्रोडक्ट" के दावे से वायरल वीडियो बांग्लादेश में अंतरिम सरकार बनने के बाद का है? इसकी सच्चाई जानने के लिए हमने बांग्ला भाषा में फेसबुक पर कुछ कीवर्ड सर्च किए. हमें वायरल वीडियो से संबंधित दर्जनों पोस्ट मिले, जिन्हें अगस्त 2024 से पहले अपलोड किया गया था. इससे यह साफ हो गया कि वीडियो हाल में हुए तख्तापलट के बाद का नहीं है.

इन्हीं में से एक पोस्ट फरवरी 2024 में अपलोड किया गया था, जिसपर अभी तक 48 लाख व्यूज हैं. वीडियो तमन्ना फिरदौस शिखा नाम की एक राजनेता की प्रोफाइल से अपलोड किया गया था. उनके प्रोफाइल को थोड़ा स्कैन करने पर हमें वायरल वीडियो में नज़र आ रहे व्यक्ति की प्रोफाइल मिली. व्यक्ति का नाम है मोहम्मद तारिक रहमान. उनके प्रोफाइल पर ऐसे कई वीडियो हैं जिनमें वे भारतीय उत्पादों के बहिष्कार की बात कर रहे हैं.

तमन्ना फिरदौस के वीडियो का स्क्रीनशॉट
तमन्ना फिरदौस के वीडियो का स्क्रीनशॉट.

तारिक रहमान ने मीडिया संस्थान ‘बूम’ को बताया कि वीडियो फरवरी 2024 का है, जिसे ढाका जज कोर्ट से लगे बाजार के पास रिकॉर्ड किया गया था. यह भारतीय प्रोडक्ट के बहिष्कार को लेकर छेड़ी गई एक मुहिम का हिस्सा था.  

गौरतलब है कि जनवरी 2024 में बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार आने के बाद वहां के कुछ विपक्षी दलों ने भारतीय उत्पादों के बहिष्कार अभियान चलाया गया. इस मुहिम का नाम दिया गया था ‘इंडिया ऑउट’. ‘बीबीसी’ की मार्च 2024 में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, अभियान का विरोध करने वालों ने इसे भारत विरोधी पारंपरिक राजनीति का हिस्सा बताया था.  

नतीजा

कुल मिलाकर, बांग्लादेश में भारतीय उत्पादों के बहिष्कार का वायरल वीडियो फरवरी 2024 का है. इसे अगस्त में हुए तख्तापलट के बाद का बताए जाने का दावा भ्रामक है.

पड़ताल की वॉट्सऐप हेल्पलाइन से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें.
ट्विटर और फेसबुक पर फॉलो करने के लिए ट्विटर लिंक और फेसबुक लिंक पर क्लिक करें.

वीडियो: पड़ताल: बांग्लादेश में हिंसा के दौरान रवींद्रनाथ टैगोर की मूर्ति तोड़ी गई! दावे के फैक्ट करने पर क्या पता चला?

Advertisement

Advertisement

()