The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Fact Check
  • bangladesh old video violence shared as haryana nuh violence

क्या सड़क पर शख्स की पिटाई का यह वीडियो हरियाणा के नूंह का है?

वायरल वीडियो में कुछ लोग एक शख्स को सड़क पर बुरी तरह से पीटते नज़र आ रहे हैं.

Advertisement
pic
4 अगस्त 2023 (अपडेटेड: 11 सितंबर 2023, 02:55 PM IST)
 bangladesh old video violence shared as haryana nuh violence
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट (तस्वीर:ट्विटर@Harsh2147)
Quick AI Highlights
Click here to view more

हरियाणा के नूंह जिले के मेवात में पिछले कुछ दिनों से तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है. इस दौरान प्रशासन लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रही है. इसी बीच सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में लोगों का समूह एक व्यक्ति को बुरी तरह से पीटता नज़र आ रहा है.  

क्या हो रहा है दावा?

वायरल वीडियो को शेयर करके दावा किया गया कि यह हरियाणा के मेवात का वीडियो है.

वीडियो ट्वीट करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा, “सनातनी बंधुओ अब अगर मेवात पर नहीं जागे तो एक दिन तुम्हारा भी अंत ऐसा ही होने वाला है.”

(पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.)

कई अन्य ट्विटर (X) यूजर ने वायरल वीडियो को मेवात से जोड़कर शेयर किया है.


पड़ताल

‘दी लल्लनटॉप’ की पड़ताल में वायरल दावा भ्रामक निकला. वायरल वीडियो बांग्लादेश का है और 6 साल पुराना है.  

वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने Invid टूल्स की मदद से कुछ कीफ्रेम्स बनाए.इसके एक कीफ्रेम को गूगल रिवर्स सर्च करने पर हमें ‘जनसत्ता’ की वेबसाइट पर 2017 में छपी एक रिपोर्ट मिली. इसमें दी गई जानकारी के अनुसार, वीडियो बांग्लादेश का है.

इससे मदद लेते हुए हमने गूगल पर बांग्ला भाषा में कुछ कीवर्ड सर्च किए. हमें बांग्लादेश की मीडिया वेबसाइट ‘ढाका टाइम्स 24’ पर 2017 में छपी एक खबर मिली. इसमें बताया गया है कि यह घटना बांग्लादेश के कोमिला में अप्रैल 2017 को हुई थी. इस दौरान अबू सयैद नामक एक शख्स की कुछ लोगों ने पिटाई कर दी थी, जिसके बाद उसकी मौत हो गई.  

वायरल वीडियो कई साल पहले भी अलग-अलग दावों के साथ वायरल हो चुका है. साल 2019 में ‘इंडिया टुडे’ ने वायरल वीडियो का फैक्ट चेक किया था. इसके मुताबिक, नवंबर 2016 में बांग्लादेश की पार्टी अवामी लीग के नेता मोनीर हुसैन सरकार की हत्या हो गई थी. इसके लगभग पांच महीने बाद अप्रैल 2017 में एक गांव के लोगों ने उनके हत्यारों की बुरी तरह पिटाई कर दी. यह वीडियो उसी पिटाई का है, जिसे तब वहां के एक निवासी ने शेयर किया था.

नतीजा

कुलमिलाकर, हमारी पड़ताल में दावा भ्रामक निकला. बांग्लादेश का 6 साल पुराना वीडियो नूंह से जोड़कर भ्रामक दावे के साथ शेयर किया गया है.


पड़ताल की वॉट्सऐप हेल्पलाइन से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें.

ट्विटर और फेसबुक पर फॉलो करने के लिए ट्विटर लिंक और फेसबुक लिंक पर क्लिक करें.
 

Advertisement

Advertisement

()