भारती एक ऐसा नाम है, जिनको कॉमेडी के फ़ील्ड में एक लंबे समय तक इकलौती औरत होने केलिए जाना गया. स्क्रीन पर आती, एक गोल सी, पंजाबी टच के साथ भारी आवाज वाली लड़की.जो किसी को 'सेक्सी', या 'सुंदर' नहीं लगी. हां 'फनी' और 'क्यूट' शायद उसे बहुतलोगों ने कहा हो. हमारे समाज में लड़की का मोटा होना बड़ी बुरी बात होती है. लड़कियोंके लिए हमेशा वजन घटाने पर जोर दिया जाता है. लड़कियों को फेसबुक से लेकर ट्विटर परखूब 'बॉडी शेम' करते देखा गया है. भारती का नया ऐड आया. जॉय बॉडी लोशन का. जिसमेंवो अपने बारे में बात करती दिख रही हैं. यानी भारती, भारती का ही किरदार कर रहीहैं. वो बात करती हैं कि कैसे मोटी होती हुए भी वो खूबसूरत हैं. कैसे उन्होंने अपनेमोटे होने के अपनी पहचान में बदल डाला. ऐड देखिए.https://www.youtube.com/watch?v=5q40j5nOBN8 पहली नजर में ये ऐड हमें बहुतप्रोग्रेसिव लगता है. लेकिन फिर टेक्निकली और थ्योरीटिकली देखूं तो एक बहुत बड़ीखामी नजर आती है. मुमकिन है कि आप मुझसे इस बात पर असहमत हों. लेकिन मुझे लगता हैकि इस ऐड में मोटे शरीर को लेकर स्टीरियोटाइप तोड़े नहीं, उनके सामने घुटने टेके जारहे हैं. हम देखते हैं कि भारती ऐड शूट कर रही हैं. फिर कट होता है, शूटिंग ख़त्महोती है. और हमें जिस दुनिया में भारती ले जाती हैं, वो कैमरे के सामने की नहीं,पीछे की है. भारती हमें बताती हैं किस तरह उन्होंने अपने मोटापे को अपनी पहचान बनालिया है. और ऐसा करने के बाद वो कॉमेडी क्वीन बन चुकी हैं. जिस बात की ओर मैं आपकाध्यान खींचना चाहती हूं वो ये है कि भारती इस ऐड में किसी मोटी लड़की का रोल नहीं कररहीं, खुद अपना रोल कर रही हैं. और इसीलिए हम इस ऐड को उनकी प्रोफेशनल लाइफ सेजोड़कर देखेंगे. बल्कि भारती ये चाहती हैं कि आप ये ऐड उनके पेशे से जोड़कर देखें.बात भारती के पेशे की. शायद इसमें भारती का इतना दोष नहीं कि इंडिया में कॉमेडी कामतलब मजाक उड़ना है. अपना, या किसी और का. बिना किसी की शक्ल, किसी के शरीर, किसी कीसेक्स चॉइस, अपंगता या कमी का मजाक उड़ाए लोग हंस नहीं पाते. जिस शरीर को अपनी पहचानबनाने की बात कर रही हैं, उसी शरीर का मजाक बनाकर उन्होंने सफलता हासिल की है.भारती के हर कॉमेडी एक्ट में कहीं न कहीं ये बात जरूर होती हैं कि वो कितनी मोटीहैं. कई बार वो स्टेज पर आकर किसी 'आइटम गर्ल' की तरह नाचने लगेंगी, और लोगों सेइसपर हंसना अपेक्षित होगा. इसलिए नहीं कि वो बुरा नाचती हैं. बल्कि इसलिए कि वोमोटी होकर नाच रही हैं. हर बार उनका स्टेज पर होना ही हास्यास्पद होता है, उनकेशरीर की बनावट की वजह से. और फिर चुटकुलों का सिलसिला कुछ यूं होता है: वो कितनाखाती हैं, वो कितनी बड़ी पहलवान हैं, किस तरह वो सिंगल हैं क्योंकि वो मोटी हैं, किसतरह उनकी सुहागरात एक हंसने वाली बात है, किस तरह पुरुष उनसे डर जाते हैं क्योंकिउनका वजन इतना ज्यादा है. कुल मिलाकर भारती की कॉमेडी इस बात से उपजती है कि वोमोटी हैं. यहां तक कि पत्रकारों के सामने या अपने इंटरव्यूज में भी वो 'मैंनेआते-आते चार समोसे ठूंस लिए', या 'अब मैं आ गई हूं, किसी और को खाने को नहींमिलेगा', जैसी बातें आसानी से बोल जाती हैं. बेशक, ये उनकी पॉजिटिव स्पिरिट है,लेकिन मोटापे पर हंसना, चाहे हो अपना ही हो, कहां की कॉमेडी है? जब भारती ये कहतीहैं कि उन्हें आजतक किसी ने ब्यूटीफुल नहीं कहा, ऐसा लगता है कि वो लोगों से किसीतरह की तारीफ की तलाश में थीं. जैसे वो चाह रही थीं कि कोई उन्हें ब्यूटीफुल कहे.'ब्यूटीफुल' यानी सुंदरता की पुरुषवादी परिभाषा-- '36-24-36'. अगर वो अपने शरीर कोलेकर कॉन्फिडेंट हैं, उन्हें 'खूबसूरत' शब्द की परिभाषा में फिट होने की जरूरत नहींहै. अगर भारती इस ऐड से लोगों को ये संदेश देना चाहती हैं कि मोटे लोग हंसी कापात्र नहीं होते, कि मोटे लोग खूबसूरत होते हैं, तो उन्हें इस तरह के ऐड नहीं, अपनेएक्ट्स की स्क्रिप्ट्स पर काम करने की जरूरत है.