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दाऊद के जिस दुश्मन का रोल इरफान करने वाले थे, अब वो पिच्चर कार्तिक आर्यन के साथ बनेगी

Vishal Bhardwaj पहले Deepika Padukone और Irrfan Khan को लेकर Sapna Didi और Hussain Ustara पर फिल्म बनाने वाले थे. लेकिन अब इसे Kartik Aaryan के साथ बनाया जाएगा.

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साल 2018 में 'सपना दीदी' के नाम से इस फिल्म को अनाउंस किया गया था.
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1 अप्रैल 2024
Updated: 1 अप्रैल 2024 15:08 IST
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कुछ दिन पहले खबर आई थी ki Kartik Aaryan और Vishal Bhardwaj एक थ्रिलर फिल्म पर साथ काम करने वाले हैं. अब इस फिल्म को लेकर बड़ा अपडेट आया है. बताया जा रहा है कि ये गैंगस्टर हुसैन उस्तरा (Hussain Ustara) के जीवन पर आधारित होगी. कहानी के केंद्र में हुसैन और लेडी डॉन सपना दीदी होंगे. PeepingMoon की रिपोर्ट के मुताबिक हुसैन वाला रोल कार्तिक करेंगे. बाकी सपना के लिए अभी कोई नाम फाइनल नहीं हुआ है. मेकर्स किसी बड़ी एक्ट्रेस को ही फाइनल करना चाहते हैं.   

हुसैन उस्तरा वो गैंगस्टर था जिसकी दाऊद इब्राहिम से दुश्मनी थी. विशाल भारद्वाज ने कई साल पहले उसकी कहानी पर एक स्क्रिप्ट लिखी थी. तब इरफान खान और दीपिका पादुकोण को लीड में लेकर ये फिल्म बनाने का प्लान था. हालांकि वो कहानी कभी बन नहीं पाई. इसी वजह से विशाल अब उस फिल्म को नए सिरे से शुरू कर रहे हैं. आज के समय के हिसाब से स्क्रिप्ट में कुछ बदलाव भी किए गए हैं. पहले इस कहानी को सपना दीदी के नज़रिए से दिखाया जाना था, लेकिन अब ये हुसैन उस्तरा की कहानी होगी. बॉलीवुड हंगामा के मुताबिक ये फिल्म 150 करोड़ रुपए के बजट में बनेगी. साजिद नाडियाडवाला इसे प्रोड्यूस कर रहे हैं. सब कुछ सही रहा तो सितंबर 2024 में फिल्म की शूटिंग शुरू हो जाएगी. फिल्म से जुड़े तमाम बड़े अपडेट आते रहेंगे, लेकिन उससे पहले हुसैन उस्तरा और सपना दीदी की कहानी जान लीजिए. 

# हुसैन उस्तरा और सपना दीदी की असली कहानी      

‘डोंगरी टू दुबई’ के राइटर एस हुसैन जैदी अपने सोशल मीडिया पर ’द सोर्स’ नाम की एक सीरीज़ चलाते हैं. वहां वो अलग-अलग गैंगस्टरस के बारे में जानकारी देते हैं. हुसैन ने ‘उस्तरा’ पर भी एक पोस्ट बनाया. बताया कि उसका असली नाम हुसैन शेख था. 16 साल की उम्र में हुसैन शेख की किसी से लड़ाई हो गई. उसके हाथ में उस्तरा था. तैश में आकर उसने सामने वाले शख्स पर उस्तरे से हमला कर दिया. बताते हैं कि कंधे से लेकर नीचे तक एक लंबा चीरा लग चुका था. उस शख्स को तुरंत डॉक्टर के पास ले जाया गया. उसकी स्थिति गंभीर होती जा रही थी. डॉक्टर ऐसा कट देखकर दंग थे. उन्हें समझ नहीं आया कि ऑपरेट कैसे किया जाए. उनके मुताबिक इतना साफ कट कोई सर्जन ही कर सकता था, और वो भी अपने स्केल्पल की मदद से. इस घटना के बाद से हुसैन शेख ‘हुसैन उस्तरा’ या ‘उस्तरा भाई’ के नाम से पहचाना जाने लगा.

इस कहानी की दूसरी पहलू है सपना दीदी. उसका असली नाम अशरफ खान था. उसका पति महमूद दुबई में काम किया करता था. किसके साथ काम करता था, पैसा कैसे कमाता था, इसके बारे में न महमूद ने कभी अशरफ को बताया और न ही अशरफ ने कभी पूछा. एक बार दुबई से फोन आया. पता चला कि शाम की फ्लाइट से महमूद मुंबई आ रहा है. अशरफ उससे मिलने के लिए एयरपोर्ट पहुंची. महमूद उसकी आंखों के सामने था. लेकिन अगले ही पल गोलियों की आवाज़ आई. महमूद नज़र से ओझल हो गया. अफरा-तफरी के बीच अशरफ को ढूंढने की कोशिश कर रही थी. फिर एक पुलिसवाले ने उसे JJ हॉस्पिटल जाने को कहा. अशरफ अस्पताल पहुंची. वहां एक कोने में बिस्तर पर महमूद की लाश पड़ी थी. उसे गोलियों से भून डाला गया था. अशरफ को समझ नहीं आया कि पुलिस ने उसके पति को क्यों मार डाला था. 

अगले दिन हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस से पता चला कि महमूद को अंडरवर्ल्ड में महमूद कालिया के नाम से जाना जाता था. महमूद अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के लिए काम करता था. दाऊद की किसी बात से इंकार करने पर उसके गुर्गों ने पुलिस से मुखबिरी कर दी थी. और वो एनकाउंटर में मारा गया था. अशरफ को जब इस सच्चाई का पता चला, वो दाऊद से बदला लेने के लिए आतुर हो गई. सपना की अंडरवर्ल्ड से पहली मुलाक़ात हुई हुसैन उस्तरा के ज़रिए. हुसैन का अपना गैंग था और उसकी दाऊद से नहीं बनती थी. किसी ने ये बात अशरफ को बताई और वो सीधे हुसैन से मिलने पहुंच गयी. हुसैन पहले तो उसकी बात सुनकर हंसा लेकिन फिर उसके पक्के इरादे सुनकर मदद के लिए तैयार हो गया. उसने अशरफ को मार्शल आर्ट्स और हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी. दोनों पक्के दोस्त बन गए. हुसैन की मदद से अशरफ ने दाऊद के ठिकानों पर जासूसी शुरू कर दी. मुंबई में दाऊद के ड्रग्स के, सट्टेबाज़ी के धंधे चलते थे. अशरफ इन सब के बारे में पुलिस को बताने लग गई. और जल्द ही पुलिस की एक पक्की इनफॉर्मर बन गई. 

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भारत-पाक क्रिकेट मैच में दाऊद इब्राहिम को मारने की प्लैनिंग की गई थी. 

अशरफ का नाम सपना दीदी कैसे पड़ा, इसके पीछे भी एक अलग कहानी है. एक रोज़ अशरफ को पता चला कि दाऊद का सबसे बड़ा दुश्मन अरुण गवली है. अशरफ ने उससे जाकर मदद मांगी लेकिन गवली ने ये कहकर मदद करने से इंकार कर दिया कि वो "उस जैसे" लोगों का भरोसा नहीं कर सकता. अशरफ को समझ आ गया कि अशरफ बने रहने से काम नहीं चलने वाला. उस दिन से उसने अपना नाम बदलकर सपना कर लिया. सपना ने अपनी गैंग बना ली थी. वो लोग दाऊद के स्मगलिंग वाले माल को लूटते, और उसे बेचकर मुनाफा बनाते. आगे सपना ने एक क्रिकेट मैच के दौरान दाऊद को मरवाने की कोशिश भी की, लेकिन वो प्लान कामयाब नहीं हो पाया. हालांकि तब दाऊद के राइट हैंड रहे छोटा शकील को सपना के प्लान के बारे में पता चल चुका था. एक रोज़ जब सपना अपने घर में लेटी हुई थी. शकील के कुछ लड़के आधी रात घर में दाखिल हुए. और सपना को उठाकर ले गए. उसी के घर के नीचे चाकुओं से गोद गोद कर सपना की हत्या कर दी गई.

सपना की मौत के बाद भी कई सालों तक हुसैन अपना गैंग चलाता रहा. सितम्बर 1998 में हुसैन अपने आदमियों को पीछे छोड़ अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने गया. यहां बिल्डिंग से बाहर निकलकर जब वो अपनी कार की तरफ बड़ा, शकील के लड़कों से उसे गोलियों से छलनी कर दिया.  

हुसैन उस्तरा का रोल कार्तिक आर्यन करेंगे. बाकी सपना दीदी के लिए मेकर्स किसी बड़े नाम को लॉक करने की कोशिश कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि 2025 में फिल्म को रिलीज़ किया जाएगा.

       
 

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