The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Entertainment
  • The Tashkent Files Trailer: Starring Mithun Chakraborty, Naseerudin Shah and Pankaj Tripathi directed by Vivek Agnihotri

प्रधानमंत्री शास्त्री की मौत का राज़ खोलने वाली फिल्म का ट्रेलर देखकर आप झन्ना जाएंगे

ये फिल्म हाल-फिलहाल में आई पॉलिटिकल फिल्मों से अलग और दिलचस्प लग रही है.

Advertisement
pic
25 मार्च 2019 (अपडेटेड: 25 मार्च 2019, 12:15 PM IST)
Img The Lallantop
ये लाल बहादुर शास्त्री के आखिरी समय का एक वीडियो क्लिप का स्क्रीनग्रैब है, जो फिल्म में भी इस्तेमाल किया गया है.
Quick AI Highlights
Click here to view more
पिछले कुछ समय से पॉलिटिकल फिल्में ट्रेंड में आ गई हैं. खंगालने पर कई ऐसी फिल्में मिल जाएंगी, जो इस बात की पुष्टि करेंगी. इनमें से अधिकतर बायोपिक रहीं हैं. माने की ज़िंदगी पर आधारित. अब ऐक ऐसी फिल्म आ रही है, जो नेचर में तो पॉलिटिकल है लेकिन बायोपिक नहीं है. एक खास मुद्दे के बारे में है. फिल्म का नाम है 'दी ताशकंद फाइल्स'. फिल्म का पहला पोस्टर 19 मार्च को लॉन्च किया गया था और अब उसी फिल्म का ट्रेलर आ गया है. फिल्म और ट्रेलर से जुड़ी बातें आप नीचे जानेंगे.
1) ये फिल्म है भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की रहस्मयी मौत के बारे में. शास्त्री जी की मौत 11 जनवरी, 1966 को हुई थी. हुआ ये था कि इंडिया-पाकिस्तान वॉर चल रहा था. इस युद्ध को रोकने और भारत-पाकिस्तान के बीच के मसले को सुलझाने के लिए उज्बेकिस्तान के ताशकंद में एक मीटिंग होनी थी, जो तब सोवियक संघ के अंतर्गत आता था. इस मीटिंग को नाम दिया गया 'ताशकंद अग्रीमेंट'. 4 से 10 जनवरी, 1966 तक चलने वाली इस मीटिंग का मकसद ये था कि इंडिया-पाकिस्तान के बीच समझौता हो जाए और युद्ध की स्थिति खत्म हो. इस वॉर में एक-दूसरे की छीनी या हथियाई गईं जमीनें भी वापस की जानी थीं. इस मीटिंग में लाल बहादुर शास्त्री और मो. अयूब खान के बीच सोविएत संघ मध्यस्थता कर रहा था.
ताशकंद डेक्लेरेशन के दौरान लाल बहादुर शास्त्री और मो. अयूब खान.
ताशकंद डेक्लेरेशन के दौरान लाल बहादुर शास्त्री और मो. अयूब खान.

2) लेकिन हुआ कुछ ऐसा कि अग्रीमेंट साइन होने की ही रात 2 बजे ताशकंद में शास्त्री जी की मौत हो गई. लाल बहादुर शास्त्री की मौत को लेकर तरह-तरह की थ्योरीज़ चलीं बावजूद इसके कुछ साफ नहीं हो पाया. कुछ लोगों का मानना था कि शास्त्री जी को जहर दे दिया गया है और कुछ लोगो मौत का कारण हार्ट अटैक बता रहे थे. भारत सरकार ने उनकी मौत से जुड़े मामले पर कोई जानकारी नहीं दी. साथ ही उनकी मौत से जुड़े डॉक्यूमेंट भी इंटरनेशनल रिलेशन के खराब होने की बात कहकर डिक्लासीफाई (आम जनता के लिए उपलब्ध नहीं कराया गया) नहीं किए गए.
फिल्म में नसीरुद्दीन शाह होम मनिस्टर पीकेआर नटराजन नाम का किरदार निभा रहे हैं और मिथुन का कैरेक्टर अपोजिशन लीडर श्याम सुंदर त्रिपाठी का होगा.
फिल्म में नसीरुद्दीन शाह होम मनिस्टर पीकेआर नटराजन नाम का किरदार निभा रहे हैं और मिथुन का कैरेक्टर अपोजिशन लीडर श्याम सुंदर त्रिपाठी का होगा.

3) 'दी ताशकंद फाइल्स' का ट्रेलर देखकर लग रहा है, मेकर्स का कॉन्सेप्ट क्लीयर है. उन्हें कायदे से पता है कि उन्हें क्या दिखाना है. पूरे ट्रेलर में आपको एक भी जगह इस मुद्दे से भटकने नहीं दिया जाता. जिस राज़ को खोलने के बारे में फिल्म बात कर रही है, अब वो खुलेगा या नहीं अभी ये नहीं पता. इस मौत का राज़ न खोलने से किसी को क्या फायदा हो सकता है? या हुआ है. संभवत: फिल्म में इस मामले को भी टटोलने की कोशिश की जाएगी. एक बार को सुभाष चंद्र बोस का भी ज़िक्र आता है. ये फिल्म फैक्चुअली कितनी ऊपर-नीचे है, ये फिल्म देखने पर पता चलेगा. लेकिन ये ट्रेलर पिछले कुछ समय में आईं (एकाध साल के अंतराल में) पॉलिटिकल फिल्मों में सबसे ठीक लग रहा है.
इस फिल्म में पंकज त्रिपाठी साइंटिस्ट गंगाराम झा का रोल कर रहे हैं.
इस फिल्म में पंकज त्रिपाठी साइंटिस्ट गंगाराम झा का रोल कर रहे हैं.

4) इस फिल्म को बना रहे हैं विवेक अग्निहोत्री. विवेक अपने विवादास्पद बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं. 2005 में आई फिल्म 'चॉकलेट' से अपना करियर शुरू करने वाले विवेक ने आगे 'दन दना दन गोल' (2007), 'हेट स्टोरी' (2012), 'बुद्धा इन अ ट्रैफिक जैम' (2016) जैसी फिल्में डायरेक्ट कर चुके हैं.
आए दिन विवेक लगातार पॉलिटिकल वाद-विवाद में शामिल रहते हैं.
आए दिन विवेक लगातार पॉलिटिकल वाद-विवाद में शामिल रहते हैं.

5) विवेक की टीम इस फिल्म पर पिछले तीन साल से रिसर्च का काम कर रही थी. जनवरी, 2018 में विवेक ने अपनी ये फिल्म अनाउंस की थी. इसके बाद उन्होंने ट्विटर पर मौजूद लोगों से शास्त्री जी से जुड़ी जानकारी मांगी. इसे क्राउड सोर्सिंग कहते हैं. विवेक का मानना है कि ये एक पॉलिटिकल आदमी के ऊपर बनी 'अपॉलिटिकल' (Apolitical) फिल्म होगी.
मंदिरा बेदी फिल्म में इंदिरा जोसफ रॉय नाम के सामाजिक कार्यकर्ता और श्वेता प्रसाद एक जर्नलिस्ट का रोल कर रही हैं.
मंदिरा बेदी फिल्म में इंदिरा जोसफ रॉय नाम के सामाजिक कार्यकर्ता और श्वेता प्रसाद एक जर्नलिस्ट का रोल कर रही हैं.

6) इस फिल्म में नसीरुद्दीन शाह (सरफरोश, डर्टी पिक्चर), मिथुन चक्रवर्ती (डिस्को डांसर, अग्निपथ), पंकज त्रिपाठी (मसान, न्यूटन), विनय पाठक (भेजा फ्राई, बदलापुर), मंदिरा बेदी (दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे, इत्तेफ़ाक), प्रकाश बेलावाड़ी (एयरलिफ्ट, तलवार) और श्वेता बासु प्रसाद (मकड़ी, बद्रीनाथ की दुल्हनिया) जैसे एक्टर्स काम कर रहे हैं. फिल्म का पहला पोस्टर 19 मार्च को लॉन्च करते हुए फिल्म की रिलीज़ डेट अनाउंस की गई. 'दी ताशकंद फाइल्स', नरेंद्र मोदी की बायोपिक (5 अप्रैल) के ठीक अगले हफ्ते यानी 12 अप्रैल को रिलीज़ होगी. फिल्म का ट्रेलर आप यहां देख सकते हैं:



वीडियो देखें: फिल्म PM नरेंद्र मोदी के क्रेडिट्स में एक झूठा नाम दिया गया है?

Advertisement

Advertisement

()