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"कोई ऐसा मक़बरा देखा है, जिस पर गुम्बद हो? ताज महल का DNA टेस्ट करवाया जाए"

परेश रावल ने ताज महल के अस्तित्व पर उठाए सवाल, कहा- "ये मोहब्बत की नहीं, भीषण नरसंहार की निशानी."

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16 अक्तूबर 2025 (अपडेटेड: 16 अक्तूबर 2025, 08:42 PM IST)
Paresh Rawal, The Taj Story
परेश रावल स्टारर 'दी ताज स्टोरी' का ट्रेलर 16 अक्टूबर को आया. फिल्म 31 अक्टूबर को रिलीज़ होगी
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“Taj Mahal का DNA टेस्ट करा लो, पता चल जाएगा वो हिंदू है मुसलमान...” 

सुनने में अटपटा सा लगता है. मगर Paresh Rawal ने ये बात कही है. और जिस वज़नदारी से कही है, उसके चलते वो सुर्खियों में हैं. दरअसल ये बात उन्होंने अपनी अपकमिंग फिल्म The Taj Story के ट्रेलर में कही, जो गुरुवार को रिलीज़ किया गया. फिल्म में उन्होंने ताज महल के टूरिस्ट गाइड का किरदार निभाया है. नाम है विष्णु दास. तीन मिनट के इस ट्रेलर के मुताबिक़ ये गाइड, ताज महल पर केस कर देता है. उसका दावा है कि ताज महल असल में एक मंदिर है. वो ताज महल पर केस ठोक देता है. मामला कोर्ट पहुंचता है. और जिरह में वो ऐसा बहुत कुछ कहता है, जिससे कई लोग उखड़ सकते हैं. या यूं कहें कि उखड़ रहे हैं.

ट्रेलर में परेश रावल की कही 5 ये बातें सुर्खियों में हैं

1. ताज महल मोहब्बत की नहीं, ये क्रूरता और वीभत्स नरसंहार की कहानी है. 

2. दुनिया में कोई ऐसा मक़बरा कभी देखा है, जिसके ऊपर गुम्बद हो? गुम्बद पर कलश हो? ताज महल का DNA टेस्ट करवाया जाए.

3. कहीं शाहजहां कन्फ्यूज़ तो नहीं थे, कि मैं मक़बरा बनाऊं कि मंदिर बनाऊं?

4. एक संवाद में विपक्षी वकील पूछता है- शाहजहां मंदिर क्यों बनावाएंगे? विष्णु दास कहता है- हां उनका काम तो तुड़वाने का था.

5. क्या था ताजमहल के तहखाने में बने 22 कमरों में, जो रातोंरात दीवारों में चुनवा दिए गए?

न्यूज़ 18 को दिए इंटरव्यू में परेश रावल ने इस फिल्म और इसमें उनके किरदार के बारे में बात की. कहा,

“मेरा किरदार विष्णु दास साहसी और दृढ़ निश्चयी है. ताज महल के सच से पर्दा हटाने की उसकी यात्रा के ज़रिए ये फिल्म ज़मानों से चली आ रही मान्यताओं को ललकारती है. इतिहास को क्रिटिकल दृष्टिकोण देखने पर ज़ोर देती है. मुझे गर्व है एक ऐसी कहानी का हिस्सा बनने पर, जो मुश्किल सवाल पूछती है. जो बड़ी सच्चाई और ईमानदारी से हमारे अतीत पर रोशनी डालती है.”

इस इंटरव्यू में फिल्म के डायरेक्टर तुषार अमरीश गोयल ने कहा कि ये महज़ एक फिल्म नहीं है. बल्कि वो अधूरा छूटा हुआ संवाद है, जो सालों पहले पूरा हो जाना चाहिए था. उन्होंने कहा,

“ट्रेलर तो बस एक झलक है. मैं उत्साहित हूं ये सोचकर कि फिल्म में लोग इतिहास की पूरी यात्रा देखेंगे.”

हम याद दिला दें कि ‘दी ताज स्टोरी’ का पहला पोस्टर भी विवादों में आ गया था. उसमें परेश रावल ताज महल का गुम्बद हटाकर उसमें से शिवजी की मूर्ति को दिखाते नज़र आ रहे थे. इस पोस्टर पर लिखा था,

“क्या वाकई ताज महल शाहजहां ने बनवाया था…?”

जैसे ही बवाल हुआ, मेकर्स और परेश रावल ने ये पोस्ट डिलीट कर दी. और आनन-फानन में एक स्टेटमेंट जारी किया. जिसमें बताया कि ये फिल्म का पोस्टर किसी भी धार्मिक धार्मिक मुद्दे से संबंधित नहीं है. ये पूरी तरह से ऐतिहासिक तथ्यों पर केंद्रित है. 

मुग़ल शासक शाहजहां द्वारा बनवाया गया ताज महल पहले भी विवादों में रह चुका है. इसके बारे में कई थ्योरीज़ प्रचलित हुईं. इनमें सबसे ज़्यादा हवा उस थ्योरी को मिली, जिसमें कहा गया है कि ताज महल शिव मंदिर के ऊपर बनाया गया है. हालांकि किसी भी प्रख्यात इतिहासकार ने इस दावे का समर्थन नहीं किया. न ही ये बात अब तक सिद्ध हो सकी है. बहरहाल, तुषार अमरीश गोयल के डायरेक्शन में बनी ये फिल्म 'दी ताज स्टोरी' 31 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज़ की जाएगी. इसमें ज़ाकिर हुसैन, अमृता खानविलकर, स्नेहा वाघ और नमित दास ने भी अहम किरदार निभाए हैं.

वीडियो: परेश रावल ने ताजमहल पर ऐसा क्या पोस्ट कर दिया कि हंगामा मच गया?

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