फिल्म रिव्यू- The Gray Man
ये फिल्म विचारधारा से अपनी बात शुरू करती है. मगर विचार कहीं पीछे ही छूट जाता है. दर्शकों के हिस्से सिर्फ धारा-प्रवाह एक्शन बच जाता है.

नेटफ्लिक्स की मच अवेटेड फिल्म The Gray Man रिलीज़ हो चुकी है. जैसे कि नाम से साफ हो रहा है कि ये फिल्म ब्लैक एंड वाइट में डील नहीं करने वाली. ये फिल्म अच्छे और बुरे के बीच बसने वाले ग्रे शेड वाले नायक की कहानी बताती है.
इस नायक का नाम है कोर्ट जेंट्री. वो एक मर्डर केस में जेल रहा है. उसकी काबिलियत से प्रभावित होकर CIA उसे एक ऑफर देती है. हमारे लिए काम करोगे, तो सज़ा माफ हो जाएगी. जेंट्री मान जाता है. उसे कोड नेम दिया जाता है- Sierra 6. CIA चीफ डेनी कारमाइकल सिक्स को एक ऑपरेशन के लिए चुनता है. सिक्स को एक 'बैड गाय' को मारकर उसके पास रखी चिप हासिल करनी है. सिद्धांतों और नैतिकता में यकीन करने वाला सिक्स जब उस आदमी को मारता, तब उसे पता चलता है कि वो बुरा आदमी नहीं है. इसलिए वो चिप डेनी के हवाले करने की बजाय उसे छुपाकर खुद गायब हो जाता है. उस चिप में इतनी खतरनाक जानकारियां हैं, जो डेनी की नौकरी खा सकती हैं. इसलिए वो सिक्स को खत्म करने के लिए हैंसन लॉयड को बुलाता है. हैंसन एक साइकोपैथिक प्राइवेट मर्सेनरी है, जो इल्लीगल तरीके से ऑपरेट करता है. कहानी ये है कि हैंसन, सिक्स को खत्म करके वो चिप ढूंढ पाता है या नहीं.
The Gray Man बुनियादी तौर पर आइडियोलॉजी की बात करती है. वो एक अच्छा आदमी चुनती है, जो क्रिमिनल है. अच्छा आदमी और क्रिमिनल होना, थोड़ा वीयर्ड कॉम्बिनेशन है. इस बारे में Better Call Saul में बड़े थॉटफुल तरीके से बात होती है. जो बताती है कि ज़रूरी नहीं कि हर क्रिमिनल एक बुरा आदमी ही हो. सीरीज़ में एक सीन है जहां एक नौसिखिया ड्रग डीलर और माइक अर्मनट्रॉट की बातचीत चल रही है. माइक कहता है-
इसके जवाब में वो आदमी कहता है-
इसके जवाब में माइक उससे जो कहता है, वो इस सीरीज़ की सबसे मारक और यादगार बातों में से एक है. वो कहता है-
तो अपना कोर्ट जेंट्री उर्फ सिएरा सिक्स जो है, वो एक good criminal है. जिसका सामना हैंसन नाम के एक साइकोपैथिक विलन से होता है. हैंसन आउट एंड आउट नेगेटिव कैरेक्टर है. उसके लिए कोई ग्रे एरिया नहीं है, वो ब्लैक में खेलता है. और वो अपना मक़सद पूरा करने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है. ये आपको दो मुख्य किरदार हो गए. जो एक-दूसरे के साथ चूहे-बिल्ली का खेल खेल रहे हैं. मगर उनकी इस लड़ाई में कोई बात या विचार नहीं है. सिर्फ एक्शन है. बेमतलब का एक्शन है. बढ़िया क्वॉलिटी का एक्शन. मगर सिर्फ एक्शन.
ये फिल्म विचारधारा से अपनी बात शुरू करती है. मगर विचार कहीं पीछे ही छूट जाता है. दर्शकों के हिस्से सिर्फ धारा-प्रवाह एक्शन बच जाता है. मगर वो बहुत ही वेल कोरियोग्राफ्ड और शानदार टाइप का एक्शन है. दुनियाभर के खूबसूरत लोकेशंस. फैंसी एक्शन ब्लॉक्स. दो काफी गुड लुकिंग लोगों की लड़ाई. कार से लेकर ट्राम, बिल्डिंग, जहां देखो बमबारी-गोलीबारी चल रही है. मगर ये एक्शन फिल्म को बेहतर बनाने में कोई मदद नहीं करता. मैं निजी तौर पर एक्शन फिल्मों को समझने के लिए एक तरीका इस्तेमाल करता हूं. मैं उस फिल्म से एक्शन निकाल देता हूं. अगर फिर भी वो देखने लायक कहानी बची रहती है, तो उसे मैं अच्छी एक्शन फिल्म मानता हूं. क्योंकि एक्शन सिर्फ फिलर हो सकता है. वो कहानी को रिप्लेस नहीं कर सकता. आप सवा दो घंटे तक लगातार सिर्फ एक्शन नहीं देख सकते. आपको कुछ सब्सटंस चाहिए. अगर वो नहीं हो, तो फिल्म खोखली लगती है. 'द ग्रे मैन' वही खोखली फिल्म है.
रायन गॉस्लिंग ने फिल्म में कोर्ट जेंट्री यानी सिएरा सिक्स का रोल किया है. वो क्रिमिनल कैसे बना, उसकी एक बैकस्टोरी है. जो चीज़ उसे क्रिमिनल होने के साथ अच्छा आदमी बनाती है. रायन गॉस्लिंग पूरी फिल्म में डेड-पैन एक्सप्रेशन के साथ दिखाई देते हैं. ये चीज़ उस कैरेक्टर के साथ एक मिस्ट्री एलीमेंट ऐड करती है. आपको लगता है कि यार इस आदमी को कोई चीज़ चौंका नहीं रही. वो किसी चीज़ से दुखी या निराश नहीं हो रहा. फिल्म में एक सीन है, जहां मौत के मुंह से निकलने के बाद जेंट्री पांच सेकंड तक शून्य में ताकता है. फिर चुपचाप आकर CIA एजेंट मिरांडा के कार में आकर बैठ जाता है. मुझे नहीं लगता कि उस सीन में कोई भी डायलॉग, उस चुप्पी से ज़्यादा वजनदार हो सकता था.
हैंसन लॉयड का रोल किया है क्रिस एवंस ने. क्रिस को मार्वल की फिल्मों में 'कैप्टन अमेरिका' का रोल करने के लिए जाना जाता है. वो यहां एक नेगेटिव किरदार में देखने को मिलते हैं. उस कैरेक्टर की एक कॉमिक अंडरटोन है. मगर वो सनकी है. उसने साढ़े पांच साल तक CIA के लिए काम किया. फिर निकाल दिया गया. क्योंकि वो अपने सब्जेक्ट्स के साथ बहुत क्रूर तरीके से पेश आता था. इसलिए अब वो फ्रीलांस मर्सेनरी बन गया है. क्रिस एवंस की परफॉरमेंस को आप एंजॉय करते हैं. अना दे आर्मस ने CIA एजेंट मिरांडा का रोल किया है. जो कि अधिकतर मौकों पर कोर्ट जेंट्री की मदद करती हुई नज़र आती है.
'द ग्रे मैन' में अपन वेट कर रहे थे धनुष का. धनुष ने अविक नाम के एक कॉन्ट्रैक्ट किलर का रोल किया है. जब हैंसन की प्राइवेट आर्मी तबाह हो जाती है, तब अविक उर्फ लोन वुल्फ सीन में आता है. हैंसन उसे सिएरा सिक्स से वो चिप वापस लाने के लिए भेजता है. धनुष का रोल फिल्म में छोटा है. मगर वो सॉलिड कैमियो है. मगर वो सिर्फ दो-तीन लाइन बोलते सुनाई आते हैं. फिल्म की तरह वो भी बात-विचार नहीं, सिर्फ एक्शन करते रह जाते हैं.
'द ग्रे मैन' महंगी दिखने वाली एक्शन फिल्म है, जिसके पास न कहने को कुछ नया है. न दिखाने को कुछ नया. उसे लगता है कि उसके पास दो बड़े स्टार्स हैं, जो आपस में भिड़ेंगे और पब्लिक को मज़ा आ जाएगा. मगर उनके लड़ने की कोई वाजिब और ठोस वजह तो होनी चाहिए. हैंसन लॉयड और कोर्ट जेंट्री किसी तीसरे के कहने पर लड़ रहे हैं. उनके पास आपस में लड़ने की कोई पर्सनल वजह नहीं है. मैं ये नहीं कहूंगा कि ये बोरिंग फिल्म है. मैं सिर्फ आपको एक चीज़ याद दिलाना चाहूंगा. दुनिया में फिल्में बहुत हैं और अपने पास समय लिमिटेड है. इसलिए आप क्या देखना चाहते हैं, उसका चुनाव बारीकी से करना होगा.

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