The Lallantop
Advertisement

हर गोलगप्पे वाला कहना चाहता है आपसे ये बातें

उन्हें भी कोफ़्त होती है जब आप जलजीरा में डुबकी लगाने लगते हैं. टिशू पेपर को तौलिये सरीखा इस्तेमाल करते हैं.

Advertisement
pic
18 फ़रवरी 2016 (अपडेटेड: 18 फ़रवरी 2016, 01:43 PM IST)
Img The Lallantop
फोटो - thelallantop
Quick AI Highlights
Click here to view more
जंतर-मंतर और इंडिया गेट पर इतनी मांगें नहीं रखी जाती जितनी गोलगप्पे वालों के आगे रखी जाती हैं. सरकार से इतनी उम्मीद नहीं होती जितनी गोलगप्पे वालों से. वो व्यस्त रहते हैं, लोगों से घिरे रहते हैं, फिर भी नहीं खीझते. पर अब लोग उनकी भलमनसाहत का फायदा उठाने लगे हैं. उन्हें भी कोफ़्त होती है जब आप जलजीरा में डुबकी लगाने लगते हैं. टिशू पेपर को तौलिये सरीखा इस्तेमाल करते हैं. किसे पसंद आएगा कि वो हर दूसरे गोलगप्पे के लिए चटनी का अलग कंपोजीशन बनाए. सूखी पापड़ी भी हवा में नहीं पैदा हो जाती.  तो वक़्त है उनकी आवाज उठाने का. लल्लन ने उनके मन की बात सुनी और आपके सामने रख रहा है. उम्मीद करते हैं आप समझेंगे.
golgappa1
golgappa2
golgappa3
golgappa4
golgappa5
golgappa6
golgappa8
golgappa10
golgappa11
golgappa12
golgappa13
golgappa14
पढ़ लिया न? तो क्या हम उम्मीद करें कि अगली बार जब आप गोलगप्पे खाने जाएंगे तो कुछ बातें मान ही लेंगे!

Advertisement

Advertisement

()