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कहानी थलपति विजय की, जिनकी फिल्म से सरकार हिल गई; आखिरी फिल्म रोकी, तो खुद मुख्यमंत्री बन गए

थलपति विजय: स्टारडम के पीक पर फिल्में छोड़ तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बनने तक की पूरी कहानी.

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4 मई 2026 (अपडेटेड: 4 मई 2026, 07:19 PM IST)
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थलपति विजय ने अपने करियर में 70 से अधिक फिल्में की हैं.
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Thalapathy Vijay. इंडियन सिनेमा के दिग्गज एक्टर. जिनकी हर फिल्म रिलीज़ को उनके फैन्स त्योहार की तरह सेलिब्रेट करते हैं. आज भी उनके प्रशंसक खूब जश्न मना रहे हैं. मगर इस बार वजह कोई नई मूवी नहीं, बल्कि उनकी पॉलिटिकल विक्ट्री है. सिनेमा से संन्यास की घोषणा कर चुके विजय की पार्टी TVK ने 2026 Tamil Nadu Assembly Elections में जबरदस्त जीत हासिल की है. उनकी दो साल पुरानी पार्टी तमिलगा वेट्री कड़गम (TVK) ने दशकों पुरानी DMK और AIDMK को बुरी पटखनी दी है. 2026 विधान सभा चुनाव में उनकी पार्टी 234 में से 80 सीटों पर लीड कर रही है. दूसरे शब्दों में कहें, तो विजय अब तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं. 

विजय पिछले कुछ महीनों से लगातार खबरों में हैं. सिर्फ पॉलिटिकल करियर नहीं, बल्कि अपनी आखिरी फिल्म की वजह से भी. ‘जन नायगन’ नाम की ये फिल्म जनवरी 2026 में रिलीज़ होने वाली थी. मगर फिर कुछ ऐसा हुआ कि चार महीनों बाद भी इसकी कोई खोज-खबर नहीं. सवाल उठता है कि जब विजय राजनीति में आने वाले कोई पहले शख्स नहीं, तो फिर उन्हें लेकर लोगों में इतनी एक्साइटमेंट क्यों है? कैसे वो सिनेमाघरों को भरते-भरते पॉलिटिकल रैलियों को भरने लगे? कैसे उन्होंने लोगों के बीच वो कल्ट स्टेटस हासिल किया, जिससे लोग उन्हें अपना अगला मुख्यमंत्री चुनने तक से नहीं कतराए? विजय के स्टारडम और क्रेज़ को समझने के लिए उनकी कहानी जाननी ज़रूरी है. यहां हम विकिपिडिया वाली कहानी की बात नहीं कर रहे. हम बात कर रहे उनकी जर्नी की. वो क्या घटनाएं और अनुभव थे, जिन्होंने ऑन स्क्रीन और ऑफ स्क्रीन उन्हें ‘विजय’ बनाया. उनकी लाइफ के कुछ कमसुने किस्से आपको बताएंगे. 

# रजनीकांत ने अपने जैसा सुपरस्टार बना दिया

एस ए चंद्रशेखर. चर्चित फिल्ममेकर. तमिल समेत अन्य भाषाओं को मिलाकर 60 से ज़्यादा फिल्में बना चुके हैं. एक हिंदी फिल्म भी बनाई, जो शायद किसी को याद न हो- ‘जीवन की शतरंज’. उस दौर की फिल्म, जब ईमानदार पुलिसवालों का नाम विजय हुआ करता था. खैर, चंद्रशेखर ने अपने करियर में दो एक्टर्स के साथ सबसे ज़्यादा काम किया. पहले थे विजयकांत. दूसरे उनके अपने बेटे- विजय. विजय का करियर दो पारियों में शुरू हुआ. पहला था 1984 में आई ‘वेट्री’ से, जिसे चंद्रशेखर ने ही बनाया था. फिल्म के क्रेडिट्स में विजय का नाम चाइल्ड एक्टर्स की लिस्ट में था. अगले कुछ सालों तक वो अपने पिता की फिल्मों में बतौर बाल कलाकार काम करते रहे. 

80s का तमिल सिनेमा एक वेव में बहा जा रहा था. एक बंदा, एक्टर से हीरो, हीरो से स्टार और स्टार से सुपरस्टार की सीढ़ियां चढ़े जा रहा था. अक्खा तमिलनाडु रजनीकांत का जबरा वाला फैन था. ऐसे में विजय भी कैसे अछूते रह पाते. पढ़ाई को लेकर नीयत कमजोर थी. रजनीकांत की फिल्में देखते और घर आकर उनके सीन्स दोहराते. उनकी नकल करते. थलाइवा को देखकर मन में इच्छा जगी कि अपने को भी ऐसा ही हीरो बनना है. ऐसा हीरो, जिसे 70 एमएम के पर्दे पर देखने के लिए लोग लाइनें लगाएं.  

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रजनीकांत और विजय.

सबसे पहले मां से बात की. उनको कॉन्फिडेंस में लिया. फिर पिता को अप्रोच किया. जैसा रिएक्शन की उम्मीद थी, ठीक वैसा ही प्रतिक्रिया मिली. पिता ने मना कर दिया कि वो विजय को अपनी फिल्म में नहीं लेंगे. खूब मनुहार करने पर भी बात नहीं बनी. ऐसे में बीच का रास्ता निकाला गया. पिता ने कहा कि तुम हमें एक्टिंग परफॉरमेंस दो, हम तुम्हें रोल देंगे. विजय ने यादों का घर खंगाला और एक सीन के साथ बाहर आए. वो सीन था रजनीकांत की फिल्म ‘अन्नामलाई’ से. विजय ने रजनीकांत का सीन परफॉर्म कर के दिखा दिया. उन्हें देख चंद्रशेखर ने मन बदल लिया. विजय को लीड एक्टर के तौर पर उनकी पहली फिल्म मिली- ‘नालैया थीरपू’.  

चंद्रशेखर ने भले ही अपने बेटे को फिल्म ऑफर कर दी थी. मगर वो अभी भी यही चाहते थे कि विजय कुछ और काम करें. इस वजह से उन्होंने शूटिंग के पहले दिन ही उन्हें एक मुश्किल सीन दिया ताकि वो चकाचौंध से दूर होकर घबरा जाएं. चंद्रशेखर ने अपने एक इंटरव्यू में बताया कि विजय के उस पहले सीन ने उनका ओपीनियन पूरी तरह बदल दिया. वो उस दिन की शूटिंग खत्म कर अपने घर आए और पत्नी से कहा - “ये फिल्म भले हिट हो या नहीं, लेकिन विजय एक दिन बड़ा एक्टर जरूर बनेगा.” 

# जब ‘अपुन ही भगवान है’ वाला मोमेंट आया  

विजय की डेब्यू फिल्म ‘नालैया थीरपू’ रिलीज़ हुई. उस वक्त उनकी उम्र 20 साल थी. ऐसी उम्र जहां सफलता सिर चढ़ जाती है. रिजेक्शन मिलता है, तो चोट दिल पर लगती है. विजय के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. उनकी पहली फिल्म बड़ी फ्लॉप साबित हुई. रिव्यूज़ के कॉलम में ढूंढने पर भी अच्छी बात नहीं थी. तमिलनाडु की एक नामी मैगज़ीन ने फिल्म को जमकर कोसा. सिर्फ फिल्म को ही नहीं, उस मैगज़ीन ने विजय को भी खूब सुनाया. उनके लुक्स से लेकर एक्टिंग तक पर सवाल उठाए गए. 

विजय के दोस्त और एक्टर संजीव ने बिहाइंड वुड्स को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि मैगज़ीन के मन में जो आया, उन्होंने वो छापा. जिसके बारे में छापा, उस तक भी स्टोरी पहुंची. संजीव बताते हैं कि खबर पढ़कर विजय का दिल बैठ गया. वो खूब रोए. पूरी रात रोए. कोई भी डेब्यू एक्टर खुद के बारे में ऐसा कुछ तो नहीं पढ़ना चाहेगा. विजय को बुरा भले ही लगा, लेकिन उन्होंने मीडिया में आकर कुछ नहीं कहा. वो अपने काम पर ध्यान देते रहे. उनके करियर का ग्राफ अगली कुछ फिल्मों से भी नहीं बदला. वो आई-गई कैटेगरी में जुड़ती गईं.

फिर आई वो फिल्म जिसने उन्हें तमिल सिनेमा का ‘थलपति’ बना दिया. 1994 में आई ‘रसिगन’ के क्रेडिट्स में लिखा था- Starring Thalapathy Vijay. ‘रसिगन’ से ही विजय के मास हीरो बनने की नींव पड़ी थी. इसके बाद उन्होंने ‘देवा’ और ‘विष्णु’ जैसी कमर्शियली हिट फिल्में की. साथ ही रोमांस और एक्शन के बीच झूलते रहे. उन्हें क्रिटिक्स की वाह-वाही नहीं मिल रही थी. लेकिन जनता ने इस नए लड़के को सिर-आंखों पर बिठा लिया. मिड नाइंटीज़ तक वो अपनी रोमांटिक हीरो वाली छवि पुख्ता कर चुके थे. उनका करियर सरपट दौड़ने लगा. इस किस्से की शुरुआत हुई थी उस तमिल मैगज़ीन से, जिसने विजय को लेकर अनाप-शनाप छापा था. विजय अब हिट हो चुके थे. उस मैगज़ीन ने उन्हें अप्रोच किया और उन पर फीचर स्टोरी की.  

# जब विजय से मिलने उनकी फैन इंग्लैंड छोड़कर आ गई  

विजय को कमर्शियल सक्सेस का टेस्ट मिल चुका था. बाकी थी तो बस क्रिटिकल अक्लेम. फिर आई वो फिल्म जिसने उन्हें दोनों दिलाई और सही मायने में स्टार बना दिया. 1996 में आई ‘पूवे उनक्कागे’ उनके फिल्मी करियर के माइलस्टोन्स में से एक है. इंडिया से बाहर भी फिल्म को अच्छा रिस्पॉन्स मिला. इंग्लैंड में रह रही एक लड़की ने वो फिल्म देखी और विजय से बहुत प्रभावित हुई. इतनी कि फ्लाइट बुक कर सीधे इंडिया आ गई.

वो बस विजय से मिलना चाहती थी. उन दिनों विजय चेन्नई में शूटिंग कर रहे थे. वो फैन फिल्म के सेट पर आने लगी. इस मक़सद से कि किसी तरह विजय से मिल सके. लेकिन बात नहीं बन पा रही थी. फिर एक दिन विजय की टीम ने बताया कि कोई लड़की है. सेट पर कई बार आ चुकी है. उनसे मिलना चाहती है. विजय अपनी फैन से मिले. दोनों में बातचीत हुई और फिर अपने-अपने रास्ते हो लिए. लेकिन ये पहली और आखिरी मुलाकात नहीं थी. दोनों में एक म्यूचुअल लेवल की समझ बन गई. मुलाकातें फिल्म सेट के बाहर भी होने लगीं.  

दोनों को लगने लगा कि अब सिर्फ एक्टर और फैन वाला रिलेशन नहीं रहा. बात इससे आगे बढ़ चुकी है. विजय के पैरेंट्स उस लड़की से मिले. शादी की बात उठी. 25 अगस्त, 1999 को विजय और संगीता ने शादी कर ली. इस शादी से उन्हें दो बच्चे हुए. एक बेटा और एक बेटी.

# फिल्म की एक लाइन से सरकार डर गई  

पिछले कुछ सालों में आई विजय की फिल्में देखेंगे, तो पाएंगे कि वो पॉलिटिकल कमेंट करने से नहीं कतरातीं. इस चक्कर में उनकी कई फिल्मों को लेकर विवाद हुआ. सरकार के निशाने पर भी आईं. उनकी ऐसी फिल्मों में टॉप पर आती है- ‘थलाइवा’. 09 अगस्त, 2013 को ये फिल्म दुनियाभर में रिलीज़ होने वाली थी. लेकिन रिलीज़ डेट से कुछ दिन पहले तमिलनाडु सरकार से ठन गई. राज्य सरकार ने ऐसा क्यों किया, उसकी कई वजहें बताई गईं. बताया जाता है कि फिल्म की टैगलाइन ‘टाइम टु लीड’ से सरकार को आपत्ति थी. उन्हें लगा कि विजय अपना पॉलिटिकल करियर शुरू करने जा रहे हैं और ये उसी ओर इशारा है.

पहले भी तमिल सिनेमा के कई बड़े नाम पॉलिटिक्स में आ चुके थे. करुणानिधि और MGR अपने फिल्मी करियर के बाद राज्य के मुख्यमंत्री भी बने थे. विडंबना ये है कि विजय की फिल्म को रोकने वाली जयललिता खुद अपने जमाने की सुपरस्टार रह चुकी थीं. सरकार चाहती थी कि ‘थलाईवा’ फिल्म की टैगलाइन हटाई जाए. फिल्म को लेकर एक और बड़ा रिस्क था. किसी अज्ञात ग्रुप ने धमकी दे डाली थी कि जहां ये स्क्रीन हुई, उस थिएटर पर इतनी बमबारी करेंगे कि इलाका धुआं-धुआं हो जाएगा.  

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विजय और जयललिता.

सुरक्षा का मसला था. फिल्म बैन कर दी गई. विजय फिल्म के डायरेक्टर और प्रोड्यूसर के साथ तत्कालीन मुख्यमंत्री जयललिता से मिलने पहुंचे. उनकी मांग थी कि फिल्म को सुरक्षा दी जाए. लेकिन विजय और उनके साथियों को सीएम से मिलने नहीं दिया गया. ऐसे में उन्होंने मुख्यमंत्री जयललिता से एक वीडियो अपील की. उन्होंने कहा कि सिनेमाघरों को सिक्योरिटी दी जाए ताकि उनकी फिल्म रिलीज़ हो सके. सरकार ने बात मानी जरूर, लेकिन उनकी कुछ शर्तें थीं. फिल्म में कांट-छांट हुई, जिसके बाद ही उसे रिलीज़ किया गया. तब तक तमिलनाडु के अलावा हर जगह ये मूवी रिलीज़ हो गई थी. मार्केट में पायरेटेड सीडियां बिकने लगी थीं. इसलिए जब फिल्म थिएटर्स पर आई, तो उन्होंने थोड़ा नुकसान जरूर हुआ. लेकिन विजय का स्टारडम इतना बुलंद था कि उनके बॉक्स ऑफिस कलेक्शन का ग्राफ हरा ही रहा.

# ऑन स्क्रीन ‘थलपति’ का फायदा ऑफ स्क्रीन भी हुआ

विजय ने समय के साथ लोगों के बीच अपनी एक अलग पहचान बनाई. रॉम-कॉम फिल्में करते-करते वो सोशल मूवीज़ की तरफ़ शिफ्ट हो गए. ऐसी मूवीज़, जहां वो सही मायनों में ‘थलपति’ यानी ‘कमांडर’ बनने लगे. इसका फायदा उन्हें ऑनस्क्रीन और ऑफस्क्रीन, दोनों जगहों पर मिला. पिछले कुछ सालों में उनकी ‘मास्टर’, ‘बीस्ट’, ‘वारिसू’, ‘लियो’ और ‘ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम’ (GOAT) जैसी मूवीज़ ने बॉक्स ऑफिस पर खूब पैसे छापे. इसका फायदा ये हुआ कि वो देश के हाइएस्ट पेड एक्टर्स में से एक बन गए. बताया जाता है कि उन्होंने GOAT के लिए लगभग 200 करोड़ रुपये की फीस ली थी.

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एक रैली के दौरान विजय.

मगर विजय सिर्फ फिल्मों तक सिमटकर नहीं रहना चाहते थे. करियर के पीक पर आकर उन्होंने 2024 में अपनी पॉलिटिकल पार्टी लॉन्च कर दी. नाम रखा- तमिलगा वेट्री कड़गम (TVK). उन्होंने बताया कि वो एक अंतिम फिल्म कर सिनेमा से हमेशा के लिए संन्यास ले लेंगे. ये अंतिम प्रोजेक्ट ‘जन नायगन’ है. इस पर हम अलग से बात करेंगे. मुद्दा ये है कि जब विजय ने अपनी पार्टी शुरू की तो उनके फैंस ऑटोमेटिकली उनके कार्यकर्ता बन गए. वो जहां रैलियां करते, हजारों-लाखों लोग उन्हें पूरी तरह घेर लेते. मगर यही बात उन्हें नुकसान पहुंचा गई. सितंबर 2025 में ऐसी ही एक रैली उन्होंने तमिलनाडु के करूर में भी की थी. हमेशा की तरह भीड़ उमड़ी और इस तरह उमड़ी कि वहां भगदड़ मच गया. मामला इतना गंभीर था कि उस हादसे में 41 लोगों की मौत हो गई. वहीं 95 लोग बुरी तरह घायल हो गए. उस मामले में विजय पर अब भी केस चल रहा है.

# पत्नी ने अवैध संबंध का आरोप लगाकर तलाक मांगा

विजय और संगीता ने साल 1999 में शादी की थी. मगर फरवरी 2026 में संगीता ने 27 सालों बाद उनसे तलाक मांग लिया. उन्होंने चेन्नई के चेंगलपट्टु फैमिली कोर्ट में एक अर्जी डालते हुए बताया कि विजय अप्रैल 2021 से ही एक फिल्म एक्ट्रेस के साथ एक्सट्रा-मैरिटल अफेयर में हैं. संगीता के मुताबिक, उन्हें विजय के बर्ताव की वजह से मेंटल और इमोशनल दर्द से गुजरना पड़ा है. उन्होंने बताया कि विजय ने उनसे वादा किया था कि वो अपने दूसरे रिश्ते को खत्म कर देंगे. मगर ऐसा नहीं हुआ और उनका अफेयर उस एक्ट्रेस के साथ लगातार चलता रहा. संगीता ने अपनी शिकायत में एक्ट्रेस का नाम नहीं लिया. मगर उनका ये आरोप ज़रूर है कि विजय उनसे इमोशनली और फिजिकली दूरी बनाए हुए हैं. पीटिशन में संगीता ने एक और बड़ा आरोप लगाया. उनका कहना था कि विजय उस एक्ट्रेस के साथ विदेश यात्रा पर भी गए थे. उस दौरान एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर दोनों की तस्वीरें भी डाली थीं, जिसे लोग सोशल मीडिया पर खूब शेयर करते हैं. जब विजय से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने न हामी भरी, न ही इन्कार किया.

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विजय और संगीता.

# ‘जन नायगन’ को सेंसर बोर्ड ने कभी पास ही नहीं किया

‘जन नायगन’ विजय के फिल्मी करियर की आखिरी फिल्म है. फैंस में इसे लेकर खूब उत्साह था. इसलिए KVN प्रोडक्शंस ने इस पर पानी की तरह पैसे बहाए. फिल्म का बजट 500 करोड़ रुपये के पार चला गया. एक वक्त तक सब कुछ सेट था. मूवी 09 जनवरी, 2026 को पोंगल के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज़ होने वाली थी. मगर इतिहास खुद को दोहरा रहा था. जो घटना ‘थलाइवा’ के रिलीज़ के वक्त हुई, कमोबेश वही चीज़ ‘जन नायगन’ के साथ भी हो रही थी. एक सेंसर बोर्ड मेम्बर के ऑब्जेक्शन की वजह से इसे रिलीज़ सर्टिफिकेट नहीं दिया गया. उस मेम्बर ने फिल्म के पॉलिटिकल टोन और हिन्दू-मुस्लिम एंगल पर आपत्ति जताई थी. ऐसे में मेकर्स पहले मद्रास हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए. 

मगर इसका नतीजा ये हुआ कि फिल्म महीनों तक अधर में लटकी रही. साथ ही एक के बाद एक मेकर्स को भयंकर नुकसान होने लगा. पहले उन्हें करीब 50 करोड़ की टिकटों के पैसे रिफ़ंड करने पड़े. फिर अमेजॉन प्राइम वीडियो ने उनसे जो 120 करोड़ रुपये की ओटीटी डील कैंसल हो गई. जब ये भी कम पड़ा, तो किसी ने पूरी-की-पूरी मूवी ही HD प्रिन्ट में लीक कर दी. सोशल मीडिया से लेकर पायरेसी वेबसाइट्स पर ये फिल्म मुफ़्त में तैरने लगी. इस तरह ‘जन नायगन’ चार महीनों तक पड़े-पड़े रिसती रही. तंग आकर विजय ने अलग-अलग रैलियों में आरोप लगाए कि उनके विरोधी दलों ने साजिश के तहत उनकी इस फिल्म को रोका है.

वैसे, पिछले दिनों खबर आई कि ये मूवी तमिलनाडु चुनाव के बाद मई 2026 में रिलीज़ हो सकती है. हालांकि मेकर्स ने अपनी तरफ़ से इस बात को कन्फर्म नहीं किया है. अगर ऐसा हुआ, तो ये विजय के फिल्म और पॉलिटिकल करियर को ज्यादा ड्रैमेटिक आर्क देगा. अनुमान है कि ये मूवी जब तक थिएटर्स में आएगी, तब तक वो खुद तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बन चुके होंगे. 

वीडियो: थलपति विजय की सिक्योरिटी बढ़ी, ये बात सामने आई?

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