"सब बकवास है"- थलपति विजय ने बतौर सीएम पहला बयान दिया, उनके दोस्त ने धज्जियां उड़ा दीं
Vijay Thalapathy First Statement: मनु जोसेफ विजय के साथ स्कूल में पढ़ते थे. उनके मुताबिक, अमीर घर के लड़के पैसों की कमी को गरीबी समझ लेते हैं.

Thalapathy Vijay अब ऑफिशियली ‘मुख्यमंत्री थलपति विजय’ बन चुके हैं. पिछले दिनों उन्होंने तमिलनाडु के नए सीएम के रूप में शपथ ली. इस दौरान उन्होंने अपने टेन्योर का पहला ऑफिशियल भाषण दिया. उन्होंने जनता से कहा कि उन्होंने भूख और गरीबी देखी है. मगर इस बात के लिए उन्हें इंटरनेट पर काफी बैकलैश मिल रहा. इनमें Decoupled सीरीज़ के क्रिएटर और Serious Men के राइटर Manu Joseph का नाम सबसे आगे है. मनु ने विजय के इन दावों को पूरी तरह बकवास बताया है. वो ऐसा इसलिए भी कह पा रहे क्योंकि विजय और मनु बचपन में साथ पढ़े हैं.
10 मई को चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इन्डोर स्टेडियम में विजय का शपथ ग्रहण समारोह था. इस दौरान उन्होंने जनता को एड्रेस करते हुए कहा,
"गरीबी और भूख क्या होती है, ये मैं अच्छी तरह जानता हूं. मैं किसी राजघराने से नहीं आता. मैं आपकी तरह हूं, आपमें से एक हूं. मैं आपके बेटे और भाई जैसा हूं."
उनका ये बयान मनु जोसेफ को नागवार गुजरा. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डालते हुए कहा,
"मुख्यमंत्री के तौर पर अपने पहले भाषण में विजय ने कहा कि उन्होंने गरीबी देखी है और भूख क्या होती है, ये भी जानते हैं. ये सब बकवास है. वो लोयोला स्कूल में तीसरी क्लास में मेरे साथ पढ़ते थे. उनके पिता एक फिल्ममेकर थे, जिन्होंने अपने बेटे का फिल्मी करियर बनाने में मदद की. हो सकता है कि दूसरे फिल्ममेकर्स की तरह उनके परिवार ने भी कभी आर्थिक तंगी देखी हो. लेकिन वो तमिल-ग्रेड गरीबी जैसा नहीं. कई अमीर घरों के लड़के पैसों की कमी को गरीबी समझ लेते हैं, जबकि दोनों चीजें बिल्कुल अलग हैं."

मनु ने आगे एक अन्य पोस्ट में कहा- "आज सबसे ज्यादा चर्चा उन कहानियों की होती है जिसमें लोग गरीब से अमीर बनते हैं.” कहने की ज़रूरत नहीं कि उनके इस बयान ने इंटरनेट पर काफी तूल पकड़ लिया है. एक तरफ विजय के समर्थक उनके सपोर्ट में आ गए हैं. दूसरी तरफ़ कई लोग उनके दावों पर उन्हें ट्रोल कर रहे. जहां तक विजय की बात है, उनके पिता सेनापति एल्बर्ट चंद्रशेखर एक चर्चित फिल्ममेकर रह चुके हैं. उन्होंने तमिल, तेलुगु, कन्नड़ा और हिंदी में लगभग 70 फिल्में डायरेक्ट की हैं. हिंदी में उन्होंने ‘मेरा दिल तेरे लिए’, ‘जीवन की शतरंज’, ‘आजाद देश के गुलाम’ और ‘कुदरत का कानून’ जैसी फिल्में बनाई हैं.
चंद्रशेखर ने अपने करियर की ज्यादातर फिल्में विजयकांत या अपने बेटे थलपति विजय के साथ की हैं. वैसे तो विजय बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट 1980s से ही सिनेमा में एक्टिव हैं. लेकिन 1992 में अपने पिता के डायरेक्शन में बनी 'नालैया थीरपु' से ही उन्होंने बतौर लीड डेब्यू किया था. अगले कुछ सालों में दोनों ने 'सेंथूरपंडी' (1993), 'रसिगन' (1994), 'देवा' (1995) और 'विष्णु' (1995) जैसी फिल्में में साथ काम किया. बता दें कि विजय की मां शोभा चंद्रशेखर भी चर्चित प्लेबैक सिंगर, राइटर, प्रोड्यूसर और डायरेक्टर रह चुकी हैं.
वीडियो: तमिलनाडु चुनाव जीतने के बाद थलपति विजय पर कैसे मीम्स बन रहे?

