किस फिल्म के लिए कंगना को मिलेंगे 24 करोड़ रुपए, जिससे वो सबसे महंगी एक्ट्रेस बन जाएंगी?
एक महिला राजनेता के ऊपर बन रही बायोपिक की वो 7 बातें, जिनको पढ़कर इसके रिलीज़ होने का इंतज़ार करना मुश्किल होगा.
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फोटो - thelallantop
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पॉलिटिकल बायोपिक्स वाली जमात में एक नया नाम शामिल होने जा रहा है. ये नाम हैं साउथ इंडियन सिनेमा की मशहूर अदाकारा और पांच बार तमिल नाडु की मुख्यमंत्री रह चुकीं जे. जयललिता. जयललिता की डेथ के बाद उन पर अब तक पांच बायोपिक प्लान हो चुकी हैं. इनमें से एक में कंगना रनौत काम कर रही हैं. बनाने वाले, कहानी लिखने वाले. सब अपनी फील्ड के दिग्गज हैं. कई रिपोर्ट्स के मुताबिक ये भी बताया जा रहा है कि इस फिल्म के बाद कंगना देश की सबसे महंगी एक्ट्रेस बन जाएंगी, उन्हें 24 करोड़ रूपये मिलेंगे. जयललिता की ज़िंदगी और उस पर आधारित फिल्म से जुड़ी ऐसी ही तमाम बातें आप नीचे जानेंगे.
1) जयराम जयललिता को बचपन में उनकी मां के प्रेशर की वजह से फिल्मों में आना पड़ा था. शुरुआत हुई बतौर चाइल्ड एक्ट्रेस. 1957 में आई फिल्म 'मायाबाज़ार' से. 1964 में वो पहली बार कन्नड़ फिल्म 'चिन्नाडा गोम्बे' में बतौर मुख्य एक्ट्रेस नज़र आईं. जयललिता आखिरी बार बतौर लीड एक्ट्रेस तेलुगू फिल्म 'नायकुडु विनायकुडु' (1980) में दिखाई दीं थीं. इन दो फिल्मों के बीच जो हुआ, उसे ही सक्सेस स्टोरी कहते हैं. इस दौरान जयललिता ने 'चंद्रोध्यम' (1966), 'पत्तीकडा पत्तनमा', 'श्री कृष्ण सत्या' (1972), 'सूर्यगांधी' (1973) और 'थिरुमंगलयम' (1974) समेत 140 फिल्मों में काम किया.

करियर की शुरुआत में जयललिता. जयललिता ने अपना करियर बतौर चाइल्ड एक्ट्रेस शुरू किया था, बाद में वो टॉप की हीरोइन बनीं.
2) तमिल फिल्मों के मशहूर एक्टर एम.जी.आर. (मरुदुर गोपालन रामचन्द्रन) ने 1972 में अपनी 'ऑल इंडिया द्रविड़ मुनेत्र कड़गम' नाम की पार्टी बनाई. 1982 में जब एम.जी.आर. मुख्यमंत्री थे, तब जयललिता ने उनकी पार्टी जॉइन की. कम समय में ही उनका कद पार्टी में बढ़ने लगा. सेक्रेट्री से कब राज्य सभा सांसद बन गईं किसी को पता ही नहीं चला. 1991 में वो पहली बार तमिल नाडु की मुख्यमंत्री बनीं. इसके बाद अलग-अलग मौकों और परिस्थितियों में वो पांच दफे तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनीं. इस दौरान उन्हें भ्रष्टाचार और मुख्यमंत्री ऑफिस के गलत इस्तेमाल करने के कई आरोपों का सामना करना पड़ा. गलत इस्तेमाल मामले में उन्हें जेल तक जाना पड़ा. लेकिन 2015 में उन्हें कर्नाटक हाई कोर्ट ने सभी आरोपों से बरी कर दिया गया.

एक फिल्म में एमजीआर के साथ जयललिता. दूसरी तस्वीर में अपने पॉलिटिकल करियर लॉन्च के दौरान अपने पॉलिटिकल मेंटर एमजीआर के साथ जयललिता.
3) सुप्रीम कोर्ट ने में उनके इस केस की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में होनी थी. लेकिन उससे पहले 2016 विधान सभा चुनाव जीतकर वो पांचवीं बार राज्य की मुख्यमंत्री बनीं. इसके बाद वो बीमार रहने लगीं. तकरीबन ढाई महीने (75 दिन) हॉस्पिटल में रहने के बाद 5 दिसंबर, 2016 को कार्डिएक अरेस्ट की वजह से उनकी मौत हो गई.

ढाई महीने तक हॉस्पिटलाइज़ रहने के बाद कार्डिएक अरेस्ट से चेन्नई में उनकी मौत हो गई.
4) कंगना रनौत स्टारर ये फिल्म तमिल और हिंदी दो भाषाओं में रिलीज़ की जाएगी. फिल्म के लिए कहानी लिखने का जिम्मा 'बाहुबली', 'बजरंगी भाईजान' और 'मणिकर्णिका' जैसी फिल्में लिख चुके के.वी. विजयेंद्र प्रसाद के कंधे पर है. फिल्म को डायरेक्ट करेंगे ए.एल. विजय. विजय इससे पहले 'मद्रासपत्तीनम' (2010) और 'तांडवम' (2012) समेत तकरीबन 15 फिल्में डायरेक्ट कर चुके हैं.

जयललिता अपने जीवनकाल में पांच बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनीं.
5) 23 मार्च को अपना जन्मदिन बनाने के दौरान कंगना ने 'मणिकर्णिका' के बाद अपनी अगली फिल्म अनाउंस की. जयललिता की बायोपिक है, जिसका नाम तमिल में 'थलैवी' और हिंदी में 'जया' होगा. पहले कंगना अपनी बायोपिक पर काम शुरू करने वाली थीं. लेकिन जब उन्हें ये फिल्म ऑफर हुई, तब उन्होंने तुलना करके देखा कि कौन सी फिल्म करना बेहतर ऑप्शन रहेगा. इसके बाद उन्हें अपनी बायोपिक को रोककर 'थलैवी' पर काम शुरू करने का मन बनाया. फिलहाल कंगना अश्विनी अय्यर तिवारी की 'पंगा' और एकता कपूर की 'मेंटल है क्या' की शूटिंग में व्यस्त हैं.

कंगना आखिरी बार फिल्म 'मणिकर्णिका' में रानी लक्ष्मी बाई के किरदार में दिखाई दी थीं.
6) इन दोनों फिल्मों को खत्म करने के बाद कंगना जयललिता के किरदार की तैयारी शुरू करेंगी. इसमें तमिल भाषा सीखना उनके लिए सबसे कठिन टास्क रहेगा. लेकिन उस किरदार से कनेक्ट कर पाने के लिए कंगना तमिल भी सीखेंगी. कई रिपोर्ट्स में ऐसा बताया जा रहा है कि कंगना को इस फिल्म के लिए रिकॉर्ड फीस मिल रही है. ये रकम 24 करोड़ रुपए बताई जा रही है, जो इंडिया में हीरोइनों को मिलने वाली रकम से काफी ज़्यादा है. 'पद्मावत' के लिए दीपिका पादुकोण ने दोनों हीरो लोगों (10 करोड़ रुपए) से ज़्यादा 13 करोड़ रुपए लिए थे. वहीं 'वीरे दी वेंडिंग' की सफलता के बाद करीना ने फीस 10 करोड़ रुपए हो गई है.

फिल्म 'वीरे दी वेडिंग' के एक सीन में करीना कपूर और रानी पद्मावती के किरदार में दीपिका पादुकोण.
7) इस फिल्म के अलावा भी तीन फिल्में हैं, जो जयललिता की ज़िंदगी पर बन रही हैं. डेब्यूतांत डायरेक्टर प्रियदर्शिनी नित्या मेनन को लीड रोल में लेकर 'आयरन लेडी' नाम की फिल्म बना रहे हैं, जो जयललिता की बायोपिक है. इस फिल्म के पोस्टर भी रिलीज़ किए जा चुके हैं. जयललिता की मौत के कुछ ही महीने बाद तेलुगू फिल्ममेकर दसारी नारायण राव ने भी उनकी बायोपिक अनाउंस की थी. उनकी फिल्म रिसर्च स्टेज में ही थी कि राव बीमार पड़ गए. इसी बीमारी के चक्कर में राव की डेथ ही गई और फिल्म लटक गई. दिसंबर, 2017 में प्रोड्यूसर आदित्य भारद्वाज ने भी जयललित की बायोपिक अनाउंस की थी. उन्होंने ये भी बताया था कि वो इस रोल के लिए ऐश्वर्या राय बच्चन के साथ बातचीत में हैं. लेकिन उस फिल्म का भी अब तक कुछ नहीं हो पाया है.
वीडियो देखें: जयललिता के गलत निशान लगाने पर मद्रास हाई कोर्ट ने विधायक एके बोस का निर्वाचन रद्द किया
1) जयराम जयललिता को बचपन में उनकी मां के प्रेशर की वजह से फिल्मों में आना पड़ा था. शुरुआत हुई बतौर चाइल्ड एक्ट्रेस. 1957 में आई फिल्म 'मायाबाज़ार' से. 1964 में वो पहली बार कन्नड़ फिल्म 'चिन्नाडा गोम्बे' में बतौर मुख्य एक्ट्रेस नज़र आईं. जयललिता आखिरी बार बतौर लीड एक्ट्रेस तेलुगू फिल्म 'नायकुडु विनायकुडु' (1980) में दिखाई दीं थीं. इन दो फिल्मों के बीच जो हुआ, उसे ही सक्सेस स्टोरी कहते हैं. इस दौरान जयललिता ने 'चंद्रोध्यम' (1966), 'पत्तीकडा पत्तनमा', 'श्री कृष्ण सत्या' (1972), 'सूर्यगांधी' (1973) और 'थिरुमंगलयम' (1974) समेत 140 फिल्मों में काम किया.

करियर की शुरुआत में जयललिता. जयललिता ने अपना करियर बतौर चाइल्ड एक्ट्रेस शुरू किया था, बाद में वो टॉप की हीरोइन बनीं.
2) तमिल फिल्मों के मशहूर एक्टर एम.जी.आर. (मरुदुर गोपालन रामचन्द्रन) ने 1972 में अपनी 'ऑल इंडिया द्रविड़ मुनेत्र कड़गम' नाम की पार्टी बनाई. 1982 में जब एम.जी.आर. मुख्यमंत्री थे, तब जयललिता ने उनकी पार्टी जॉइन की. कम समय में ही उनका कद पार्टी में बढ़ने लगा. सेक्रेट्री से कब राज्य सभा सांसद बन गईं किसी को पता ही नहीं चला. 1991 में वो पहली बार तमिल नाडु की मुख्यमंत्री बनीं. इसके बाद अलग-अलग मौकों और परिस्थितियों में वो पांच दफे तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनीं. इस दौरान उन्हें भ्रष्टाचार और मुख्यमंत्री ऑफिस के गलत इस्तेमाल करने के कई आरोपों का सामना करना पड़ा. गलत इस्तेमाल मामले में उन्हें जेल तक जाना पड़ा. लेकिन 2015 में उन्हें कर्नाटक हाई कोर्ट ने सभी आरोपों से बरी कर दिया गया.

एक फिल्म में एमजीआर के साथ जयललिता. दूसरी तस्वीर में अपने पॉलिटिकल करियर लॉन्च के दौरान अपने पॉलिटिकल मेंटर एमजीआर के साथ जयललिता.
3) सुप्रीम कोर्ट ने में उनके इस केस की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में होनी थी. लेकिन उससे पहले 2016 विधान सभा चुनाव जीतकर वो पांचवीं बार राज्य की मुख्यमंत्री बनीं. इसके बाद वो बीमार रहने लगीं. तकरीबन ढाई महीने (75 दिन) हॉस्पिटल में रहने के बाद 5 दिसंबर, 2016 को कार्डिएक अरेस्ट की वजह से उनकी मौत हो गई.

ढाई महीने तक हॉस्पिटलाइज़ रहने के बाद कार्डिएक अरेस्ट से चेन्नई में उनकी मौत हो गई.
4) कंगना रनौत स्टारर ये फिल्म तमिल और हिंदी दो भाषाओं में रिलीज़ की जाएगी. फिल्म के लिए कहानी लिखने का जिम्मा 'बाहुबली', 'बजरंगी भाईजान' और 'मणिकर्णिका' जैसी फिल्में लिख चुके के.वी. विजयेंद्र प्रसाद के कंधे पर है. फिल्म को डायरेक्ट करेंगे ए.एल. विजय. विजय इससे पहले 'मद्रासपत्तीनम' (2010) और 'तांडवम' (2012) समेत तकरीबन 15 फिल्में डायरेक्ट कर चुके हैं.

जयललिता अपने जीवनकाल में पांच बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनीं.
5) 23 मार्च को अपना जन्मदिन बनाने के दौरान कंगना ने 'मणिकर्णिका' के बाद अपनी अगली फिल्म अनाउंस की. जयललिता की बायोपिक है, जिसका नाम तमिल में 'थलैवी' और हिंदी में 'जया' होगा. पहले कंगना अपनी बायोपिक पर काम शुरू करने वाली थीं. लेकिन जब उन्हें ये फिल्म ऑफर हुई, तब उन्होंने तुलना करके देखा कि कौन सी फिल्म करना बेहतर ऑप्शन रहेगा. इसके बाद उन्हें अपनी बायोपिक को रोककर 'थलैवी' पर काम शुरू करने का मन बनाया. फिलहाल कंगना अश्विनी अय्यर तिवारी की 'पंगा' और एकता कपूर की 'मेंटल है क्या' की शूटिंग में व्यस्त हैं.

कंगना आखिरी बार फिल्म 'मणिकर्णिका' में रानी लक्ष्मी बाई के किरदार में दिखाई दी थीं.
6) इन दोनों फिल्मों को खत्म करने के बाद कंगना जयललिता के किरदार की तैयारी शुरू करेंगी. इसमें तमिल भाषा सीखना उनके लिए सबसे कठिन टास्क रहेगा. लेकिन उस किरदार से कनेक्ट कर पाने के लिए कंगना तमिल भी सीखेंगी. कई रिपोर्ट्स में ऐसा बताया जा रहा है कि कंगना को इस फिल्म के लिए रिकॉर्ड फीस मिल रही है. ये रकम 24 करोड़ रुपए बताई जा रही है, जो इंडिया में हीरोइनों को मिलने वाली रकम से काफी ज़्यादा है. 'पद्मावत' के लिए दीपिका पादुकोण ने दोनों हीरो लोगों (10 करोड़ रुपए) से ज़्यादा 13 करोड़ रुपए लिए थे. वहीं 'वीरे दी वेंडिंग' की सफलता के बाद करीना ने फीस 10 करोड़ रुपए हो गई है.

फिल्म 'वीरे दी वेडिंग' के एक सीन में करीना कपूर और रानी पद्मावती के किरदार में दीपिका पादुकोण.
7) इस फिल्म के अलावा भी तीन फिल्में हैं, जो जयललिता की ज़िंदगी पर बन रही हैं. डेब्यूतांत डायरेक्टर प्रियदर्शिनी नित्या मेनन को लीड रोल में लेकर 'आयरन लेडी' नाम की फिल्म बना रहे हैं, जो जयललिता की बायोपिक है. इस फिल्म के पोस्टर भी रिलीज़ किए जा चुके हैं. जयललिता की मौत के कुछ ही महीने बाद तेलुगू फिल्ममेकर दसारी नारायण राव ने भी उनकी बायोपिक अनाउंस की थी. उनकी फिल्म रिसर्च स्टेज में ही थी कि राव बीमार पड़ गए. इसी बीमारी के चक्कर में राव की डेथ ही गई और फिल्म लटक गई. दिसंबर, 2017 में प्रोड्यूसर आदित्य भारद्वाज ने भी जयललित की बायोपिक अनाउंस की थी. उन्होंने ये भी बताया था कि वो इस रोल के लिए ऐश्वर्या राय बच्चन के साथ बातचीत में हैं. लेकिन उस फिल्म का भी अब तक कुछ नहीं हो पाया है.
वीडियो देखें: जयललिता के गलत निशान लगाने पर मद्रास हाई कोर्ट ने विधायक एके बोस का निर्वाचन रद्द किया

