"गदर 2 को सीरियसली मत लीजिए" - सनी देओल
सनी ने कहा कि उन्होंने कभी भी किसी को नीचा दिखाने की कोशिश नहीं की. तारा सिंह भी ऐसा ही मानता है.

‘गदर 2’ भर के पैसा छाप रही है. फिल्म ब्लॉकबस्टर हो गई है. लेकिन इस बीच एक और पहलू पर लगातार बात हो रही है. फिल्म पर आरोप लगते रहे हैं कि यहां एंटी-पाकिस्तानी सेंटीमेंट का फायदा उठाने की कोशिश की गई. हाल ही में Sunny Deol ने बीबीसी एशिया नेटवर्क के हरून राशिद से बातचीत की. हरून ने फिल्म में दिखाए जाने वाले मुस्लिम समुदाय के चित्रण और पाकिस्तान पर सवाल किए. हरून ने पूछा कि उन लोगों से आप क्या कहेंगे जिन्हें लगता है कि ये एंटी-पाकिस्तानी फिल्म है. सनी ने जवाब दिया,
बेसिकली ये एक पॉलिटिकल चीज़ ही है. असली लोग ऐसा नहीं सोचते. हम लोग एक ही मिट्टी के हैं. चाहे इधर के हों या उधर के. सब एक ही हैं. आप देखेंगे कि फिल्म में मैं किसी को नीचा नहीं दिखाता. क्योंकि मैं लोगों को दबाने में भरोसा नहीं रखता. तारा सिंह भी ऐसा इंसान नहीं है.
हरून ने आगे पूछा कि ‘गदर 2’ पॉलिटिकली टेंस माहौल में बनी है. यानी राजनैतिक तनाव के माहौल में. इस पर सनी ने कहा कि सभी को शांति चाहिए. नेताओं को समझने की ज़रूरत है कि लोगों को बस वोट की तरह ना देखा जाए. होस्ट ने इस पर काउंटर किया कि आप भी राजनीति का हिस्सा हैं. सनी का कहना था कि हर किसी का अलग नज़रिया होता है. फिल्म में मनीष वाधवा ने हामिद इकबाल का किरदार निभाया है. वो एक क्रूर किस्म का पाकिस्तानी आर्मी जनरल है. हरून ने पूछा कि जब भी विलेन स्क्रीन पर कोई हिंसा करने वाला होता है तभी बैकग्राउंड में कलमा सुनाई पड़ता है. या अल्लाह-हू-अकबर सुनाई देता है. उन्होंने आगे पूछा कि जहां एक तरफ धर्म को लेकर वैसे ही तनाव बढ़ा हुआ है, वहां क्या ये करना ज़रूरी थी. सनी ने इस पर कहा,
मैं फिर से यही कहूंगा कि इस फिल्म को गंभीरता से मत लीजिए. और अगर आप मुझसे पूछें तो डिजिटल मीडिया पर बहुत फूहड़ चीज़ें चल रही हैं. इतने सारे न्यूज़ चैनल फूहड़ बातें करते हैं जिसका असर सभी पर पड़ रहा है. सिनेमा का काम एंटरटेन करना है. वो किसी और पॉइंट ऑफ व्यू से नहीं आ रहा. और फिर सिनेमा में चीजों को बढ़ा-चढ़ाकर भी दिखाया जाता है. क्योंकि आप किरदारों को ऐसे ही देखना चाहते हैं. अगर चीज़ें बढ़ा-चढ़ाकर नहीं दिखाई जाती तो हमें मज़ा नहीं आता.
‘गदर 2’ के प्रमोशन के लिए सनी आजतक के सीधी बात प्रोग्राम में भी आए थे. वहां उनसे पूछा गया कि क्या ‘गदर 2’ में एंटी-पाकिस्तान सेंटीमेंट को भुनाने की कोशिश की गई. उनका जवाब था,
मैंने जब ‘गदर’ की थी, तो चाहे राइटर या डायरेक्टर जहां भी ले जाना चाह रहे थे, मैं उस कैरेक्टर को यहां-वहां जाने नहीं दे रहा था. क्योंकि कैरेक्टर एक इंसान है और इंसानियत हर जगह है. वो आदमी पाकिस्तानी बनने को राज़ी था. वो कुछ भी करने को राज़ी था. वो बस अपने परिवार के साथ रहना चाहता था. तारा सिंह के लिए सरहद जैसी चीज़ों का कोई मतलब नहीं.
सनी आगे कहते हैं कि विभाजन में तारा के परिवार को मार डाला गया था. उसके सिर पर भी बदले का खून सवार था. लेकिन फिर उसकी ज़िंदगी में प्यार आता है और सारा गुस्सा चला जाता है. सनी ने कहा कि दोनों देशों के लोगों में एक-दूसरे को लेकर नफरत का भाव नहीं. उन्होंने बताया कि विदेशों में उन्हें पाकिस्तानी फैन्स मिलते हैं. प्यार से मिलते हैं. उन्हें गले लगाते हैं. कुछ ऐसा ही स्टेटमेंट उन्होंने एक बार पहले भी दिया था जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी ट्रोलिंग हुई. सनी ने अब कहा कि उन्हें ट्रोलिंग की परवाह नहीं. उनका कहना था कि ट्रोल करने वालों के चेहरे नहीं होते. वो कायर लोग हैं. जनता को शांति चाहिए और अपना मतलब साधने वाले लोग उन्हें बांटते रहते हैं.
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