नाम जानें, कैसे पड़ा है क्रिकेटरों का निक-नाम जानें
विराट कोहली क्यों कहलाते हैं चीकू? राहुल द्रविड़ कैसे बन गए जैमी? कुंबले क्यों हुए जंबो?
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क्रिकेट क्विक गेम है भाई. लंबे नामों का इधर कोई काम नहीं. कैप्टन ये थोड़े ना बोलेगा कि कालूवितरणा जी जरा मिड ऑन पर चले जाइए. वो तो छोटे नाम से बुलाएगा. तो क्रिकेट जो है, वो निकनेम की हरी जमीन है. यहां हर खिलाड़ी का छोटा नाम है. पर नाम कैसा भी हो, उसके पीछे स्टोरी तो होती ही है. स्टोरी हम बतलाते हैं,

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किसी चतुर सुजान की दिमाग की उपज था. क्योंकि राहुल के पिता शरद 'जैम' बनाने वाली कंपनी 'किसान' में काम करते थे.

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क्योंकि एक समय उन्हें सट्टा लगाना पसंद था. वह तस्मानिया में पैदा हुए थे, जहां कुत्तों की दौड़ पर सट्टा लगाना लीगल है और पॉन्टिंग उसमें हिस्सा लिया करते थे.

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वो इसलिए क्योंकि जब वो पैदा हुए तो उनके पिता इस नाम की वाइन पिया करते थे. सफेद अंगूरों से बनती है ये वाइन. सिद्धू जब सीनियर हो गए तो 'शैरी भ्राजी' कहलाने लगे.

फोटो: www.viratkohli.website
बालक कोहली के स्पाइक हेयरस्टाइल और गोल-मटोल चेहरे की वजह से दिल्ली कोच अजीत चौधरी ने उन्हें पहली बार 'चीकू' कहा और फिर ये नाम उनके साथ चिपक गया. कोहली ये किस्सा इस तरह सुनाते हैं, 'मुझे ये नाम मिला क्योंकि पहले मेरे कान बड़े थे और मैं थोड़ा मोटा हुआ करता था. उस पर मैंने अपने बाल छोटे करा लिए थे. फिर मेरे एक कोच को लगा कि मैं चंपक कॉमिक्स का चीकू खरगोश लगता हूं. वहीं से ये नाम मिला.' पता नहीं अब टीम में बोलते होंगे या नहीं. अब तो कैप्टन हो गया है भाई.

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बंगाल से हैं, टीम में सीनियर थे तो खिलाड़ी 'दादा' कहने लगे. फिर तफरीह मिश्रित प्यार में किसी ने 'दादी' कह दिया और यही नाम चल निकला.
फोटो: क्रिकेट काउंटी डॉट कॉम
वेस्टइंडीज के तूफानी गेंदबाज को अंपायर डिकी बर्ड ने दिया था ये नाम. क्यों? क्योंकि वह बिना ज्यादा आवाज किए रन-अप लेते थे, अपने पैरों पर हल्के थे और धम्म की आवाज किए बिना गेंद डालते थे. और वह गेंद जाहिर है, बल्लेबाजों के लिए कातिलाना होती थी. होल्डिंग की पहली ऑटोबायोग्राफी का नाम भी यही था, 'व्हिस्परिंग डेथ.'

मास्टर ब्लास्टर और 'गॉड ऑफ क्रिकेट' के अलावा उनका एक नाम ये भी था. जब उन्हें इंटरनेशनल क्रिकेट में 20 साल हो गए तो युवराज ने उन्हें पहली बार ड्रेसिंग रूम में 'ग्रैंडफादर' कहा. बाद में जब सचिन से ये पूछा गया तो वे मजाकिया लहजे में बोले, 'मैंने उसको बोला था कि मुझे ग्रैंडपा बोलने से पहले दो बार सोचे. मैं भी उसे कैमरे के सामने कई नामों से बुला सकता हूं.' बताने वाले बताते हैं कि तब से युवी ने किसी को 'ग्रैंडफादर' नहीं कहा.

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क्योंकि क्रीज पर वह कुछ रुके हुए से कदमों से बॉल डिलिवर करते थे. गेंदबाजी एक्शन से लगता था कि उनके पैरों की उंगलियां मुड़ी (कबूतर की तरह) रहती होंगी. बोले तो 'pigeon-toed' एक्शन की वजह से.

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क्योंकि उनका गेंदें पिच पर पड़कर तेजी और उछाल पकड़ती थीं, बिल्कुल जंबो जेट की तरह.

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श्रीलंका का यह दिग्गज कुछ शॉट आर या पार वाले खेलता था. या वो शॉट सीमा पार जाता या डिसिल्वा पवेलियन जाते. तब किसी काबिल आदमी ने यह नाम दिया, 'मैड (या) मैक्स.'

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भज्जी तो उनके नाम के पिछले हिस्से का बिगड़ा हुआ रूप है. 'भजन' से बना है. 'टर्बनेटर' नाम, लगता है उन्हें ऑस्ट्रेलियाई लोगों ने दिया. जब उन्होंने 2001 की सीरीज में कंगारू टीम को कोलकाता और चेन्नई के टेस्ट में अपनी फिरकी पर नचाया था. वैसे बचपन में हरभजन को सोनू बुलाया जाता था. लेकिन अब वो सोनू सुनकर रिस्पॉन्ड नहीं करते.

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16 साल की उम्र में गिब्स कार नहीं चला पाते थे. साथ के लौंडों ने जोक मारा कि कोई बात नहीं भाई, हम तेरे लिए स्कूटर ला देंगे.

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सुरेश रैना बचपन में घर के पास खेल रहे थे. पता नहीं कहां से उन्हें किसी ने सोनू कहा. फिर किसी और ने कहा और फिर यह उनका नाम पड़ गया. वैसे टीम में ज्यादा लोग उन्हें इस नाम से नहीं बुलाते.

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टीम इंडिया का सबसे स्मार्ट क्रिकेटर कौन है? विराट कोहली का नाम न लेना. क्योंकि युवराज सिंह शर्मा जी के लड़के को 'शाणा' मानते हैं. जी हां, रोहित को टीम के अंदर 'शाणा' कहा जाता है. ये नाम उन्हें युवराज ने दिया, क्योंकि उन्हें लगता है कि वो टीम में सबसे 'शाणे' हैं.
1
जैमी, राहुल द्रविड़

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किसी चतुर सुजान की दिमाग की उपज था. क्योंकि राहुल के पिता शरद 'जैम' बनाने वाली कंपनी 'किसान' में काम करते थे.
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पंटर, रिकी पॉन्टिंग

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क्योंकि एक समय उन्हें सट्टा लगाना पसंद था. वह तस्मानिया में पैदा हुए थे, जहां कुत्तों की दौड़ पर सट्टा लगाना लीगल है और पॉन्टिंग उसमें हिस्सा लिया करते थे.
3
शैरी, नवजोत सिंह सिद्धू

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वो इसलिए क्योंकि जब वो पैदा हुए तो उनके पिता इस नाम की वाइन पिया करते थे. सफेद अंगूरों से बनती है ये वाइन. सिद्धू जब सीनियर हो गए तो 'शैरी भ्राजी' कहलाने लगे.
4
चीकू, विराट कोहली

फोटो: www.viratkohli.website
बालक कोहली के स्पाइक हेयरस्टाइल और गोल-मटोल चेहरे की वजह से दिल्ली कोच अजीत चौधरी ने उन्हें पहली बार 'चीकू' कहा और फिर ये नाम उनके साथ चिपक गया. कोहली ये किस्सा इस तरह सुनाते हैं, 'मुझे ये नाम मिला क्योंकि पहले मेरे कान बड़े थे और मैं थोड़ा मोटा हुआ करता था. उस पर मैंने अपने बाल छोटे करा लिए थे. फिर मेरे एक कोच को लगा कि मैं चंपक कॉमिक्स का चीकू खरगोश लगता हूं. वहीं से ये नाम मिला.' पता नहीं अब टीम में बोलते होंगे या नहीं. अब तो कैप्टन हो गया है भाई.
5
दादी, सौरव गांगुली

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बंगाल से हैं, टीम में सीनियर थे तो खिलाड़ी 'दादा' कहने लगे. फिर तफरीह मिश्रित प्यार में किसी ने 'दादी' कह दिया और यही नाम चल निकला.
6
व्हिस्परिंग डेथ, माइकल होल्डिंग
फोटो: क्रिकेट काउंटी डॉट कॉमवेस्टइंडीज के तूफानी गेंदबाज को अंपायर डिकी बर्ड ने दिया था ये नाम. क्यों? क्योंकि वह बिना ज्यादा आवाज किए रन-अप लेते थे, अपने पैरों पर हल्के थे और धम्म की आवाज किए बिना गेंद डालते थे. और वह गेंद जाहिर है, बल्लेबाजों के लिए कातिलाना होती थी. होल्डिंग की पहली ऑटोबायोग्राफी का नाम भी यही था, 'व्हिस्परिंग डेथ.'
7
ग्रैंडफादर,सचिन तेंदुलकर

मास्टर ब्लास्टर और 'गॉड ऑफ क्रिकेट' के अलावा उनका एक नाम ये भी था. जब उन्हें इंटरनेशनल क्रिकेट में 20 साल हो गए तो युवराज ने उन्हें पहली बार ड्रेसिंग रूम में 'ग्रैंडफादर' कहा. बाद में जब सचिन से ये पूछा गया तो वे मजाकिया लहजे में बोले, 'मैंने उसको बोला था कि मुझे ग्रैंडपा बोलने से पहले दो बार सोचे. मैं भी उसे कैमरे के सामने कई नामों से बुला सकता हूं.' बताने वाले बताते हैं कि तब से युवी ने किसी को 'ग्रैंडफादर' नहीं कहा.
8
पीजन, ग्लेन मैक्ग्रा

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क्योंकि क्रीज पर वह कुछ रुके हुए से कदमों से बॉल डिलिवर करते थे. गेंदबाजी एक्शन से लगता था कि उनके पैरों की उंगलियां मुड़ी (कबूतर की तरह) रहती होंगी. बोले तो 'pigeon-toed' एक्शन की वजह से.
9
जंबो, अनिल कुंबले

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क्योंकि उनका गेंदें पिच पर पड़कर तेजी और उछाल पकड़ती थीं, बिल्कुल जंबो जेट की तरह.
10
मैड मैक्स, अरविंदा डिसिल्वा

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श्रीलंका का यह दिग्गज कुछ शॉट आर या पार वाले खेलता था. या वो शॉट सीमा पार जाता या डिसिल्वा पवेलियन जाते. तब किसी काबिल आदमी ने यह नाम दिया, 'मैड (या) मैक्स.'
11
भज्जी/टर्बनेटर, हरभजन सिंह

Photo: Reuters
भज्जी तो उनके नाम के पिछले हिस्से का बिगड़ा हुआ रूप है. 'भजन' से बना है. 'टर्बनेटर' नाम, लगता है उन्हें ऑस्ट्रेलियाई लोगों ने दिया. जब उन्होंने 2001 की सीरीज में कंगारू टीम को कोलकाता और चेन्नई के टेस्ट में अपनी फिरकी पर नचाया था. वैसे बचपन में हरभजन को सोनू बुलाया जाता था. लेकिन अब वो सोनू सुनकर रिस्पॉन्ड नहीं करते.
12
स्कूटर, हर्शल गिब्स

Photo: Reuters
16 साल की उम्र में गिब्स कार नहीं चला पाते थे. साथ के लौंडों ने जोक मारा कि कोई बात नहीं भाई, हम तेरे लिए स्कूटर ला देंगे.
13
सोनू, सुरेश रैना

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सुरेश रैना बचपन में घर के पास खेल रहे थे. पता नहीं कहां से उन्हें किसी ने सोनू कहा. फिर किसी और ने कहा और फिर यह उनका नाम पड़ गया. वैसे टीम में ज्यादा लोग उन्हें इस नाम से नहीं बुलाते.
14
शाणा, रोहित शर्मा

Photo: Facebook
टीम इंडिया का सबसे स्मार्ट क्रिकेटर कौन है? विराट कोहली का नाम न लेना. क्योंकि युवराज सिंह शर्मा जी के लड़के को 'शाणा' मानते हैं. जी हां, रोहित को टीम के अंदर 'शाणा' कहा जाता है. ये नाम उन्हें युवराज ने दिया, क्योंकि उन्हें लगता है कि वो टीम में सबसे 'शाणे' हैं.

