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महेश बाबू स्टारर 'वाराणसी' में त्रेता युग दिखाने के लिए राजामौली ने खर्च दिए 300 करोड़ रुपये!

'वाराणसी' के लिए राजामौली को जितनी फीस मिल रही है, भारतीय सिनेमा इतिहास का कोई डायरेक्टर आज तक उसके आसपास भी नहीं फटक सका.

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'वराणसी' 07 अप्रैल 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी.
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शुभांजल
18 फ़रवरी 2026 (अपडेटेड: 18 फ़रवरी 2026, 04:15 PM IST)
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Mahesh Babu स्टारर Varanasi, Ramayana के बाद देश की दूसरी सबसे महंगी फिल्म है. SS Rajamouli इसे ग्लोबल स्केल पर बना रहे हैं. इसमें त्रेतायुग से जुड़ा एक लंबा सीक्वेंस है. मेकर्स इसे फिल्म के सबसे दमदार सीन्स में से एक बता रहे हैं. मगर इस सीन का केवल विजन ही नहीं बल्कि बजट भी भारी-भरकम है. खबर है कि राजामौली ने इस एक सीन पर करीब 250 से 300 करोड़ रुपये लगा दिए हैं.

शुरुआती दिनों में ऐसी चर्चा थी कि 'वाराणसी' को 600 करोड़ रुपये के बजट पर बनाया जाएगा. मगर पिंकविला ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि मेकर्स इस पर 1300 करोड़ रुपये खर्च करने वाले हैं. पिछले दिनों वेरायटी से हुई बातचीत में प्रियंका चोपड़ा जोनस ने फिल्म का बजट 150 मिलियन डॉलर बताया था. भारतीय रुपयों में गिनें तो ये 1359 करोड़ रुपये के आसपास की रकम है.

मेकर्स इस बजट का सबसे बड़ा हिस्सा त्रेतायुग वाले सीक्वेंस पर लगा रहे हैं. त्रेतायुग 'रामायण' के समयकाल को कहा जाता है. राजामौली ने द रैप चैनल से हुए इंटरव्यू में बताया था कि ‘वाराणसी’ करीब 3 घंटे लंबी होगी. इसमें त्रेतायुग वाले सीन को 25 मिनट का रन टाइम दिया गया है. मगर इस 25 मिनट को फिल्माने में उन्हें 60 दिनों का समय लगा है. राजामौली ने इस सीक्वेंस पर पानी की तरह पैसा बहाया है. टुपाकी डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, इस इकलौते सीन पर 250 से 300 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. जो कि अपने आप में एक रिकॉर्ड है.

इस सीक्वेंस में महेश बाबू, भगवान राम के अवतार में नज़र आएंगे. उन्होंने खुद भी ये कन्फर्म किया है. इस सीन की झलक फिल्म के अनाउंसमेंट टीज़र में भी दिखाई दी थी. मगर फिल्म में वो कहीं बड़े स्केल पर फिल्माया गया है. इस दौरान राम और कुम्भकर्ण की लड़ाई दिखाई जा सकती है. त्रेतायुग को रीक्रिएट करने के लिए राजामौली ने VFX, विशालकाय सेट्स, युद्ध के लार्जर दैन लाइफ सीक्वेंस और रियलिस्टिक कॉस्टयूम्स पर खूब मेहनत की है. ये पैसे उदी मद में खर्च हुए हैं.

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इसके अलावा बड़े महलों, जंगलों और अस्त्रों को रीक्रिएट करने में भी काफी ध्यान दिया गया है. सपोर्टिंग कलाकारों, स्टंट आर्टिस्ट और कोरियोग्राफर्स का खर्च मिलाकर सीन का बजट लगभग 300 करोड़ रुपये के आसपास पहुंच गया है. हालांकि मेकर्स ने अब तक औपचारिक रूप से इस बात की पुष्टि नहीं की है. न ही ऐसे करने का चलन है. कोई भी फिल्ममेकर अपनी फिल्म के बजट के बारे में ज़्यादा बात नहीं करता. अगर इस खबर में लेशमात्र की भी सच्चाई है, तो ये भारतीय सिनेमा इतिहास का सबसे महंगा सीक्वेंस बन जाएगा. 

फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म की लीडिंग कास्ट को भी काफ़ी मोटी फीस दी गई है. प्रियंका चोपड़ा ने ‘वाराणसी’ के लिए 30 करोड़ रुपये लिए हैं. ये बात उन्हें देश की हाइएस्ट पेड एक्ट्रेस बनाती है. फिल्म के विलन पृथ्वीराज सुकुमारण ने 10 करोड़ रुपये लिए हैं. महेश बाबू ने कोई फीस तो नहीं ली है. मगर वो फिल्म के प्रॉफ़िट से 40 परसेंट हिस्सा लेंगे. राजामौली ने भी इस मूवी के लिए कोई फिक्स सैलरी नहीं ली है. इसकी जगह उन्होंने फिल्म के ओवरसीज़ राइट्स से मिले पैसे मांगे हैं. बताया जा रहा है कि उससे उनके खाते में 160 करोड़ रुपये आ जाएंगे. अगर ऐसा हुआ, तो वो सबसे ज्यादा फीस लेने वाले भारतीय डायरेक्टर बन जाएंगे. कोई और डायरेक्टर इस फीस के आसपास भी नहीं फटक सका है.

वीडियो: राजामौली ने 'रामायण' को मायथोलॉजी बताया, लोगों ने किया ट्रोल

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