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शाहरुख खान से कार्तिक आर्यन तक इन सुपरस्टार्स के स्ट्रगल के किस्से हैरान कर देंगे

किसी ने भूखे पेट दिन गुजारे तो किसी ने मक्खी वाली लस्सी तक पी.

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24 जनवरी 2020 (अपडेटेड: 24 जनवरी 2020, 02:33 PM IST)
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शाहरुख खान, कार्तिक आर्यन और राजकुमार राव.
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शाहरुख खान. जिन्हे फैन्स बॉलीवुड का बादशाह, सुपरस्टार, किंग खान कहते हैं. शाहरुख की आखिरी फिल्म 'ज़ीरो' 2018 में आई थी. फिल्म खास कमाल नहीं दिखा सकी, लेकिन इससे शाहरुख की स्टारडम में कोई फर्क नहीं आया. हालांकि हमेशा से ऐसा नहीं था. उन्होंने इंडस्ट्री में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं. खुद को दिल्ली का लड़का कहने वाले शाहरुख ने बॉलीवुड में तगड़ा स्ट्रगल किया है. इसके बारे में उन्होंने एक शो में हाल ही में बताया.

शाहरुख रेमो डिसुजा के डांस रियलिटी शो 'डांस प्लस5' में पहुंचे थे. ये रिपब्लिक डे का स्पेशल एपिसोड था. यहां शाहरुख ने अपनी पहली तनख्वाह से जुड़ा एक किस्सा बताया. उन्होंने कहा-


मैं अपनी पहली सैलरी जो 50 रुपये थी, लेकर ताजमहल घूमने गया था. टिकट खरीदने के बाद मेरे पास सिर्फ इतने पैसे बाकी थे, जिनसे मैं एक पिंक लस्सी खरीद सकूं. मैंने जैसे ही लस्सी ली, उसमें एक मधुमक्खी गिर पड़ी. मैंने उसे गिलास से निकालकर लस्सी पी ली. और फिर लौटते समय रास्तेभर उल्टियां करता रहा.


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डांस रियलिटी शो 'डांस प्लस5' में रेमो डिसुजा और कंटेस्टेंट के साथ शाहरुख खान.

शाहरुख खान ने खुद उस नौकरी के बारे में नहीं बताया, जिसमें उन्हें 50 रुपये सैलरी मिली थी. लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक्टर बनने से पहले उन्होंने थियेटर के बाहर टिकट बेचने का काम किया है. और उस काम के लिए उन्हें 50 रुपये मिलते थे.

फिल्म स्टार बनने से पहले स्ट्रगल करने वाले शाहरुख अकेले नहीं हैं. अमिताभ बच्चन से लेकर नवाजुद्दीन सिद्दीकी, पंकज त्रिपाठी और राजकुमार राव जैसे स्टार्स भी अपने स्ट्रगलिंग डेज के बारे में बात कर चुके हैं. इन स्टार्स के ऐसे ही किस्सों के बारे में जानते हैं, जो सेलेब्रिटी बनने के पहले के हैं.

कार्तिक आर्यन

नॉन-फिल्मी बैकग्राउंड से आने वाले कार्तिक ग्वालियर से हैं. जब वो मुंबई आए थे, तो पेइंग गेस्ट (पीजी) में रहते थे. एक चैट शो में उन्होंने बॉलीवुड में अपने स्ट्रगल के दिनों को याद करते हुए कहा था-


जब मैं मुंबई आया था तो मेरे पास रहने को जगह नहीं थी. मैं एक पीजी में रहता था. एक फ्लैट में 12 लोगों के साथ. ये एक ऐसी चीज थी, जिसके बारे में मैंने कभी सोचा नहीं था. क्योंकि मैं ग्वालियर से हूं, जो कि रहने के लिए महंगा शहर नहीं है. लेकिन मुंबई सच में बहुत महंगा है.

जब कार्तिक एक्टर बन गए, तो उन्होंने अपनी कमाई से सबसे पहले मुंबई में अपार्टमेंट खरीदा. रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने ये अपार्टमेंट मई, 2019 में खरीदा है. जो यारी रोड पर राजकिरण को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी में है. इसकी कीमत 1.60 करोड़ रुपये है. 459 स्क्वायर फीट का ये अपार्टमेंट पांचवे फ्लोर पर है. ये घर उन्होंने अपनी मां माला तिवारी के नाम पर खरीदा है.


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लखनऊ में पति-पत्नी और वो की शूटिंग के दौरान कार्तिक आर्यन की उंगली में चोट लग गई थी.

राजकुमार राव

राजकुमार राव बॉलीवुड के उन एक्टर्स में से हैं, जिनकी एक्टिंग को न सिर्फ ऑडियंस बल्कि क्रिटिक भी सराहते हैं. 'स्त्री' के 100 करोड़ क्बल में शामिल होने के बाद उन्हें कमर्शियल एक्टर के तौर पर भी देखा जाने लगा है. लेकिन उनका स्ट्रगल किसी भी नॉन फिल्मी बैकग्राउंड से आने वाले एक्टर से कम नहीं था. पिंकविला को दिए इंटरव्यू में अपने राजकुमार ने अपने शुरुआती सफर के बारे में बताया था.


वो मेरे लिए बहुत ही मुश्किल भरा वक्त था. मैं एक मिडिल क्लास परिवार से आता हूं. जब मैं मुंबई आया था, तो बहुत छोटी सी जगह पर रहता था. मैं उसका 7000 रुपये किराया दे रहा था, जो मुझे बहुत ही ज्यादा लगता था. यहां सर्वाइव करने के लिए मुझे 15 से 20 हजार रुपये की जरूरत होती थी. ऐसा भी वक्त था, जब पैसे बिल्कुल खत्म हो जाते थे. एक बार मेरे मोबाइल में मैसेज आया था कि मेरे अकाउंट में 18 रुपये बचे हैं. और मेरे दोस्त के पास 23 रुपये थे.

राजकुमार राव ने FTII से ग्रेजुएशन किया है. कोर्स पूरा करने के बाद वो मुंबई पहुंचे थे. FTII के दिनों को याद करते हुए उन्होंने कहा था-


FTII बड़ी कम्यूनिटी है. हम पैसे उधार लिया करते थे. और कई बार तो दोस्तों के घर जाकर उनके साथ खाना शेयर करके काम चला लेते थे. मेरे पास इतने पैसे नहीं होते थे कि एक ढंग की टीशर्ट खरीद सकूं. मेरा एक दोस्त था विनोद, वो भी एक्टर है. हम दोनों उसकी बाइक पर ऑडिशन देने जाते थे. मुझे लुक्स, प्रेजेंटेशन और ड्रेसिंग के बारे में कुछ पता नहीं था. इतने पॉल्यूशन में हम गुलाब जल से चेहरा साफ करके सोचते थे कि बहुत कमाल दिख रहे हैं.

पंकज त्रिपाठी

पंकज जब भी कोई इंटरव्यू देते हैं, या किसी शो में जाते हैं. अपने स्ट्रगल के दिनों का कोई न कोई किस्सा सुना ही देते हैं. वो कहते हैं कि उन्हें 40 साल की उम्र में सफलता मिली. ये किस्सा उन्हीं दिनों का है, जब पंकज बॉलीवुड में अपनी किस्मत आजमा रहे थे. एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था 1993 में उनकी मृदुला से मुलाकात हुई थी. 2004 में दोनों ने शादी की थी. लेकिन उनके पास एक घर किराये से लेने के पैसे नहीं थे. इसलिए उन्होंने मृदुला को अपने हॉस्टल में ही साथ रख लिया था. इसके बारे में उन्होंने कपिल शर्मा के शो में बताया था.


हां, हम हॉस्टल में साथ रहते थे, लेकिन मेरी पत्नी मृदुला ने कभी मूछें नहीं लगाईं. दरअसल बॉयज हॉस्टल में लड़कियों का आना और रहना मना था. लेकिन मैंने एनएसडी पास करने से पहले ही शादी कर ली थी. और मेरी पत्नी गुपचुप तरीके से मेरे साथ रहती थीं. आमतौर पर लड़के हॉस्टल में काफी आरामतलब होते हैं. और बेहद कम कपड़े पहनते हैं. लेकिन मेरी पत्नी के साथ होने की वजह से वे काफी सभ्य तरीके से रहते थे. उनका व्यवहार भी अच्छा हो गया था. हालांकि कुछ समय बाद ये बात वॉर्डन को पता चल गई थी. एक दिन वार्डन मेरे पास आई और उसने मुझसे पूछा- मैं कब किराए का रूम लेकर शिफ्ट हो रहा हूं?

पंकज 2004 में पहली बार फिल्म 'रन' में स्क्रीन पर नजर आए थे. लेकिन उन्हें पहचान 2012 में आई 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' से पहचान मिली.


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परिवार के साथ पंकज त्रिपाठी.

नवाजुद्दीन सिद्दीकी

आमिर खान, सोनाली बेंद्रे और नसीरुद्दीन शाह जैसे एक्टर्स की फिल्म थी 'सरफरोश'. करीब 3 घंटे की इस फिल्म में नवाजुद्दीन सिद्दीकी कुछ सेकेंड के लिए स्क्रीन पर नजर आए थे. उनका किरदार क्रिमिनल का किरदार था. जिससे आमिर खान पूछताछ करते हैं. ये फिल्म 1999 में आई थी. 13 साल बाद आई फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' ने नवाज को बतौर एक्टर स्थापित किया. इंडस्ट्री में पैर जमाने के लिए उन्होंने 'सरफरोश' से पहले और बाद के कई सालों तक तगड़ा स्ट्रगल किया था. इसका अंदाजा आप नवाज की इन बातों से लगा सकते है-


मुंबई आने के बाद मेरी आर्थिक हालत बहुत ज्यादा अच्छी नहीं थी. मैं दोस्तों से पैसे उधार लिया करता था और कहता था कि दो दिन में लौटा दूंगा. दो दिन बाद किसी और से पैसे लेकर पहले आदमी को लौटा देता था. मैं चार लोगों के साथ एक फ्लैट में रहता था. तब बस ये कोशिश होती थी कि गुजारा हो जाए. इसी बीच में बहुत अजीब जॉब्स भी किए. कभी चौकीदार की नौकरी की, कभी सेल्समैन बनकर धनिया बेचा. एक्टिंग की वर्कशॉप भी चलाई. मैंने 100 से भी ज्यादा ऑडिशन दिए और इस दौरान जो भी रोल्स मुझे मिले, मैं करता गया. चाहें वो कितने भी छोटे क्यों न हों. प्रॉपर ब्रेक मिलने में मुझे 12 साल लग गए. ये सफर खूबसूरत नहीं था. वो बस संघर्ष ही था.

अमिताभ बच्चन

आज अमिताभ की आवाज सुनने के लिए लोग पागल रहते हैं. उन्हें बॉलीवुड का शहंशाह कहा जाता है. लेकिन कभी एक ऐसा भी दौर था जब अमिताभ को कोई नौकरी नहीं मिल रही थी. आवाज की वजह से उन्हें ऑल इंडिया रेडियो में भी काम नहीं मिला. एक वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया था-


मैं एक ड्राइविंग लाइसेंस के साथ मुंबई आया था. मैं खुद से कहता था कि एक्टर नहीं बन पाया तो टैक्सी ही चला लूंगा. स्ट्रगल का दौर था. पैसे की तंगी की वजह से मैं कई रातों तक मरीन ड्राइव के बेंच पर सोया.

अमिताभ बच्चन ने स्ट्रगल के दिनों में रेडियो स्पॉट भी किए. रेडियो स्पॉट रेडियो पर ऐड्स वगैरह होते हैं. इसके लिए उन्हें 50 रुपये मिलते थे. अमिताभ बच्चन की पहली फिल्म 'सात हिंदुस्तानी' थी. इस फिल्म के लिए उन्हें 5000 हजार रुपये मिले थे.



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