कोरियोग्राफर ने 150 जूनियर्स के सामने इतना ज़लील किया कि सेट से नंगे पैर भाग गईं शबाना आज़मी
पहली फिल्म के लिए ही नेशनल अवॉर्ड जीतने वालीं शबाना आज़मी ने तीन साल बाद ही फिल्में छोड़ने का मन बना लिया था.

सीनियर एक्टर Shabana Azmi जो तकरीबन 50 साल से एक्टिंग कर रही हैं. जो एक्टिंग के लिए पांच नेशनल अवॉर्ड जीत चुकी हैं, एक दौर में सिनेमा से पीछा छुड़ाना चाहती थीं. फिल्मी दुनिया से वो इस क़दर तंग आ गई थीं कि सेट से ही नंगे पैर भाग गई थीं. ये बात है 1977 की. यानी उनकी डेब्यू फिल्म Ankur के महज़ तीन साल बाद. जबकि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत Shyam Benegal जैसे कल्ट डायरेक्टर के साथ की थी. हाल ही में दिल्ली में हुए एक कार्यक्रम में शबाना आज़मी ने ये पूरा किस्सा सुनाया. उन्होंने बताया कि फिल्म Parvarish के सेट पर उनका बहुत अपमान हुआ. किसने क्या कहा था शबाना आज़मी को, पढ़िए विस्तार से...
16 मई से दिल्ली में शुरू हुए 17वें हैबिटेट फिल्म फेस्टिवल में शबाना आज़मी ने भी शिरक़त की. एक्टर-डायरेक्टर अपर्णा सेन के साथ उनकी चर्चा का सेशन हुआ. इसी में शबाना ने बताया कि आखिर ऐसा क्या हुआ था ‘परवरिश’ के सेट पर कि वो चलती शूटिंग के बीच से ही भाग जाना चाहती थीं. यहां तक कि उन्होंने फिल्मी दुनिया छोड़ने तक का मन बना लिया था. शबाना ने कहा,
शबाना ने कोरियोग्राफर से डांस स्टेप्स में बदलाव करने की रिक्वेस्ट की. उसके बाद जो हुआ, वो शबाना के लिए चौंकाने वाला था. इस बारे में शबाना ने कहा-
बाद में ‘परवरिश’ के डायरेक्टर मनमोहन देसाई ने शबाना को गले लगाया. उनसे माफी मांगी. वो सुलक्षणा पंडित थीं, जिन्होंने शबाना को काफी समझाया. उन्होंने शबाना से कहा कि फिल्म में उनकी ज़रूरत किसी कोरियोग्राफर से कहीं ज्यादा है. सुलक्षणा के शब्दों से शबाना को ऊर्जा मिली. इस किस्से को ख़त्म करते हुए शबाना ने कहा -
'परवरिश' में शबाना आज़मी और नीतू सिंह के साथ अमिताभ बच्चन, विनोद खन्ना और शम्मी कपूर भी ज़रूरी किरदारों में दिखे थे. शबाना आज़मी बात करें तो उन्हें पद्मश्री (1988) और पद्म भूषण (2012) से सम्मानित किया जा चुका है. अब तक वो तकरीबन 160 फिल्में कर चुकी हैं. पहली ही फिल्म ‘अंकुर’ के लिए उन्होंने नेशनल अवॉर्ड जीता.
वीडियो: दी सिनेमा शो: कंगना रनौत की हिजाब विवाद पर की गई तीखी टिप्पणी का शबाना आजमी ने जवाब दिया

.webp?width=60)

