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नए मंत्रियों को सबसे पहले करना चाहिए ये काम!

सारे नए मंत्रियों के सामने चैलेंज है.

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4 सितंबर 2017 (अपडेटेड: 4 सितंबर 2017, 04:19 PM IST)
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कैबिनेट रिशफल हो गई है. इसका इतना हल्ला हुआ कि कुर्बान हो रहे बकरों की आवाज दब गई. कई नेता वापस खोपचे में चले गए. कुछ का डिमोशन हो गया. अब फाइनली जिन लोगों के हाथ में मंत्रालय आए हैं उनके लिए कुछ काम की सलाह है. इस पर अमल करेंगे तो अच्छा है. नहीं करेंगे तो और अच्छा है क्योंकि अगर सच में विकास हो जाएगा तो अगले चुनाव का मुद्दा निकल जाएगा. फिलहाल सलाहें नोट कर लो कॉपी कलम निकाल के.

1. रेल को फोटोशॉप से मुक्त रखें

फोटोशॉप तो बांएं हाथ का खेल है
फोटोशॉप तो बांएं हाथ का खेल है

ये सलाह नए रेलमंत्री पीयूष गोयल के लिए है. फोटोशॉप के थ्रू चाइना की स्ट्रीट्स को इंडिया में दिखाने वाले तब के बिजली मंत्री को हाथ संभाल के चलना होगा. कहीं वो जल्दी में टॉय ट्रेन को बुलेट ट्रेन बना बैठे तो गजब हो जाएगा. सबसे पहला काम वो ये करें कि अपने सिस्टम से फोटोशॉप डिलीट करें.

2. पेयजल को गंगाजल न बनने दें

जब तक घोलेंगे नहीं तब तक बोलेंगे नहीं
जब तक घोलेंगे नहीं तब तक बोलेंगे नहीं

ये पेयजल मंत्री उमा भारती के लिए है. जिन्होंने गंगा साफ कराने का वादा किया था. गंगा को साफ करने में सफलता अर्जित करने के बाद उन्हें ये कार्यभार मिला है. अब उनसे उम्मीद है कि वो गंगाजल जैसा पेयजल नहीं बनाएंगी. अभी गंगा के हालात को देखते हुए.

3. उद्योग को पटरी से न उतारें

इस्तीफा मेरा कुबूल करो बालम
इस्तीफा मेरा कुबूल करो बालम

वाणिज्य मंत्री बन गए हैं पुराने रेलमंत्री सुरेश प्रभु. मोदी जी ने उनको कोई पटरियों वाला मंत्रालय न देने का फैसला किया था. लेकिन वाणिज्य में भी पटरियां होती हैं, जो दिखती नहीं. अगर उद्योग धंधों की गाड़ी पटरी से उतर गई तो अर्थव्यवस्था का पुंगा बज जाएगा.

4. नोटबंदी का अधिकार अपने पास रखें

एक ही मंत्रालय संभालूंगा मैं
एक ही मंत्रालय संभालूंगा मैं

पिछली बार 8 नवंबर को जब मोदी जी ने "राष्ट्र के नाम संदेश" दिया था तो अगली सुबह जेटली जी को पता चला था कि नोटबंदी हो गई है. इस बार कम से कम पांच मिनट पहले वो मोदी जी से पूछ लें कि क्या होने वाला है. ताकि रोज आरबीआई के नियम बदलते न बीतें.

5. सर्जिकल स्ट्राइक करें तो लोगों को साथ ले जाएं

एक बार जो कमिटमेंट कर दी तो सबकी सुननी पड़ती है
एक बार जो कमिटमेंट कर दी तो सबकी सुननी पड़ती है

पिछली बार सर्जिकल स्ट्राइक हुई थी तो क्या हुआ था? पाकिस्तान वालों से ज्यादा सवाल यहां वालों ने उठा दिए थे. जिसको देखो वही सुबूत मांग रहा था. लेकिन सुबूत किसी के पास नहीं था. इस बार कोई ऐसा एक्शन लिया जाए तो प्लीज राहुल जी, केजरीवाल जी को सेना में सबसे आगे रखा जाए.
बाकी मंत्री सुबुध सुजान हैं. अपने मन से फैसले ले सकते हैं.


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