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हम मोम के पुतले को नरेंद्र मोदी का नहीं मानेंगे जब तक...

हम ऐसे किसी पुतले को उनका नहीं मानेंगे जिसने हाथ में सेल्फी लेने के लिए मोबाइल न पकड़ रखा होगा.

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फोटो - thelallantop
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आशीष मिश्रा
17 मार्च 2016 (अपडेटेड: 17 मार्च 2016, 11:10 AM IST)
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नाप-जोख पूरी हो गई है, और जल्द ही मैडम तुसाद के म्यूजियम में प्रधानमंत्री का मोम वाला पुतला लगने वाला है हर पुतले पर डेढ़ करोड़ का खर्चा आएगा. अगर आपको लग रहा हो कि पुतले की कारीगरी और मटेरियल पर खर्च हो रहा है तो आप गलत हैं, असल खर्चा पुतले के कपड़ों पर हो रहा है. पर क्या फायदा? मोदी कुर्ता पहने नजर आएंगे. अपना नाम लिखा सूट तक नहीं पहना होगा उनने.
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Source- Reuters

मोदी के पुतले को हम तब तक मोदी का नहीं मानेंगे. जब तक उसके सीने का माप 56 इंच न दिखाया जाए. लोग कहते हैं. मोदी का पुतला सूट पहने नजर आएगा. क्या हम भूल गए हैं वो मोदी हैं? वो नरेंद्र मोदी हैं. हम ऐसे किसी पुतले को उनका नहीं मानेंगे जिसने हाथ में सेल्फी लेने के लिए मोबाइल न पकड़ रखा होगा.
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होंगे वो कोई और जिनके पुतले के बगल में लोग अजीब सी शक्लें बनाकर फोटो खिंचाते हैं. नरेंद्र मोदी के पुतले के बगल से भी कोई गुजरे तो 'मितरों' और 'अच्छे दिन आने वाले हैं' का स्वर गूंजना चाहिए.
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Source-tumblr

मोदी का पुतला तो ऐसा होना चाहिए कि दो-चार मन की बात वही कर जाए. किसी रैली में खड़ा कर दो तो बिना रुके आधे घंटे की स्पीच दे डाले. पुतला हो तो ऐसा हो जो साल में एकाध दर्ज़न देश ऐसे ही घूम आए.
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Source-bellevision

और अगर प्रधानमंत्री का पुतला ये सब न कर सके तो लंदन, सिंगापुर, हांगकांग और बैंकॉक वालों को कोई हक़ नहीं कि हमारे प्रधानमंत्री का पुतला वो रखें. पुतला इंडिया में ही रहने दिया जाए ताकि जब प्रधानमंत्री देश से बाहर हों तो हम उन्हें मिस न करें.

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