"बाप बड़ा न भैया सबसे बड़ा रुपैया" वाली कहावत तो हमेशा ऊंचे रहेगी. इस वक्त सबसेबड़ा है छुट्टा. कैश चाहिए. खेती बाड़ी के लिए कैश चाहिए. किराने का सामान खरीदनेके लिए भी कैश चाहिए. स्कूल की फीस के लिए कैश चाहिए. लेकिन सबसे ज्यादा कैश चाहिएशादी ब्याह के लिए. पब्लिक की मजबूरी सरकार की मजबूरी है. इसलिए वो नोटबंदी के बादभी शादी के लिए कैश देने को तैयार है. लेकिन किस जुगाड़ से दिया जाए, ये कन्फर्मनहीं हो रहा. रोज कोई न कोई नियम और शर्त अखबार में छपकर आ जाती है. ढाई लाख लेनाहै तो शादी का कार्ड लाओ. एक ही रिश्तेदार को मिलेगा. जूता चुराई में सालियों को भीकैश पेमेंट नहीं होगा. ये नियम तो अभी नॉर्मल हैं. शादी के लिए पैसे देने में सरकारके इतने नखरे हैं उतने तो दूल्हा भी कलेवा पर नहीं करता. ऐसा लगता है कि वोमुश्किलें कम करने की बजाय बढ़ाने पर ज्यादा जोर दे रहे हैं. तो आगे ऐसी शर्तों केलिए कमर कस लो.1.शादी के लिए ढाई लाख चाहिए तो पूरी बारात को लाइन में लगाओ. ताकि सरकार वेरिफाई करसके शादी असली है. सिर्फ राशन कार्ड दिखाने से काम नहीं चलेगा.2.लाइन में लगे सारे बारातियों की उंगली पर स्याही लगेगी. और वो बारात में खाना जीमनेके बाद एक हफ्ते कोई कैश नहीं निकाल पाएंगे. अब अपना पैसा निकाल लो या बारात घूमलो.3.शादी के पहले वाली रस्मों पर ध्यान दें. उनकी वीडियोग्राफी अनिवार्य होगी. तोगोदभराई, बरिच्छा और तिलक में बनी सीडी यूट्यूब पर अपलोड करनी होगी. ताकि सरकारवेरिफाई कर सके.4.शादी का कार्ड सिर्फ देवनागरी में छपेगा. वो भी सिर्फ लाल रंग की स्याही से. किसीऔर रंग से छपने पर रिश्तेदार भले आ जाएं. बैंक से पैसा नहीं आएगा.5.तिलक में आने वाली फल की झबिया और पैंट शर्ट के पीसेज की एक एक जानकारी सरकार कोदेनी होगी. अफसर आएगा और सारा रिकॉर्ड लिखकर ले जाएगा.6.बरिच्छा या गोदभराई किसी मनसा देवी या कैला देवी मंदिर की बजाय बैंक में ही होगी.सारी रस्मों पर बैंक के अधिकारी और केंद्र सरकार का एक राजपत्रित अधिकारी नजररखेंगे.7.बुआ के नेग में 10 परसेंट कटकर सरकार के खाते में जमा करना होगा.8.इतनी मुश्किलों के बाद एक मुश्किल आपकी मुश्किलें आसान करने के लिए. आपको गानेबजाने वालों, बाकी की रस्में कराने वालों को नेग देने के लिए सारा कैश 21, 51 या101 के शेप में दिया जाएगा. तो जितने 100-50 के नोट लोगे उतने ही एक के सिक्के लेनेपड़ेंगे.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें: मजाक में बनाया शादी कार्ड सच हो जाएगा, बनाने वाले ने भी नहीं सोचाथा नोटबंदी का शिकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हो गए