जब ट्रोलिंग से परेशान होकर सपना चौधरी ने जान देने की कोशिश की
सपना के गाने में जातिसूचक शब्द होने के आरोप लगे. सोशल मीडिया पर उन्हें काफी ट्रोल किया गया था.

फरवरी 2016 की बात है. सोशल मीडिया पर अचानक सपना चौधरी की ट्रोलिंग होने लगती है. सपना के खिलाफ कैंपेन चलता है. सपना के एक गाने के खिलाफ लोग सोशल मीडिया पर आक्रामक हो जाते हैं. आरोप लगता है कि उस गाने में जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल किया गया है. फिर खबर आती है कि सपना ने जान देने की कोशिश की.
बीते दिनों हमारे ख़ास शो गेस्ट इन द न्यूज़रूम में सपना चौधरी आईं. उन्होंने अपनी जिंदगी से जुड़े कई किस्से सुनाए. उनसे कई तरह के सवाल किए गए. सवाल उनकी पर्सनल और प्रोफेशनल दोनों जिंदगियों से जुड़े हुए थे. इसी दौरान जब उन से इस घटना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा,
सपना से ये भी पूछा गया कि जिस गाने पर बवाल हुआ था उसमें ऐसा क्या था? क्या उसमें कोई जातिसूचक शब्द था? इस सवाल का जवाब देते हुए सपना ने कहा,
इस पूरी घटनाक्रम को कई लोगों ने नाटक, ड्रामा, नौटंकी जैसी संज्ञाएं भी दी. जब सपना से इस बारे में सवाल किया किया तो उन्होंने कहा,
तो क्या सपना ने इस घटना के बाद गानों के चयन को लेकर सावधान होना शुरू कर दिया? तो सपना ने बताया,
सपना चौधरी ने इस चर्चा के दौरान ये भी बताया कि गाने में अपमानजनक शब्द को लेकर हुए केस में उन्हें चंडीगढ़ हाईकोर्ट में जीत मिली. वो शब्द उनके लिखे हुए नहीं थे उनसे पहले भी रागिनी गाने वाले कई पुरुष और महिला कलाकारों ने उस गाने को गाया है. उन पर ना तो किसी ने कोई बवाल किया, ना ही केस. मुझ पर केस किया गया क्योंकि उन्हें टीआरपी चाहिए थी. सपना अपने बेबाक अंदाज़ के लिए पहचानी जाती है . बिग बॉस-11 में भी वो अपने इसी अंदाज़ के लिए मशहूर हुई थीं.
वीडियो: गेस्ट इन द न्यूजरूम: सपना चौधरी हरियाणवी गानों, 'बिग बॉस' और PM मोदी पर क्या बोल गईं?

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