"राइटर्स-एक्टर्स ने प्रोपगैंडा के सहारे करियर बनाया", 'धुरंधर 2' देख क्या बोले संदीप रेड्डी वांगा?
'धुरंधर 2' देखने के बाद वांगा का तड़कता-भड़कता बयान, "मुट्ठी भर लाल मिर्च से काम नहीं चलेगा. पूरा खेत जलाना पड़ेगा."

इन दिनों इंटरनेट पर Prabhas और Sandeep Reddy Vanga की एक फ़ोटो वायरल हो रही है. ये फ़ोटो Spirit के सेट से नहीं बल्कि एक थिएटर की है. मालूम चला कि ये दोनों लोग Ranveer Singh स्टारर Dhurandhar 2 देखने गए थे. प्रभास ने तो अब तक इस फिल्म पर कोई कमेंट नहीं किया है. मगर वांगा ने इंटरनेट पर इस फिल्म को लेकर अपनी तड़कती-भड़कती राय पोस्ट कर डाली है. जिस पर तरह-तरह के रिएक्शंस आ रहे हैं.
इससे पहले कि आपको ये लगे कि वांगा 'धुरंधर 2' पर गुस्सा हैं, तो ऐसा नहीं है. उन्हें ये फिल्म पसंद आई है. मगर इसके बहाने उन्होंने 'धुरंधर 2' को प्रोपगैंडा कहने वालों को आड़े हाथ लिया है. X पर इस फिल्म की तारीफ करते हुए उन्होंने लिखा,
"कई राइटर्स और एक्टर्स ने प्रोपगैंडा के सहारे अपना करियर बनाया, और इंडस्ट्री चुपचाप देखती रही. अब वही लोग धुरंधर का मज़ाक बना रहे हैं. अगर आपका पहला इंस्टिंक्ट किसी चीज़ का मज़ाक उड़ाना है, तो आपको खुद को लिबरल कहने का कोई हक़ नहीं है. समझ नहीं आता कि सच को कब से प्रोपगैंडा कहा जाने लगा. वाकई अजीब दौर है."

वो आगे लिखते हैं,
"अब मुद्दे पर आता हूं. मैं आदित्य धर और रणवीर सिंह से कहना चाहता हूं कि ये काली दृष्टि ऐसे नहीं जाएगी. मुट्ठी भर लाल मिर्च से काम नहीं चलेगा. पूरा खेत जलाना पड़ेगा. मैंने कल रात धुरंधर 2 देखी. शानदार फिल्म है."

इंटरनेट पर वांगा का ये कमेंट खूब वायरल हो रहा है. कोई उनका समर्थन कर रहा है, तो कुछ लोग उनके खिलाफ खड़े हो गए हैं. हालांकि खबर लिखे जाने तक आदित्य ने भी उनका रिप्लाई कर दिया है. उन्होंने कहा कि उन्हें वांगा का अंदाज़ बहुत पसंद है. खासकर तब, जब वो लोगों को जवाब देते हैं. आदित्य ने कहा कि वो वांगा की सच्चाई और भरोसे का सम्मान करते हैं. इससे उन्हें भी काफी कॉन्फिडेंस मिलता है. उन्होंने वांगा को ‘स्पिरिट’ के लिए शुभकामनाएं दी हैं. साथ ही ये भी कहा कि जब कभी उन्हें आदित्य की जरूरत होगी, तो वो जरूर मौजूद रहेंगे.

वैसे, ये पहला मौका नहीं, जब वांगा ने इस फ्रैंचाइज़ की तारीफ की हो. उन्होंने पहले पार्ट का भी खूब गुणगान किया था. तब उन्होंने 'धुरंधर' की तुलना एक ऐसे इंसान से की थी, जो बोलता भले कम हो, मगर हिम्मती बहुत है. उस वक्त उन्होंने फिल्म के म्यूजिक, एक्टिंग, स्क्रीनप्ले और डायरेक्शन को भी बेहतरीन बताया था. हालांकि तब उन्होंने ‘प्रोपगैंडा’ जैसे शब्दों का कहीं भी इस्तेमाल नहीं किया था. मगर सेकेंड पार्ट का रिव्यू करते हुए उनका ज्यादा फोकस इस शब्द के इर्द-गिर्द ही रहा.
वीडियो: जाकिर खान ने 'धुरंधर' पर बॉलीवुड को सुनाते हुए क्या कहा?

