"सलमान की फिल्में रिलीज़ से पहले ही अपना बजट वसूल कर लेती हैं"
प्रोड्यूसर निखिल द्विवेदी ने कहा कि सलमान खान को किसी की ज़रूरत नहीं है. उनकी फिल्म जो प्रोड्यूस कर रहा है, उसे उन्होंने वो मौका दिया.

Anurag Kashyap ने एक इंटरव्यू में कहा था कि Salman Khan की फिल्मों से प्रोड्यूसर्स को कभी नुकसान नहीं होता. यानी बॉक्स ऑफिस पर उनकी फ्लॉप नज़र आने वाली मूवीज़ भी अपना बजट तो वसूल ही लेती हैं. Dabangg 3 और Bandar जैसी फिल्में प्रोड्यूस करने वाले Nikhil Dwivedi भी इस बात से इत्तेफ़ाक रखते हैं. हाल ही में उन्होंने बताया कि Salman Khan की मूवीज़ एक झटके में अपना बजट वसूल लेती हैं. उन्होंने इसके पीछे का गणित भी समझाया है.
ABP से हुई बातचीत में निखिल कहते हैं,
"सलमान खान जी की मूवी आप प्रोड्यूस नहीं करते बल्कि वो आपको चांस देते हैं. उन्हें प्रोड्यूसर्स और रुपये-पैसे की जरूरत नहीं है. देखिए शाहरुख, सलमान और आमिर की फिल्में (रिलीज़ से) पहले ही बिक जाती हैं. उसके एक पार्ट की बिक्री के अडवांस पैसे से ही पूरे शूटिंग की कॉस्ट रिकवर हो जाती है. उन्हें किसी की ज़रूरत नहीं. इसलिए उनके साथ कोई फिल्म प्रोड्यूस कर रहा है, तो ये समझना चाहिए कि उन्हें चांस दिया गया है."
निखिल बताते हैं कि सलमान के साथ 'दबंग 3' जैसी फिल्म बनाने से उनके लिए कई दरवाज़े खुल गए. उसके बाद उन्होंने अच्छी कहानियों की तलाश शुरू की. बॉबी देओल और अनुराग कश्यप की 'बंदर' भी उसका ही नतीजा है. वो कहते हैं,
"सलमान के पास अल्ट्रा-सुपरस्टारडम है. उन्होंने अपने मापदंड बहुत ऊंचे कर दिए हैं और ये हमेशा रहेगा. आपको अपनी फिल्म से 400 या 500 करोड़ कमाने की उम्मीद है. लेकिन वो 200 करोड़ कमा पाती है. ऐसे में लोगों को लगता है कि मूवी को 300 करोड़ कम हो गया. ऐसे में लोग उसे फ्लॉप कहना शुरू कर देते हैं. लेकिन अंत में जब इन सबकी लिस्ट बनेगी तो आपको पता चलेगा कि सलमान खान का ट्रेड अनबिलिवेबल है."
निखिल बताते हैं कि सलमान के अलावा शाहरुख और आमिर का ट्रेड भी गजब का है. एक जमाने में अमिताभ बच्चन, राजेश खन्ना और धर्मेन्द्र का भी यही रुतबा था. सरल शब्दों में कहें तो निखिल ये कहना चाहते हैं कि इतने बड़े सुपरस्टार्स की फिल्में नुकसान नहीं होने देतीं. दरअसल, आम दर्शक किसी मूवी की जो कमाई देखते हैं, वो केवल उनका बॉक्स ऑफिस कलेक्शन होता है. मेकर्स उनके तमाम राइट्स बेचकर खूब पैसे कमाते हैं. इनमें म्यूजिक, सैटेलाइट, थिएट्रिकल और OTT राइट्स वगैरह शामिल होते हैं. अक्सर इनसे ही लागत का बड़ा हिस्सा वापस आ जाता है.
हालिया एग्जाम्पल के तौर पर आप शाहरुख की 'किंग' को देख सकते हैं. उस मूवी का टोटल बजट 350 करोड़ है. लेकिन मेकर्स ने उसके थिएट्रिकल राइट्स 250 करोड़ और म्यूजिक राइट्स 45 करोड़ में बेचे हैं. यानी फिल्म ने रिलीज़ से पहले ही 295 करोड़ रिकवर कर लिया. टीवी और डिजिटल राइट्स बेचते ही वो प्रॉफिट में चले जाएंगे. इससे आप समझ सकते हैं कि मेकर्स को रिलीज़ से पहले ही अपनी मूवी के राइट्स बेचने की इतनी होड़ क्यों रहती है.
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