रूस ने दुनिया के सबसे बड़े फिल्म अवॉर्ड को ही बॉयकॉट कर डाला!
जिस डायरेक्टर ने ऑस्कर जीता, अब वो कह रहा है कि रूस को अपनी फिल्म अमेरिका भेजने की कोई ज़रूरत नहीं.

इंडिया में बॉयकॉट बॉलीवुड के हैशटैग चलते रहते हैं. उससे करीब 5,000 किलोमीटर दूर बसने वाले रूस ने दुनिया के सबसे बड़े फिल्म अवॉर्ड को ही बॉयकॉट करने का फैसला ले लिया. रूस इस साल ऑस्कर अवॉर्ड को बॉयकॉट करेगा. अकैडमी के मेंबर देश अपनी ओर से एक-एक फिल्म भेज रहे हैं. बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म की कैटेगरी में नॉमिनेशन के लिए. इंडिया ने भी अपनी तरफ से गुजराती भाषी फिल्म ‘छेल्लो शो’ को भेजा है. रूस ये नहीं करने वाला. वो अपनी ओर से अकैडमी अवॉर्ड के लिए कोई फिल्म नहीं भेजेगा.
इसी साल 24 फ़रवरी से रूस और यूक्रेन के बीच तनावपूर्ण स्थिति है. ऐसे में रूस का मानना है कि अमेरिका युद्ध में यूक्रेन के साथ है. इस वजह से वो उनसे अपने संबंध खत्म करना चाहते हैं. चूंकि ऑस्कर अवॉर्ड अमेरिका से वास्ता रखते हैं. इसलिए उन्हें बॉयकॉट करने का फैसला लिया गया है. रूसी एडमिनिस्ट्रेशन ने ये फैसला लेने में एक खेला कर दिया. उन्होंने रूस की ऑस्कर कमिटी के चेयरपर्सन को इस बात की खबर तक नहीं लगने दी. जिसके बाद चेयरपर्सन पावेल ने लेटर लिखकर अनाउंस किया कि ये उनकी पीठ पीछे हुआ है. इस वजह से वो अपने पद से इस्तीफा दे रहे हैं.
हालांकि, पावेल पूरे रूस का मूड बयां नहीं करते. कुछ लोग ऐसे भी हैं जो एडमिनिस्ट्रेशन के इस फैसले से सहमति रखते हैं. जैसे फिल्ममेकर निकिता मिखलकॉव. उनका कहना है कि रूस को ऐसे देश में अपनी फिल्म को प्रतिनिधि बनाकर नहीं भेजना चाहिए जो उसके अस्तित्व को ही नकार रहा है. मिखलकॉव और ऑस्कर अवॉर्ड का रिश्ता सिर्फ इस बयान जितना ही नहीं. 1994 में रूसी भाषी फिल्म Burnt By The Sun को बेस्ट फॉरेन फिल्म का अकैडमी अवॉर्ड मिला था. जो कि रूस को बेस्ट फिल्म के लिए मिला अब तक का आखिरी ऑस्कर भी है. कहानी सेट थी स्टालिन के दौर में. जहां एक विवाहित जोड़ा अपनी ज़िंदगी आराम से काट रहा होता है. तभी अचानक एक दिन पत्नी का 13 साल पुराना प्रेमी लौट आता है. उसका पति इससे कैसे डील करता है, यही फिल्म का मेन प्लॉट था.

रूस के लिए ऑस्कर लाने वाली इस फिल्म को मिखलकॉव ने ही बनाया था. रूस को आखिर ऑस्कर भले ही 1994 में मिला, लेकिन समय-समय पर वहां की फिल्में अकैडमी अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट होती रही हैं. 2014 में Leviathan और 2017 में ‘लवलेस’ जैसी रूसी फिल्मों को भी बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म की कैटेगरी में नॉमिनेशन मिले थे.
वीडियो: RRR अभी भी ऑस्कर की रेस से बाहर नहीं हुई है

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