"जैसी फिल्में शाहरुख करते हैं, मैं वैसी फिल्में नहीं बना सकता"
राम गोपाल वर्मा का कहना है कि शाहरुख खान जिस तरह की फिल्में करते हैं, वो उस तरह का सिनेमा बनाना पसंद नहीं करते.
.webp?width=210)
Ram Gopal Varma की फिल्ममेकिंग स्टाइल कई डायरेक्टर्स के लिए मिसाल है. उनकी फिल्मों के किरदार आज भी लोगों के दिमाग पर छपे हुए हैं. रामू के मुताबिक, वो अपनी फिल्मों की कास्टिंग कैरेक्टर की डिमांड के मुताबिक करते हैं. उन्हें किसी का स्टारडम नहीं चाहिए. उन्हें एक्टर चाहिए, जो उनके किरदार में ढल जाए. अपनी बात को समझाने के लिए उन्होंने Amitabh Bachchan और Shah Rukh Khan का उदाहरण दिया है.
रामू और अमिताभ ने 'सरकार' फ्रैंचाइज़ की तीन फिल्मों में साथ काम किया है. इसके अलावा दोनों 'निशब्द', ‘आग’, 'रण' और 'डरना ज़रूरी है' जैसी फिल्मों पर भी कोलैबरेट कर चुके हैं. बावजूद इसके, रामू अमिताभ को ‘इम्मोबाइल फेस’ वाला मानते हैं. यानी ऐसा शख्स, जिसके चेहरे पर ज्यादा एक्स्प्रेशन नहीं आते. फिर भी उन्होंने अमिताभ को अपनी कई फिल्मों में कास्ट किया.
द हंस इंडिया से हुई बातचीत में वो इसके पीछे की वजह बताते हुए कहते हैं,
शाहरुख खान के साथ काम करने के सवाल पर अपनी राय रखते हुए रामू बताते हैं,
ये भी पढ़ें: शाहरुख खान ने धर्मेंद्र को आखिरी विदाई देते हुए अपना दिल खोल दिया
शाहरुख और राम गोपाल वर्मा ने अपने लंबे फिल्मी करियर में कभी साथ काम नहीं किया. मगर एक मौका ज़रूर आया था, जब वो 'कंपनी' में काम करने वाले थे. दरअसल, मलिक वाले रोल के लिए रामू की पहली पसंद शाहरुख ही थे. उन्होंने शाहरुख को नरेशन भी दिया था. शाहरुख भी ये फिल्म को करना चाहते थे. मगर फिर रामू को लगा कि उनका नैचुरल बॉडी लैंग्वेज काफी एनर्जी वाला है. वो मलिक के कैरेक्टर पर नहीं जंचेगा. इसलिए उन्होंने शाहरुख की जगह इस फिल्म में अजय देवगन को कास्ट कर लिया.
वीडियो: 'हमारी फिल्मों में ज्यादा मेहनत...', द बंगाल फाइल्स फिल्म की प्रोड्यूसर ने शाहरुख को 'अनफिट' क्यों कहा?

.webp?width=60)

