जब रजनीकांत को एक औरत ने भिखारी समझकर 10 रुपए पकड़ा दिए
लेकिन इस बात पर उन सुपरस्टार का जो जवाब था, वो दिल लूट ले गया.
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रजनीकांत 12 दिसंबर 1950 को बेंगलुरु के एक मराठा परिवार में पैदा हुए थे.
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भारतीय सिनेमा में कई सुपरस्टार पैदा हुए हैं. सबका अपना-अपना समय था. फिर आते हैं शिवाजी राव गायकवाड़ उर्फ रजनीकांत. असल ज़िंदगी भी Larger than life स्टेटस के साथ जीने वाला उन जैसा कोई नहीं. साल 1950 में 12 दिसंबर को पैदा हुए रजनीकांत आज 68 साल के हो गए हैं. बर्थडे पर पढ़वा हैं चार ऐसे किस्से जो आपको खुश करेंगे.
#1. जब रजनी को पहली नज़र में प्यार हो गया
रजनीकांत की 1978 में आई फिल्म 'भैरवी' बड़ी हिट रही थी. इसके बाद उन्हें असल मायने में सुपरस्टार का दर्ज़ा मिला. लोग कायदे से पहचानने लगे. इंटरव्यू के लिए लाइनें लगने लगीं. एक बार चेन्नई के एथिराज कॉलेज के कुछ स्टूडेंट अपनी कॉलेज मैगज़ीन के लिए उनका इंटरव्यू करना चाहते थे. रजनी तब 1979 की बॉलीवुड हिट 'गोलमाल' की रीमेक 'थिल्लु मुल्लु' की शूटिंग में व्यस्त थे. ग्राउंडेड आदमी थे. इंटरव्यू के लिए बुलवा लिया. उनसे बात करने एक लड़की आई. नाम था लता रंगाचारी. उसने बात करना शुरू किया और रजनीकांत फ्लैट हो गए. माहौल एकदम लव एट फर्स्ट साइट वाला बन गया. उन्होंने उसी समय ये तय कर लिया कि इस लड़की को बातचीत खत्म होते-होते प्रपोज़ कर देंगे. नहीं तो ऐसा मौका फिर नहीं मिलेगा. इंटरव्यू खत्म हुआ और रजनी ने लता से पूछ लिया कि क्या वो उनसे शादी करेंगी? लता ने शर्माते हुए कहा कि उन्हें उनके घरवालों से बात करनी पड़ेगी. मतलब लड़की की हां थी. अब कोई दिक्कत नहीं थी. क्योंकि जब मिया-बीवी राज़ी तो क्या करेगा काज़ी?

अपनी पत्नी लता रंगाचारी के साथ रजनीकांत.
#2. अमिताभ की फिल्मों की वजह से रजनीकांत स्टार बने
रजनीकांत ने जब फिल्मों में अपनी शुरुआत की थी तब उन्हें सिर्फ छोटे-मोटे नेगेटिव रोल्स करने को मिलते थे. उन्हें पहली बार पॉजिटिव और बड़ा रोल मिला फिल्म 'भुवना ओरू केल्विकुरि' में जिसमें उनके एक्टिंग की काफी तारीफ भी हुई थी. लेकिन इसके बाद एक ऐसा दौर आया जब अमिताभ को अपना इंस्पिरेशन मानने वाले रजनी लगातार उनकी फिल्मों की रीमेक करने लगे. उन्होंने तकरीबन 11 फिल्मों की रीमेक में काम किया. जिससे काम तो मिलता रहा लेकिन मनमाफिक सक्सेस नहीं मिली. इसके बाद रजनी ने अमिताभ की फिल्म 'डॉन' की रीमेक 'बिल्ला' की और ये फिल्म जबरदस्त हिट रही. इसने रजनी की इमेज तो कोई खास नहीं बदली पर बॉक्स ऑफिस पर उनकी धमक बढ़ा दी. इसके बाद उन्होंने कुछ ओरिजनल फिल्में की लेकिन उनकी इमेज बदली एक बार फिर अमिताभ की फिल्म 'लावारिस' की रीमेक से. 1990 में आई ये फिल्म 'पनाक्करन' के नाम से बनी थी. रजनीकांत के करियर और उनकी इमेज के लिए ये संजीवनी बूटी साबित हुई.

अपनी फिल्म 'डॉन' के एक सीन में अमिताभ और रीमेक 'बिल्ला' में रजनीकांत.
#3. जब रजनीकांत को एक औरत ने भीख में 10 रुपए पकड़ा डाले
रजनीकांत बहुत धार्मिक और अाध्यात्मिक आदमी हैं. एक बार वो मंदिर में पूजा करने गए. जब वो शूटिंग नहीं करते तब अपने असल अवतार में ही नज़र आते हैं. मतलब बुजुर्ग, गंजे और सिंपल कपड़ों में. मंदिर से निकलते वक्त वो सीढ़ियों पर बैठकर सुस्ताने लगे. इतने में एक औरत वहां से गुज़री और उन्हें भिखारी समझकर पैसे दे दिए. रजनी ने ले भी लिए. जब रजनी वहां से निकलने के लिए अपनी कार में बैठ रहे थे, तब उस औरत ने उन्हें दोबारा देख लिया और जाकर माफी मांगने लगी. जिस पर रजनी ने जवाब दिया कि इसीलिए मंदिर आते हैं कि ऊपर वाला लगातार उनकी हैसियत याद दिलाता रहे. वो भी एक साधारण आदमी हैं कोई सुपरस्टार नहीं. ऐसी चीज़ें ही उन्हें घमंडी होने से बचाती हैं. उनके इस जवाब को जो कोई भी पढ़ेगा वो उनका दीवाना होकर रह जाएगा.

अमिताभ रजनीकांत का सुपरस्टार जैसा सम्मान करते हैं, लेकिन रजनी मिलते हैं तो उनके पैर छू लेते हैं.
#4. जब रजनीकांत ने रितिक को डांट खाने से बचा लिया
रजनीकांत और रितिक रोशन ने साथ में एक फिल्म की थी. फिल्म का नाम था 'भगवान दादा' जो साल 1986 में रिलीज़ हुई थी. इस फिल्म में रितिक रोशन चाइल्ड आर्टिस्ट थे. फिल्म के बारे में बात करते हुए रितिक ने एक मजेदार किस्सा बताया था. उन्होंने कहा कि फिल्म में वो ज्यादातर सीन्स में गड़बड़ कर देते थे, जिस पर उनके पापा राकेश रोशन बहुत गुस्सा करते थे जो एक लीड रोल भी कर रहे थे और फिल्म के डायरेक्टर भी थे. एक बार एक बहुत इंपॉर्टेंट सीन शूट हो रहा था और रितिक ने गड़बड़ कर दी. सबको पता था कि इस बार रितिक को बहुत झाड़ पड़ने वाली है. ऐसे में रजनी ने अपना पूरा डायलॉग गलत कर दिया जिससे रितिक डांट खाने से बच गए.

फिल्म 'भगवान दादा' के एक सीन में रितिक रोशन और रजनीकांत.
वीडियो देखें: उदित नारायण, जिन्हें भारत की आख़िरी ओरिजिनल आवाज़ कहा जाता है
#1. जब रजनी को पहली नज़र में प्यार हो गया
रजनीकांत की 1978 में आई फिल्म 'भैरवी' बड़ी हिट रही थी. इसके बाद उन्हें असल मायने में सुपरस्टार का दर्ज़ा मिला. लोग कायदे से पहचानने लगे. इंटरव्यू के लिए लाइनें लगने लगीं. एक बार चेन्नई के एथिराज कॉलेज के कुछ स्टूडेंट अपनी कॉलेज मैगज़ीन के लिए उनका इंटरव्यू करना चाहते थे. रजनी तब 1979 की बॉलीवुड हिट 'गोलमाल' की रीमेक 'थिल्लु मुल्लु' की शूटिंग में व्यस्त थे. ग्राउंडेड आदमी थे. इंटरव्यू के लिए बुलवा लिया. उनसे बात करने एक लड़की आई. नाम था लता रंगाचारी. उसने बात करना शुरू किया और रजनीकांत फ्लैट हो गए. माहौल एकदम लव एट फर्स्ट साइट वाला बन गया. उन्होंने उसी समय ये तय कर लिया कि इस लड़की को बातचीत खत्म होते-होते प्रपोज़ कर देंगे. नहीं तो ऐसा मौका फिर नहीं मिलेगा. इंटरव्यू खत्म हुआ और रजनी ने लता से पूछ लिया कि क्या वो उनसे शादी करेंगी? लता ने शर्माते हुए कहा कि उन्हें उनके घरवालों से बात करनी पड़ेगी. मतलब लड़की की हां थी. अब कोई दिक्कत नहीं थी. क्योंकि जब मिया-बीवी राज़ी तो क्या करेगा काज़ी?

अपनी पत्नी लता रंगाचारी के साथ रजनीकांत.
#2. अमिताभ की फिल्मों की वजह से रजनीकांत स्टार बने
रजनीकांत ने जब फिल्मों में अपनी शुरुआत की थी तब उन्हें सिर्फ छोटे-मोटे नेगेटिव रोल्स करने को मिलते थे. उन्हें पहली बार पॉजिटिव और बड़ा रोल मिला फिल्म 'भुवना ओरू केल्विकुरि' में जिसमें उनके एक्टिंग की काफी तारीफ भी हुई थी. लेकिन इसके बाद एक ऐसा दौर आया जब अमिताभ को अपना इंस्पिरेशन मानने वाले रजनी लगातार उनकी फिल्मों की रीमेक करने लगे. उन्होंने तकरीबन 11 फिल्मों की रीमेक में काम किया. जिससे काम तो मिलता रहा लेकिन मनमाफिक सक्सेस नहीं मिली. इसके बाद रजनी ने अमिताभ की फिल्म 'डॉन' की रीमेक 'बिल्ला' की और ये फिल्म जबरदस्त हिट रही. इसने रजनी की इमेज तो कोई खास नहीं बदली पर बॉक्स ऑफिस पर उनकी धमक बढ़ा दी. इसके बाद उन्होंने कुछ ओरिजनल फिल्में की लेकिन उनकी इमेज बदली एक बार फिर अमिताभ की फिल्म 'लावारिस' की रीमेक से. 1990 में आई ये फिल्म 'पनाक्करन' के नाम से बनी थी. रजनीकांत के करियर और उनकी इमेज के लिए ये संजीवनी बूटी साबित हुई.

अपनी फिल्म 'डॉन' के एक सीन में अमिताभ और रीमेक 'बिल्ला' में रजनीकांत.
#3. जब रजनीकांत को एक औरत ने भीख में 10 रुपए पकड़ा डाले
रजनीकांत बहुत धार्मिक और अाध्यात्मिक आदमी हैं. एक बार वो मंदिर में पूजा करने गए. जब वो शूटिंग नहीं करते तब अपने असल अवतार में ही नज़र आते हैं. मतलब बुजुर्ग, गंजे और सिंपल कपड़ों में. मंदिर से निकलते वक्त वो सीढ़ियों पर बैठकर सुस्ताने लगे. इतने में एक औरत वहां से गुज़री और उन्हें भिखारी समझकर पैसे दे दिए. रजनी ने ले भी लिए. जब रजनी वहां से निकलने के लिए अपनी कार में बैठ रहे थे, तब उस औरत ने उन्हें दोबारा देख लिया और जाकर माफी मांगने लगी. जिस पर रजनी ने जवाब दिया कि इसीलिए मंदिर आते हैं कि ऊपर वाला लगातार उनकी हैसियत याद दिलाता रहे. वो भी एक साधारण आदमी हैं कोई सुपरस्टार नहीं. ऐसी चीज़ें ही उन्हें घमंडी होने से बचाती हैं. उनके इस जवाब को जो कोई भी पढ़ेगा वो उनका दीवाना होकर रह जाएगा.

अमिताभ रजनीकांत का सुपरस्टार जैसा सम्मान करते हैं, लेकिन रजनी मिलते हैं तो उनके पैर छू लेते हैं.
#4. जब रजनीकांत ने रितिक को डांट खाने से बचा लिया
रजनीकांत और रितिक रोशन ने साथ में एक फिल्म की थी. फिल्म का नाम था 'भगवान दादा' जो साल 1986 में रिलीज़ हुई थी. इस फिल्म में रितिक रोशन चाइल्ड आर्टिस्ट थे. फिल्म के बारे में बात करते हुए रितिक ने एक मजेदार किस्सा बताया था. उन्होंने कहा कि फिल्म में वो ज्यादातर सीन्स में गड़बड़ कर देते थे, जिस पर उनके पापा राकेश रोशन बहुत गुस्सा करते थे जो एक लीड रोल भी कर रहे थे और फिल्म के डायरेक्टर भी थे. एक बार एक बहुत इंपॉर्टेंट सीन शूट हो रहा था और रितिक ने गड़बड़ कर दी. सबको पता था कि इस बार रितिक को बहुत झाड़ पड़ने वाली है. ऐसे में रजनी ने अपना पूरा डायलॉग गलत कर दिया जिससे रितिक डांट खाने से बच गए.

फिल्म 'भगवान दादा' के एक सीन में रितिक रोशन और रजनीकांत.
वीडियो देखें: उदित नारायण, जिन्हें भारत की आख़िरी ओरिजिनल आवाज़ कहा जाता है

