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'बैड्स ऑफ बॉलीवुड' वाले रजत बेदी की कहानी, जिन्हें ऋतिक का सबसे बड़ा विलेन बनने का नुकसान हुआ!

रजत, सलमान खान की फिल्म से कमबैक करने वाले थे. लेकिन सलमान ने उन्हें फोन कर के वो फिल्म छोड़ने के लिए कहा.

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'जानी दुश्मन' ने मीम कल्चर में रजत को काफी पॉपुलर रखा.
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यमन
25 सितंबर 2025 (अपडेटेड: 28 सितंबर 2025, 05:55 PM IST)
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Aryan Khan की डेब्यू सीरीज़ The Bads of Bollywood पर अक्खे इंडिया की नज़र थी. 19 सितंबर को ये सीरीज़ आई और सभी ने इस पर भरपूर प्यार लुटाया. लोगों ने लिखा कि इस सीरीज़ के ज़रिए आर्यन और उनकी टीम ने बॉलीवुड को एक लव लेटर लिखा है. हिन्दी सिनेमा के मसाले वाले उन एलिमेंट्स को प्रॉपर स्पेस दिया जिन्हें देखकर एक पीढ़ी बड़ी हुई है. फिर चाहे वो इमरान हाशमी के गाने हों या फिर बॉबी देओल का क्रेज़. इन्हीं में से एक किरदार था जरज सक्सेना का. जरज वो आदमी है जो बहुत सालों से फिल्म इंडस्ट्री में है. किसी समय पर लोगों का दोस्त हुआ करता था. लेकिन आज कोई उसके फोन उठाना नहीं चाहता. जरज उन सभी किरदारों का प्रतीकात्मक चित्रण हैं जिन्हें देखकर ज़ेहन में आता है कि यार, इसे कहीं तो देखा है. बस नाम याद नहीं आ रहा. पूरी सीरीज़ में जरज इसी बात से स्ट्रगल करता है कि लोग उसे पहचान नहीं पा रहे हैं.

जरज के जूतों में Rajat Bedi के अपने कदम रखे. कुछ हद तक रजत के करियर की ट्रेजेक्टरी भी जरज जैसी ही रही. ‘जानी दुश्मन’ और ‘कोई मिल गया’ जैसी फिल्मों में विलेन बने, बस लोगों को उनका नाम याद नहीं रहता. दिमाग पर ज़ोर डालने पर इतना ही एहसास होता कि ये वही एक्टर है जो हर फिल्म में बड़े बाप की बिगड़ी हुई औलाद बनता है. रजत के किरदार भले ही इतने हल्के रहे हों, लेकिन उनकी जर्नी ऐसी बिल्कुल भी नहीं थी. ‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ में धमाकेदार कमबैक करने से पहले रजत ने इंडस्ट्री का उतार-चढ़ाव, कुमिलाकर सब कुछ देखा. अनुभव से तपने, पकने के बाद वो स्क्रीन पर लौटे और कमाल कर दिया. उनकी ‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ तक की पूरी जर्नी को जानते हैं.

# शाहरुख की फिल्म से करियर शुरू हुआ

राजिंदर सिंह बेदी. उर्दू और हिन्दी साहित्य के महान लेखक. अपने जीवन में फिल्में भी लिखीं. ‘सत्यकाम’ और ‘दस्तक’ जैसी फिल्में रचकर हिन्दी सिनेमा में अमर हो गए. राजिंदर सिंह बेदी की राह पर उनके बच्चे भी फिल्मों में आए. बेटे नरेंद्र फिल्मों में डायरेक्टर बने. अमिताभ बच्चन के साथ ‘बेनाम’ और ‘अदालत’ जैसी फिल्में बनाईं. ‘सनम तेरी कसम’ और ‘कच्चे हीरे’ भी उनकी लोकप्रिय फिल्मों में शुमार हुईं. नरेंद्र बेदी की पत्नी वीणा भी फिल्मों के लिए लिखा करती थीं. दोनों के तीन बच्चे हुए. रजत बेदी उनमें से सबसे छोटे थे.

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रजत की उम्र करीब 17-18 साल थी. करियर, भविष्य जैसे भारी-भरकम सवालों का अभी कोई जवाब नहीं था. ऐसे में मां ने सुझाया कि रमेश सिप्पी एक फिल्म बना रहे हैं. तुम वहां चले जाओ. उन्हें असिस्ट करो और इस दुनिया के बारे में थोड़ा सीखो. रजत ने वैसा ही किया. रमेश सिप्पी उस वक्त ‘ज़माना दीवाना’ नाम की फिल्म बना रहे थे. लीड कास्ट में शाहरुख खान, रवीना टंडन और शत्रुघ्न सिन्हा जैसे नाम थे. ये वही फिल्म है जिसका गाना ‘अब है नींद किसे, अब है चैन कहां’ खूब चला था. बस ऐसा फिल्म के बारे में नहीं कहा जा सकता. खैर रजत ने इस फिल्म पर दो साल तक काम किया. वो अपने इंटरव्यू में बताते हैं कि बतौर असिस्टेंट वो शाहरुख और शत्रुघ्न सिन्हा के पास तीन-चार पन्नों के सीन लेकर जाते, और वो लोग चंद मिनटों में पूरा सीन याद कर लिया करते. ये उनके लिए बेहद हैरानी वाला अनुभव था.

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‘ज़माना दीवाना’ से फारिग होने के बाद उन्होंने तुरंत ही फिल्मों में हाथ नहीं आज़माया. जब 21 साल के थे तब एक मॉडलिंग टैलेंट हंट कॉम्पीटिशन के बारे में पता चला. Gladrags नाम की मैगज़ीन में इस टैलेंट हंट की घोषणा हुई थी. रजत मैगज़ीन की मालकिन मॉरीन वाडिया से मिलने पहुंचे. बताया कि मैं इसमें हिस्सा लेना चाहता हूं. लेकिन मेरे पास कोई पोर्टफोलियो नहीं है. मॉरीन ने जवाब दिया कि उसकी ज़रूरत नहीं पड़ेगी. तुम मुझे पसंद हो. बिना ज़्यादा विचार किए रजत ने इस कॉम्पीटिशन में हिस्सा लिया. सिर्फ टॉप 10 या 5 में ही नहीं पहुंचे, बल्कि उन्होंने ये मॉडलिंग टैलेंट हंट जीत लिया. इनाम में एक गाड़ी मिली और ऑस्ट्रेलिया भेजा गया. ये साल 1994 की बात है. ये वही साल है जब ऐश्वर्या राय ने मिस वर्ल्ड का खिताब जीता था, और सुष्मिता सेन को मिस यूनिवर्स के टाइटल से सम्मानित किया गया था.

# नेगेटिव रोल किए और टाइपकास्ट हो गए

किसी ज़माने में एक बास्केटबॉल मैच खेला गया था. कहा जाता है कि सफेद थैले में बंद वो छोटे कद का नीला ऐलियन अगर उस दिन ना होता तो आज इतिहास कुछ और होता. दुनिया ये याद रखती कि कैसे कसौली टाइगर्स ने ‘पांडव्स’ को पटखनी दे दी. मगर हम सभी ने देखा कि ‘कोई मिल गया’ में ऐसा नहीं हुआ. ‘कोई मिल गया’ में रजत ने राज सक्सेना का रोल किया था. वो कहानी और रोहित की स्टोरी का विलेन था. ये उनके करियर के सबसे पॉपुलर कामों में से एक भी रहा. हालांकि इस फिल्म से रजत को आज भी एक मलाल है. थोड़ी देर में उस पर भी आएंगे.

इंटरनेट पर बहुत लोगों को लगता है कि ‘कोई मिल गया’ रजत की पहली फिल्म थी. लेकिन ऐसा नहीं है. मॉडलिंग कॉम्पीटिशन जीतने के बाद रजत, पंकज पराशर की फिल्म से लॉन्च होने वाले थे. लेकिन वो फिल्म कभी बन नहीं सकी. इस बीच उन्हें केशु रामसे मिले. उन्होंने रजत को उनकी डेब्यू फिल्म ऑफर कर दी. ये फिल्म थी ‘2001’. रजत के साथ लीड में जैकी श्रॉफ और तबु जैसे कलाकार थे. ये फिल्म सिनेमाघरों में तो नहीं चली. हालांकि इसका गाना ‘तू कातिल तेरा दिल कातिल’ आगे चलकर पॉपुलर हुआ. इसके बाद रजत ने अक्षय कुमार और ट्विंकल खन्ना की ‘इंटरनेशनल खिलाड़ी’ की. लेकिन इस फिल्म से भी उनके करियर को खास मदद नहीं मिली.

उसके बाद आईं ‘द हीरो’, ‘जानी दुश्मन’ और ‘चोर मचाए शोर’ जैसी फिल्मों में रजत ने नेगेटिव रोल ही किए. रजत मानते हैं कि उनके शुरुआती सालों में मार्गदर्शन करने के लिए कोई नहीं था. अपने पिता को वो कम उम्र में ही खो चुके थे. ऐसे में कोई ये बताने वाला नहीं था कि कैसी फिल्में चुननी चाहिए.

# फिल्म इंडस्ट्री से परेशान होकर कैनेडा चले गए

भले ही लोग ‘कोई मिल गया’ से रजत को पहचानते हैं, लेकिन उस वक्त इस फिल्म ने रजत ने लिए कुछ नहीं किया. वो बताते हैं कि उन्हें फिल्म के प्रमोशन में नहीं रखा गया. साथ ही फिल्म से उनके कई सीन भी उड़ा दिए गए. कुछ ऐसा ही उनके साथ ‘रॉकी’ के दौरान भी हुआ. इस फिल्म के हीरो ज़ायेद खान थे. रजत कहते हैं कि एडिटिंग टेबल पर फिल्म को ऐसे तैयार किया गया कि ये सिर्फ ज़ायेद की ही फिल्म है. ऐसे में उनका अधिकांश रोल कट गया. ऐसे अनुभव उन्हें परेशान करने लगे. ऊपर से उन्होंने कुछ और फिल्में की. प्रोड्यूसर्स की तरफ से चेक आते, और वो बाउंस हो जाते. खुद पर गुस्सा आता कि इतनी मेहनत करने के बावजूद भी पैसा नहीं बना पा रहे हैं.

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ऐसे में जी मुश्किल कर के इंडिया छोड़ दिया. परिवार के साथ कैनेडा चले गए. वहां रियल एस्टेट के बिज़नेस से नई पारी की शुरुआत की. अच्छा पैसा बनाया. कैनेडा में बहुत सी पंजाबी फिल्मों की शूटिंग होती है. रजत को फिल्म इंडस्ट्री से फिर से जुडने का मौका मिला. उन्होंने पंजाबी फिल्में प्रोड्यूस करना शुरू की. कुछ में एक्टिंग भी की. इस पॉइंट पर उन्हें लगा कि अब इंडिया वापस आकर हिन्दी इंडस्ट्री में कमबैक किया जाए.

# सलमान खान ने कमबैक फिल्म छोड़ने को कहा

साल 2021 में सलमान खान की फिल्म ‘राधे’ आई. कोविड-19 पैंडेमिक की वजह से इसे सीधा ज़ी5 पर रिलीज़ किया गया. रजत इस फिल्म में एक नेगेटिव रोल करने वाले थे. ये बात सलमान को पता चली. उन्होंने तुरंत रजत को फोन कर के ये फिल्म छोड़ने के लिए कहा. रजत इस बारे में बताते हैं,

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रजत ने ‘राधे’ नहीं की. करियर की इस पारी में रजत खुद को सिर्फ हिन्दी इंडस्ट्री के लिए बचाकर नहीं रखना चाहते थे. उन्होंने अपनी दिशा साउथ की तरफ भी मोड़ी. साल 2023 में उन्होंने ‘अहिम्सा’ नाम की तेलुगु फिल्म की. ये एक बड़े बैनर की फिल्म थी. इसी साल उन्हें ‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ भी ऑफर हुई. तब के इंटरव्यूज़ में रजत कहते थे कि वो जल्द ही एक बहुत बड़ा प्रोजेक्ट करने वाले हैं. उसके बाद सब कुछ बदल जाएगा. अब रजत की बात सही होती हुई दिख रही. ये शो आया और अब लोग उन्हें नए तरीके से पहचान रहे हैं. उनके आगे के प्रोजेक्ट्स कितने एक्साइटिंग होंगे, ये देखने लायक होगा.                                                   

वीडियो: कैसी है आर्यन खान की डेब्यू सीरीज़ 'द बैड्स ऑफ बॉलीवुड'?

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