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कोविड-19 वैक्सीन लॉन्च करते हुए PM मोदी ने कही ये ज़रूरी बातें

आज से देशभर में वैक्सीनेशन शुरू.

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16 जनवरी 2021 (अपडेटेड: 16 जनवरी 2021, 07:01 AM IST)
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PM मोदी ने कहा कि भारत ने तेजी से महामारी के ख़िलाफ ख़ुद को तैयार किया. (फोटो- ANI)
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दुनिया की देखी सबसे बड़ी महामारियों में से एक कोविड-19 की वैक्सीन देश में 16 जनवरी को लॉन्च हो गई. भारत ने कोविड-19 की दो वैक्सीन को इमरजेंसी अप्रूवल दिया है. पहली – ऑक्सफर्ड-एस्ट्राजेनका की कोविशील्ड. दूसरी – भारत बायोटेक की कोवैक्सिन. देश में वैक्सीनेशन ड्राइव को लॉन्च किया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने. 16 जनवरी की सुबह उन्होंने देश को संबोधित किया. जानते हैं पीएम मोदी ने क्या-क्या कहा. # आज के दिन का पूरे देश को बेसब्री से इंतज़ार था. कितने महीने से सबकी ज़ुबान पर यही सवाल था कि कोरोना की वैक्सीन कब आएगी. अब कोरोना की वैक्सीन आ गई है. वो भी काफी कम समय में. # भारत में दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू होने जा रहा है. इतने कम समय में दो-दो मेड इन इंडिया वैक्सीन तैयार हुई हैं. # डॉक्टरों और वैज्ञानिकों के इसी प्रयास पर राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर ने कहा था - मानव जब जोर लगाता है, पत्थर पानी बन जाता है. # वैक्सीन की दो डोज़ लगवाना बहुत ज़रूरी है. दो डोज़ के बीच में एक महीने का भी अंतर हो सकता है. दूसरी डोज़ लगने के दो हफ्ते बाद एंटीबॉडी बननी शुरू होगी. इसलिए वैक्सीन आते ही लापरवाही नहीं बरतनी है. ऐसा नहीं करना है कि मास्क उतारकर रख दिया, दो गज़ की दूरी भूल गए. इसका पालन जारी रखना है. # हमारे वैज्ञानिक, हमारे एक्सपर्ट्स जब दोनों वैक्सीन के सुरक्षा और प्रभाव को लेकर आश्वस्त हुए, तभी इसके इमरजेंसी उपयोग को लेकर मंजूरी दी. इसलिए देशवासियों को किसी भी तरह के प्रोपगेंडा, दुष्प्रचार से बचकर रहना है. # दुनिया भर के करीब 60 फीसदी बच्चों को जो जीवनरक्षक टीके लगते हैं, वो भारत में ही बनते हैं. # ये वैक्सीन स्टोरेज से लेकर ट्रांसपोर्टेशन तक भारत की स्थितियों के अनुकूल है. # जब कोरोना आया तो कोरोना टेस्टिंग की एक ही लैब थी. आज 2300 से ज़्यादा लैब का नेटवर्क. # शुरुआत में मास्क, पीपीई, वेंटिलेटर के लिए विदेशों पर निर्भर थे. आज इन सबके निर्माण भी कर रहे हैं और निर्यात भी. # 30 जनवरी को पहला मामला मिला. दो हफ्ते पहले हाई लेवल कमेटी बन चुकी थी. 17 जनवरी 2020 को भारत ने अपनी पहली अडवाइज़री जारी कर दी थी. भारत पहले देशों में से था, जिसने एयरपोर्ट पर यात्रियों की स्क्रीनिंग शुरू की. # अब ये नया मंत्र- दवाई भी, कड़ाई भी.

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