2022 तक हर गरीब को घर देने वाले प्रधानमंत्री के वादे की 10 बड़ी बातें
बहुत बड़ी बात की है प्रधानमंत्री ने.
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फोटो - thelallantop
यूपी चुनाव सिर पर हैं. भाजपा उत्तर प्रदेश में अपने पैर जमाने की कोशिश में है. सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर नोट बंदी तक को भुनाने की फिराक में है. इसी बीच नई योजनाओं की भी घोषणा की जा रही है. कल प्राइम मिनिस्टर मोदी आगरा में थे. वहां मोदी ने अपनी नई हाउसिंग स्कीम 'प्रधानमन्त्री ग्रामीण आवास योजना' को लांच किया. रैली में भी बोले. इस स्कीम में 2022 तक हर गरीब आदमी को घर देने की बात की गई है. प्राइम मिनिस्टर ने 50 लोगों को एलॉटमेंट लेटर भी बांटे. इस योजना में 3 करोड़ घरों को देने की बात की गई है.
आइए देखते हैं इस योजना की दस बड़ी बातें क्या हैं1. इस योजना के लिए पहले जरूरतमंदों और गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों की पहचान की जाएगी. इसके लिए उनके सामाजिक-आर्थिक-जातीय बैकग्राउंड को देखा जाएगा. इसके लिए 2011 की जनगणना का इस्तेमाल किया जाएगा.

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2. जिन लोगों के घर बनेंगे उनके नामों की लिस्ट ग्राम सभा के साथ मिलकर बनेगी और अगर उसमें बदलाव करना हो तो ग्राम सभा को लिखित में देना होगा. जिला और ब्लॉक लेवल पर भी तकनीकी मदद मिलेगी. जो लोग इसके लिए योग्य नहीं पाए जाएंगे उनकी लिस्ट ग्रामसभा को भेजी जाएगी. बाद में एक फाइनल लिस्ट बनेगी.
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3. घरों को बनाने का खर्चा केंद्र और राज्य मिलकर उठाएंगे. समतल जगहों के लिए 60:40 के अनुपात में कीमत बंटेगी. पहाड़ी और नार्थ-ईस्टर्न क्षेत्रों में 90:10 के अनुपात में खर्चा बंटेगा. इसके लिए 21,975 करोड़ अतिरिक्त रुपए नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (नाबार्ड) से दिए जाएंगे.
4. जिन लोगों के घर बनेंगे उनके खाते में सीधे पैसे डाले जाएंगे. इसके लिए एक एप भी होगा जिसमें लोग भुगतान की प्रगति देख सकेंगे.
5. जिसे इसका लाभ मिलेगा वो मनरेगा के तहत 90 दिन का अकुशल श्रम का अधिकारी होगा. इन्हें सर्वर से जोड़ा जाएगा और इस पर निगरानी रखी जाएगी.
6. मकानों को जगह के भूगोल के हिसाब से बनाया जाएगा. इन्हें मजबूत बनाया जाएगा जिससे ये प्राकृतिक आपदाओं को झेल सकें. इन्हें बनाने के लिए मिस्त्रियों को ट्रेनिंग दी जाएगी. साथ ही ईंटों और दूसरी चीजों को मनरेगा के तहत बनाया जाएगा. मकानों को 25 वर्ग मीटर तक के क्षेत्र में बनाया जाएगा.
7. जिन्हें घर मिलेंगे उन्हें 70,000 रुपए तक लोन लेने की सुविधा होगी.
8. मकानों की क्वालिटी देखने के लिए एक नेशनल टेक्निकल सपोर्ट एजेंसी बनाई जाएगी.
9. दिल्ली और चंडीगढ़ को छोड़कर इसे पूरे देश के गांवों में लागू किया जाएगा.
10. बने हुए घरों की फोटो भी एप पर अपलोड की जाएगी.
ये स्टोरी निशान्त ने की है.

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