WHO के इस कदम से ग़रीब देशों तक भी पहुंच पाएगी कोविड वैक्सीन
बस कोल्ड चेन न टूटने पाए.
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तस्वीर बेल्जियम की है. कोविड वैक्सीन के रख-रखाव में लगे दो मेडिकल कर्मी. कई देशों में अब फाइजर-बायोएनटेक की वैक्सीन का इस्तेमाल शुरू हो चुका है. (फाइल फोटो- PTI)
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फाइजर और बायोएनटेक कंपनी ने मिलकर जो कोविड-19 वैक्सीन तैयार की है, उसे वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइज़ेशन (WHO) ने इमरजेंसी यूज़ के लिए यानी फिलहाल इस्तेमाल करने के लिए मंजूरी दे दी है. ये बात इस लिहाज से अहम है कि अब WHO से मान्यता मिलने के बाद वैक्सीन छोटे और आर्थिक रूप से कमज़ोर देशों के लिए भी उपलब्ध हो पाएगी.
दरअसल बड़े-बड़े देशों के पास तो ख़ुद की काफी अडवांस ड्रग रेग्युलेटरी बॉडी होती है. वो अपने देश में ही ट्रायल करा रहे हैं, तभी किसी वैक्सीन को मंजूरी दे रहे हैं. लेकिन छोटे देश इन सब काम के लिए WHO पर ही निर्भर होते हैं. WHO ने वैक्सीन को अनुमति देते हुए यही कहा कि अब छोटे देश सिर्फ इसकी योजना बनाएं कि वैक्सीन को अपने देश में आयात कैसे करेंगे. ख़ैर, यूरोप और उत्तरी अमेरिका में तो फाइजर-बायोएनटेक की वैक्सीन से वैक्सीनेशन पहले ही शुरू हो चुका है.
कोल्ड चेन की ज़रूरत WHO ने कहा है कि सभी देश वैक्सीन को स्टोर करने का पुख़्ता प्लान तैयार रखें और कोल्ड चेन बनाने पर काम शुरू कर दें. जब किसी चीज़ को लगातार ठंडे माध्यम में रखते हुए कहीं से कहीं ट्रांसपोर्ट किया जाता है, तो उसे ‘कोल्ड चेन’ कहते हैं. ऐसे समझिए कि एक आइसक्रीम को फैक्ट्री से दुकानों तक लाना है तो उसे लगातार ठंडे माहौल में ही रखना होगा. फ्रिज वगैरह में. वरना आइसक्रीम पिघल जाएगी. बस ट्रांसपोर्ट का यही तरीका कोल्ड चेन कहलाता है. वैक्सीन के संदर्भ में समझिए. अगर किसी दुकान पर आप रेबीज़ की वैक्सीन मांगेंगे तो दुकानदार आपको वैक्सीन फ्रिज से निकालकर देगा. टिटनस का इंजेक्शन भी फ्रिज से निकालकर दिया जाता है. इसी तरह तमाम और वैक्सीन भी. कोविड की वैक्सीन को भी 2 से 8 डिग्री सेल्सियस तापमान में रखा जाना ज़रूरी होता है. कई कोविड वैक्सीन को तो शून्य से भी नीचे का तापमान चाहिए. जैसे कि फाइजर-बायोएनटेक की वैक्सीन को ही लीजिए. इसे माइनस 60 डिग्री पर स्टोर किया जाता है. इसलिए कोल्ड चेन बनाना ज़रूरी है. वैक्सीन को इमरजेंसी अप्रूवल देते हुए कोल्ड चेन की इसी ज़रूरत पर WHO ने ज़ोर दिया है.The Pfizer/BioNTech #COVID19 vaccine today became the first vaccine to receive WHO validation for emergency use since the outbreak began.
Equitable global access to vaccines is crucial to combat the pandemic. 👉 https://t.co/7WNcHhc3z8 pic.twitter.com/Kyjv5RNzjB — World Health Organization (WHO) (@WHO) December 31, 2020

