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ऐसा क्या किया इन सपूत ने कि ठप्प पड़ गई संसद?

3472 दिन पहले एक कंपनी बनाई थी इस लड़के ने, उसकी वजह से आज संसद में काम नहीं हो रहा.

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आशीष मिश्रा
1 मार्च 2016 (अपडेटेड: 1 मार्च 2016, 03:03 PM IST)
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1 मार्च 2016 लोकसभा में अपोजिशन फुल तैयारी में थी कि स्मृति ईरानी के बयान को आधार बनाकर भाजपा सरकार को घेरा जाए. कांग्रेस के पास विशेषाधिकार हनन का मुद्दा भी था. मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री रामशंकर कठेरिया का कोई सो-कॉल्ड विवादित बयान भी था जिसने गंध मचा रखी है. राज बब्बर तो कह रहे थे देशद्रोह का केस ठोंक दो अगले पर. कुल जमा सारी तैयारी थी कि बीजेपी को धर दोमचा जाए.
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इसके बाद फिर कोशिश हुई. तो राज्यसभा को 3 बजे तक के लिए बंद करना पड़ा. लोकसभा वाले तो पहले ही दही-भात खाकर घर लौट गए थे. कुल जमा दोनों सदन बुधवार तक के लिए संच हो गए. भाजपा को उस स्टूडेंट जैसा लगा होगा. जिसका सामाजिक विज्ञान का होमवर्क पूरा न हो और मास्टर साहब को उसी दिन अंतरी बुखार आ जाए.
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पर आज वाला बवाल मचा काहे? 29 अगस्त 2006 3472 दिन पहले इसी तारीख को एक कंपनी बनती है. देने वाले ने बड़े प्यार से नाम दिया. Advantage Strategic Consulting Singapore Pte. Ltd. ये कंपनी थी, चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम की.
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1 अप्रैल 2015 को ईडी ने दयानिधि, कलानिधि और कावेरी मारन से करीब 742 करोड़ जब्त किए थे. इसके पहले से सीबीआई का आरोप था कि दयानिधि ने चेन्नई के एक टेलिकॉम वाले को एयरसेल और मैक्सिस ग्रुप में अपना हिस्सा बेचने का प्रेशर बना रहे थे. इसी सबमें नाम आया है. कार्ति चिदंबरम का. 23 नवंबर 2012 सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रमनियन स्वामी की प्ली पर एडवांटेज स्ट्रैटेजिक को नोटिस भेजा था. वजह ये रही थी कि उसके पहले एडवांटेज स्ट्रैटेजिक ने स्वामी को मानहानि का नोटिस भेजा था. :p टांग खिंचाई से दूर चलें तो अगस्त 2015 में कार्ति की कंपनी को ईडी ने सम्मन भेजा था. एयरसेल-मैक्सिस केस में 200 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में.
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कार्ति का दुनियाभर के 14 देशों में काम चलता है. जिसमें लंदन, दुबई, दक्षिण अफ्रीका, फिलीपींस, थाईलैंड, सिंगापुर, मलेशिया, श्रीलंका, फ्रांस, अमेरिका, स्विटजरलैंड, स्पेन वगैरह हैं. 2006 से 2014 के दौरान कार्तिक ने अकूत पैसा कूटा. पापा इस टाइम पर वित्तमंत्री थे, फिर गृहमंत्री बने रहे. कम कहे को ज्यादा समझिएगा. 16 दिसंबर 2015 को ईडी ने कार्ति के ठिकानों पर छापा मांगा था. फिलहाल जांच एजेंसियां कार्ति की कंपनी का चिट्ठा खोलने में लगी हैं. जो कागज-पत्तर मिले हैं. उसके अनुसार कार्ति द्वारा ज्‍यादातर सौदे और ट्रांजेक्‍शन एडवांटेज स्‍ट्रेटेजिक की सिंगापुर स्थित कंपनी से किए गए हैं. ईडी और आईटी की टीमें खोद-खोद कर इन 14 देशों में फुरा-जमोख कर सच्चाई पता लगा रही हैं.
Source- oneindia

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सितंबर 2011 कहते तो ये भी हैं कि सिंगापुर वाली कंपनी ने सितंबर 2011 में समरसेट में 88 एकड़ जमीन खरीदी थी. एक मिलियन पाउंड कीमत थी तब. दुबई वाली डेजर्ट डून्‍स प्रॉपर्टीज ने कार्ति की कंपनी को 1.7 मिलियन सिंगापुर डॉलर का ट्रांजेक्‍शन किया है. मने कुल-मिलाकर समझिये पप्पा हवलदार थे और लड़के ने गजब हाथ-पैर फैलाए हैं. रिश्तेदार के घर आए और खुला फ्रिज मिल गया. और फिर ले हपचा-हपच मचा दिए. अब 'दिन' फिरे हैं तो संसद में उछाले जा रहे हैं.
हो गया तुम्हारा?

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