'महाभारत' में कर्ण बने पंकज धीर का निधन, जिनकी लोग आज तक मंदिरों में पूजा करते हैं
पंकज को 'महाभारत' में अर्जुन का किरदार ऑफर हुआ था. मगर उन्होंने अपनी मूंछों के कारण इसे निभाने से मना कर दिया.

एक्टर Pankaj Dheer का 15 अक्टूबर को कैंसर से निधन हो गया. उन्होंने BR Chopra की Mahabharata में Karn का किरदार निभाया था. उनकी मौत की पुष्टि खुद उनके दोस्त और एक्टर Arjun Firoz Khan ने की है. जिन्होंने ‘महाभारत’ में अर्जुन का रोल किया था.
अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, पंकज लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे. पिछले कुछ महीनों में उनकी तबियत ज़्यादा खराब हो गई थी. जिसकी वजह से उन्हें एक बड़ी सर्जरी से भी गुजरना पड़ा. बावजूद इसके, उन्हें बचाया नहीं जा सका. फिरोज़ ने मीडिया से बात करते हुए बताया,
CINTAA (सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन) ने एक औपचारिक स्टेटमेंट जारी करते हुए कहा,
पंकज धीर 68 साल के थे. अपने करियर में उन्होंने कई फिल्मों और टीवी सीरियल्स में काम किया है. उनके हिस्से 'सड़क', 'सोल्जर', 'बादशाह' और 'टार्जन' जैसी कल्ट क्लासिक फिल्में आईं. टीवी पर वो 'ज़ी हॉरर शो: अनहोनी', 'चंद्रकांता' और 'देवों के देव महादेव' में भी नज़र आ चुके हैं.
मगर ये तमाम फिल्में-सीरियल्स एक तरफ और 'महाभारत' का कर्ण एक तरफ. रोचक बात ये है कि पंकज को कर्ण से पहले अर्जुन का रोल ऑफर हुआ था. मेकर्स की नज़र में वो इस किरदार के लिए परफेक्ट चॉइस थे. मगर फिर कुछ ऐसा हुआ, जिसके कारण बीआर चोपड़ा ने उन्हें शो से बाहर निकाल दिया.
लहरों रेट्रो से हुई बातचीत में पंकज ‘महाभारत’ के लिए अपने ऑडिशन का ज़िक्र करते हुए कहते हैं,
पंकज बताते हैं कि बीआर चोपड़ा, पंकज के इस तर्क से इतना नाराज़ हुए कि उन्हें कमरे से बाहर निकलवा दिया. उनका अर्जुन वाला कॉन्ट्रैक्ट भी फाड़ दिया गया. अगले 6 महीने तक वो इधर-उधर भटकते रहे और थोड़ी-बहुत डबिंग करते रहे. फिर अचानक 6 महीने बाद उन्हें बीआर चोपड़ा का कॉल आया. उन्होंने पंकज से पूछा कि क्या वो सूर्यपुत्र कर्ण का रोल करना चाहेंगे? पंकज ने उनसे सवाल किया कि इसके लिए उन्हें कहीं मूंछें तो नहीं कटवानी पड़ेंगी? बीआर चोपड़ा ने 'ना' में जवाब दिया और इस तरह वो 'महाभारत' के कर्ण बन गए.
पंकज अक्सर बताते थे कि अर्जुन का किरदार ठुकराने के लिए उन्होंने जो लॉजिक दिया, वो बहुत बेवकूफाना था. मगर इससे उन्हें कर्ण का किरदार मिल गया. अर्जुन का रोल उन्हीं फिरोज़ खान ने निभाया जिन्होंने मीडिया को पंकज के निधन की सूचना दी है.
जहां तक पंकज की बात है, वो सही मायनों में कर्ण के किरदार से अमर हो गए. उनके एक्टिंग की दाद हर उम्र का दर्शक देता है. आज भी लोग उनके काम को काफ़ी पसंद करते हैं. उनकी पॉपुलैरिटी का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई बार किताबों में कर्ण का किरदार दिखाने के उनकी तस्वीरें इस्तेमाल की जाती थीं. और तो और, करनाल और बस्तर में आज भी उनकी मूर्तियों को ही कर्ण के रूप में पूजा जाता है. इन दो मंदिरों में पंकज धीर की 8 फीट लंबी मूर्ति भी लगी हुई है.
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