बेस्ट एक्ट्रेस का ऑस्कर जीतने वाली जेसी बकली, जिन्हें किचन में मसाला पीसते हुए मिली 'हैमनेट'
बेस्ट एक्ट्रेस का ऑस्कर जीतने वाली पहली आयरिश एक्टर हैं जेसी बकली.

वो 17 साल की थीं, जब उन्हें लॉस एंजेलिस की उस सुनहरी दुनिया का हिस्सा बनने का मौक़ा मिला. जिसे हॉलीवुड कहते हैं. जहां पहुंचकर जिंदगियां बदल जाती है. शोहरत, दौलत और हर वो चीज़ हासिल हो जाती है, जो ज्यादातर लोगों का ख़्वाब है. मगर Jessie Buckley के लिए छोटे से ऑडिटोरियम में गूंजती तालियां इस शोहरत से किसी भी लिहाज़ से कम नहीं थीं. उनके लिए बड़ी स्टार बनकर उस चमकीले मुक़ाम पर पहुंचने से पहले एक्टिंग को समझना ज्यादा ज़रूरी था. वो इस सफ़र के हर लम्हे को भरपूर जीना चाहती थीं. सीखना चाहती थीं. वो पहचान की भूख में एक्टर नहीं बनीं. वो एक्टर बनीं, क्योंकि उन्हें एक्टिंग से प्यार है. और अभिनय से उनकी यही मोहब्बत उन्हें Oscar 2026 का Best Actress Award दिला गई. फिल्म का नाम है Hamnet, जो डायरेक्टर Chloe Zhao ने बनाई है. इस अवॉर्ड के लिए Rose Byrne, Kate Hudson, Renate Reinsve और Emma Stone भी नॉमिनेटेड थीं. मगर 36 साल की जेसी ने Agnes बन कर ये ऑस्कर अपने नाम कर लिया. पहली बार किसी आइरिश एक्टर को बेस्ट एक्ट्रेस का ऑस्कर मिला है.
# म्यूजिक में करियर बनाना चाहती थीं जेसी
जेसी के पिता टिम बकली पोएट हैं. मां मरीना, ओपेरा सिंगर, वोकलिस्ट और वोकल कोच हैं. वो सिंगर्स को आवाज़ के उतार-चढ़ाव सिखाती थीं. पिता की कविताओं और मां के सुरों ने जेसी के लिए एक नम और सुरीली ज़मीन तैयार की. जेसी ने पियानो, हार्प और क्लैरिनेट बजाना सीखा. स्कूल में होने वाले ड्रामा में हिस्सा लेने लगीं. जेसी ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें कभी नहीं लगा था, कि वो एक्टिंग करेंगी. वो अपना करियर म्यूजिक में ही देखती थीं. मगर आगे चलकर उन्होंने रॉयल एकेडमी ऑफ ड्रमैटिक आर्ट (RADA) से पढ़ाई की. और फिर एक्टिंग की शुरुआत की. जेसी और एक्टिंग का रिश्ता कैसे बना? सिनेमा के सर्वोच्च पुरस्कार तक पहुंचने से पहले का उनका सफ़र कैसा रहा? आइए विस्तार से बताते हैं.
# ‘हैमनेट’ से पहले भी ऑस्कर विनिंग फिल्म कर चुकी हैं
जेसी ने अपने करियर की शुरुआत BBC के शो 'वॉर एंड पीस' से की. इसके बाद उन्हें स्टीवन नाइट की सीरीज़ 'टैबू' में काम करने का मौका मिला. स्टीवन वही फिल्ममेकर हैं, जिन्होंने 'पीकी ब्लाइंडर्स' जैसा चर्चित शो क्रिएट किया. मगर उससे पहले वो 'हू वॉन्ट्स टु बी अ मिलियनेयर?' नाम का क्विज़ शो बना चुके थे. ये वही शो है, जिसके इंडियन वर्जन को 'कौन बनेगा करोड़पति' के नाम से जाना जाता है. 'टैबू' का म्यूज़िक उन्हीं मैक्स रिक्टर ने तैयार किया था, जिनके काम की छाप जेसी के जेहन में थी.
बतौर एक्टर उनकी पहली फिल्म 'बीस्ट' थी, जो कि 2017 में आई थी. मगर उन्हें असल पहचान मिली 'वाइल्ड रोज़' नाम की फिल्म से. इस फिल्म में उन्होंने एक म्यूज़िशियन का रोल किया था. इस फिल्म के लिए उन्हें BAFTA में बेस्ट एक्ट्रेस का नॉमिनेशन मिला था. इसके बाद जेसी के करियर को पर लग गए. उन्होंने चार्ली कॉफमैन की बेहद अक्लेम्ड फिल्म 'आय एम थिंकिंग ऑफ एंडिंग थिंग्स' में काम किया.
'हैमनेट', जेसी बकली की वो पहली फिल्म नहीं है, जिसे ऑस्कर्स मिला हो. उन्होंने 2022 में 'वुमन टॉकिंग' नाम की फिल्म में काम किया. इसे सैरा पॉली ने डायरेक्ट किया था. इस फिल्म को 95वें अकैडमी अवॉर्ड्स में बेस्ट अडैप्टेड स्क्रीनप्ले का ऑस्कर मिल चुका है. इस फिल्म का प्रीमियर टेल्यूराइड फिल्म फेस्टिवल में भी हुआ था. वहीं जेसी की मुलाकात क्लोई ज़ाओ से हुई थी. जिन्होंने उन्हें लेकर 'हैमनेट' बनाई, जिसके लिए जेसी को बेस्ट एक्ट्रेस का ऑस्कर मिला. मगर उन्हें ‘हैमनेट’ मिली कैसे?
# किचन में मसाले पीसते देख डायरेक्टर ने दी ‘हैमनेट’
जेसी बकली को ‘हैमनेट’ कैसे मिली, इसका किस्सा बड़ा दिलचस्प है. डेडलाइन को दिए इंटरव्यू में जेसी ने वो पूरा वाकया सुनाया. किस्सा यूं है कि जेसी और क्लोई ज़ाओ की पहली मुलाक़ात हुई थी टेल्यूराइड फिल्म फेस्टिवल में. इस मुलाक़ात के बारे में जेसी ने बताया,
“फेस्टिवल में एक ग्रुप फोटोग्राफ़ खींची जा रही थी, और अचानक मेरी नज़र क्लोई पर पड़ी. वो मुझे देखकर मुस्कराते हुए हाथ हिला रही थीं. इधर मैं हैरान... कि क्या वाकई वो मेरी तरफ़ देख रही हैं. कुछ पल बाद, वो ख़ुद ही मेरे पास आ गईं. हफ्ते भर बाद हम फॉर्मली मिले. मैं तो हैमनेट के बारे में कुछ भी नहीं जानती थी. ना ही मैंने ये बुक पढ़ी थी. इस मीटिंग में क्लोई ने किताब या फिल्म के बारे में कोई बात नहीं की. उन्होंने मेरे साथ मदरहुड और डेथ पर चर्चा की. फिर मेरे एजेंट ने बताया, कि ये हैमनेट नाम की किताब से जुड़ी बातें हैं. तब मैंने वो किताब ख़रीदी और एक रात में पूरी पढ़ डाली. वो किताब है ही ऐसी कि शुरू करेंगे, तो खत्म करने से पहले रुकना मुश्किल है.”
जेसी ने इस बातचीत में बताया कि वो कौन सी घटना थी, जिसके बाद क्लोई ज़ाओ ने पलभर में ये फ़ैसला कर लिया, कि जेसी ही उनकी एग्नेस शेक्सपीयर हैं. जेसी ने कहा,
“क्लोई और मेरी अगली मुलाक़ात मेरे घर पर हुई. 15वीं सदी में बने मेरे उस घर में, जिसमें आजकल के मॉडर्न घरों जैसी सुविधाएं और भव्यता नहीं है. मगर सादगी है, जो अब दुर्लभ है. वो शेक्सपीयर के दौर का ही घर है. मैं रसोई में खाना बना रही थी और क्लोई भी आसपास ही थीं. जब मैं मसाले पीस रही थी, जब क्लोई ने अचानक कहा, यस! द विच इज़ अलाइव! फिर अंगीठी के पास बैठकर हमने जिंदगी और मोहब्बत पर लंबी बातचीत की. उन्होंने मुझे, और मैंने उन्हें समझ लिया था. और मुझे लगता है कि ये सबसे ज्यादा ज़रूरी है.”
# ‘हैमनेट’ का सबसे ज्यादा सराहा गया सीन स्क्रिप्ट में था ही नहीं
‘हैमनेट’ यानी विल शेक्सपीयर और एग्नेस के बेटे की प्लेग से मौत हो जाती है. विल और एग्नेस, दोनों ही बेहद दुखी होते हैं. मगर दोनों का रिएक्ट करने का तरीका बिल्कुल अलग होता है. दु:ख के साथ एग्नेस उस ग्लानि में भी जल रही होती है, कि वो अपने बेटे को प्लेग से बचा नहीं सकी. विचारों की इस गुत्थमगुत्थी के बीच वो अपनी गृहस्थी के रोज़मर्रा के कामों में दोबारा जुट जाती है. जैसे ख़ुद को किसी तरह व्यस्त रखने का प्रयास कर रही हो. वहीं विल शेक्सपीयर इस सदमे का भार नहीं उठा पा रहा है. वो कहीं दूर जाने की बात कहता है. इस सीन में जेसी उबले हुए अंडे छीलती नज़र आती हैं. उनके चेहरे पर पीड़ा और ग्लानि के मिले-जुले भाव देखने वाले को भी एक मां का दु:ख महसूस कराते हैं. जैसे ही विल जाने की बात करता है, एग्नेस उसे थप्पड़ मारती है. वैनिटी फेयर के साथ इंटरव्यू में जेसी और क्लोई ने बताया कि ये सीन स्क्रिप्ट में था ही नहीं. ये जेसी का इम्प्रोवाइज़ेशन था.
# जेसी की सुझाई धुन से निकला ‘हैमनेट’ का बेहद इमोशनल क्लाइमैक्स
‘हैमनेट’ जिसका क्लाइमैक्स दर्शकों की आंखें नम कर देता है, वो शूट ख़त्म होने के पांच दिन पहले लिखा तक नहीं गया था. क्लोई ज़ाओ ने दी हॉलीवुड रिपोर्टर से चर्चा में ये बात कही थी. क्लोई सहित पूरी टीम पैनिक मोड में थी. इसी इंटरव्यू में जेसी ने बताया,
“क्लाइमैक्स शूट होने से ठीक पहली रात, जब मैं घर लौट रही थी, तब मेरे ज़ेहन में आया कि सबसे पहले तो मुझे सेट पर मौजूद 300 लोगों के सामने टोटल सरेंडर करना होगा. अक्सर एक्टर्स और एक्स्ट्राज़ को अलग-अलग रखने से एक दूरी और झिझक सी आ जाती है. दूसरा, मैंने क्लोई को मैसेज किया, कि एक बार वो फिल्म शटर आईलैंड में मैक्स रिक्टर के सॉन्ग दिस बिटर अर्थ का इंस्ट्रूमेंटल वर्जन सुनें.”
जेसी के काम पर मैक्स रिक्टर का गहरा असर रहा है. मगर क्लोई ने ये गाना नहीं कभी नहीं सुना था. अगले दिन जब क्लोई सेट पर आ रही थीं, तब उन्होंने ये ट्रैक कार में चलाया. ये गाना सुनते ही उन्हें दो लोगों के अलगाव का दर्द महसूस हुआ. और जो क्लाइमैक्स अब तक लिखा तक नहीं गया था, वो फ्रेम बाय फ्रेम उनके ज़ेहन में कौंध गया. इस तरह शूट के आखिरी दिन पूरा का पूरा क्लाइमैक्स रीशूट हुआ.
# जब जज ने कहा- “पहले स्त्रियों की तरह बर्ताव करना सीखो”
17 की उम्र में जेसी ने BBC का रियलिटी शो ‘आई वुड डू एनीथिंग’ (2008) किया. ये पहला मौका था, जब जेसी स्क्रीन पर नज़र आईं. इस शो में उन्हें बॉडी शेमिंग का सामना करना पड़ा. शो के पांच में से एक जज ने उन्हें कहा कि उन्हें थोड़ा और फेमिनिन यानी स्त्रियों जैसा बर्ताव सीखना होगा. 17 साल की वो यंग एक्टर जिसे कभी एक्ट्रेस के तौर पर रिजेक्ट कर दिया गया था, वो आज बेस्ट एक्ट्रेस का ऑस्कर जीत चुकी है. स्टेज पर जब उन्होंने अपनी ट्रॉफ़ी ली, तो दोनों हाथों से उसे ऐसे थामे रखा, जैसे कोई बच्चा अपने सबसे पसंदीदा खिलौने को संभाले रखता है.
वीडियो: ऑस्कर जीतने वाली माइकी की कहानी

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