रणदीप हुड्डा ने नेताजी को सावरकर का प्रेरणास्रोत कहा, पड़पोते ने गलत इतिहास बताने पर सुना दिया
चंद्र कुमार बोस ने कहा नेताजी सावरकर की विचारधारा और सिद्धांत से प्रेरणा नहीं लेते थे. वास्तव में उन्होंने सावरकर का विरोध किया.

रणदीप हुड्डा की नई फिल्म 'स्वातंत्र्य वीर सावरकर' का टीजर रिलीज 28 मई को रिलीज हुआ है. जैसा कि नाम से स्पष्ट है, ये फिल्म सावरकर की बायोपिक होने वाली है. जब से फिल्म का टीजर आया है. इस पर विवाद हो रहा है. कारण है टीजर में सावरकर के लिए इस्तेमाल किए गए शब्द. उन्हें सबसे भयावह क्रांतिकारी, अंग्रेजों के लिए मोस्ट वांटेड; भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस, खुदीराम बोस को इंस्पायर करने वाला बताया गया है. ऐसा ही कुछ रणदीप हुड्डा ने अपने एक ट्वीट में भी लिखा. अब इस पर नेताजी सुभाषचंद्र बोस के पड़पोते चंद्र कुमार बोस की प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने मेकर्स और रणदीप हुड्डा के इस दावे को सिरे से खारिज किया है, जिसमें सावरकर को सुभाष, खुदीराम बोस और भगत सिंह का प्रेरणास्रोत बताया गया है.
चंद्र कुमार बोस ने इंडिया टुडे से कहा:
''नेताजी सुभाषचंद्र बोस केवल दो महान हस्तियों से प्रेरणा लेते थे. एक स्वामी विवेकानंद, जो कि उनके आध्यात्मिक गुरु थे और दूसरे स्वतंत्रता सेनानी देशबंधु चितरंजन दास थे, जिन्हें नेताजी राजनीतिक सलाहकार मानते थे. इन दोनों के अलावा मुझे नहीं लगता है कि नेताजी किसी से प्रेरणा लेते थे.''
चंद्रकुमार बोस ने सावरकर और नेताजी की विचारधारों को भी विपरीत बताया. उनका कहना है,
''सावरकर महान शख़्सियत थे, स्वतंत्रता सेनानी थे लेकिन नेताजी और सावरकर की विचारधारा बिल्कुल अलग थी. ऐसे में मुझे नहीं लगता है कि नेताजी सावरकर की विचारधारा और सिद्धांत से प्रेरणा लेते थे. वास्तव में उन्होंने सावरकर का विरोध किया."
चंद्र कुमार का कहना है कि सावरकर से नेताजी की असहमति उनके कई जगह लिखे लेखों में भी झलकती है. उन्होंने बताया:
“नेताजी ने लिखा है कि सावरकर और मुहम्मद अली जिन्ना से आप आज़ादी के आंदोलन में किसी तरह की उम्मीद नहीं रख सकते. उन्होंने ये भी कहा है कि हिन्दू महासभा से भी कोई आशा नहीं की जा सकती. नेताजी सेकुलर लीडर थे. उन्होंने साम्प्रदायिक लोगों की मुखालफत की. दोनों भाइयों शरद चंद्र बोस और सुभाष चंद्र बोस ने हमेशा फिरकापरस्ती का पूरी तरह से विरोध किया. आप कैसे कह सकते हैं कि नेताजी ने सावरकर का समर्थन किया या उनके पदचिन्हों पर चले? सेलुलर जेल जाने से पहले वो भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में एक क्रांतिकारी थे, भारत की आजादी चाहते थे, लेकिन बाद में सावरकर बदल गए.”
रणदीप हुड्डा ने एक ट्वीट में ये दावा किया था कि सावरकर ने सुभाष को प्रेरित किया. उन्होंने ट्वीट में सावरकर के लिए लिखा था:
“अंग्रेजों के लिए मोस्ट वांटेड भारतीय. नेताजी सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह और खुदीराम बोस के प्रेरणास्रोत. वीर सावरकर कौन थे? इसकी सच्ची कहानी देखें.”
चंद्र कुमार बोस ने रणदीप हुड्डा की इस ट्वीट पर आलोचना की. उनका कहना है:
“रणदीप हुड्डा का दावा बिल्कुल गलत है. मैं भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का सच्चा इतिहास सबके सामने रखने की उनसे गुजारिश करूंगा. मुझे लगता है, गलत इतिहास बताना इस देश की युवा पीढ़ी के साथ अन्याय होगा. सुभाष चंद्र बोस, शहीद भगत सिंह और खुदीराम बोस सावरकर की विचारधारा को फॉलो करते थे, ये कहना बिल्कुल सही नहीं है. बल्कि इन लोगों ने सावरकर की विचारधारा का विरोध किया था.”
चंद्र कुमार बोस ने रणदीप हुड्डा पर विवादों का लाभ उठाने का भी आरोप लगाया.
“फिल्म के निर्देशक विवाद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि फिल्म को कुछ लाभ मिल सके. लेकिन कुछ लाभ पाने के लिए गलत इतिहास पेश करना एक अपराध है. मुझे लगता है, किसी को भी गलत इतिहास दिखाने का कोई अधिकार नहीं है.”
रणदीप हुड्डा ने ऐक्टिंग करने के साथ ही 'स्वातंत्र्य वीर सावरकर' को डायरेक्ट भी किया है. उन्होंने उत्कर्ष नैथानी के साथ मिलकर इसे लिखा है.
वीडियो: जानिए क्यों जावेद अख्तर को शेखर कपूर पर गुस्सा आया और रणदीप हुड्डा, दीया मिर्जा से भिड़ गए?

.webp?width=60)

