इंडिया में पत्ता हिलने से पहले इनके ऑर्डर लेता है!
कंट्री कंट्रोल करने का काम किसका है? जाहिर है कोई एक नाम बता दोगे. पीएम या प्रेसीडेंट का. लेकिन इतने भर से काम नहीं चलेगा. पूरी जानकारी लो.
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फोटो - thelallantop
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दुनिया में सबसे ज्यादा डर आदमी को किसका है? पाप का? आतंकवाद का? अमेरिका का? यमराज का? दोजख का? न, उपरोक्त में से कोई नहीं. सबसे ज्यादा डर होता है सीनियर का. और डेमोक्रेसी की खूबी क्या है? इसमें सीनियर बहुत ज्यादा हैं. माने सड़क पर चल रहे हर इंसान के ऊपर एक सीनियर है. छोटी मछली को ठिकाने लगाने के लिए बड़ी मछली.
लेकिन यहां सिस्टम मछली और समंदर वाला नहीं है. कानून जंगल वाला नहीं है. यहां कुछ लोग हैं जो पूरी कंट्री को कंट्रोल करते हैं. उनको करेंट टाइम का भारत भाग्य विधाता कहो. आओ देखते हैं उन बड़े नामों को. वो कैसे यहां तक पहुंचे. और किसलिए वो फेमस हैं.
सोचो किसी बड़े पावरफुल अफसर के सामने बैठे हो. वो अपना भौकाल दिखाने में कोई कमी न उठा रखे. तभी उसके पास किसी का फोन आ जाए. और वो घिघियाने लगे. ये उस अफसर से के पास फोन करने वाले से भी बहुत आगे की चीज हो सकते हैं.
1. प्रणब मुखर्जी:
वीरभूम, बंगाल में जन्मे. बचपन का नाम था पोल्टू. नौकरी की शुरुआत की ऐज ए क्लर्क. फिर कॉलेज में टीचर और पत्रकार होते हुए बन गए पॉलिटीशियन. जुलाई 2012 को राष्ट्रपति बने. मेहनती आदमी हैं और नियम के पक्के. सुबह जल्दी जगना, दोपहर को ब्रेक लेना और रात को सोने से पहले पढ़ना उनके अटल नियम हैं. जबानी स्वाद से हारे हैं, मच्छी करी के बड़े शौकीन. उनका एक नियम है डायरी लिखना. जब से पॉलिटिक्स में हैं तब से एक पन्ना रोज. उनकी बिटिया उसे छपवाने की जिद करती है लेकिन वो आदर्शवादी बाप की तरह कहते हैं- मेरे मरने के बाद छपवा लेना. अब तक के रिकॉर्ड में सबसे ज्यादा अपराधियों की फांसी पर मोहर लगा चुके हैं.
2. नरेंद्र मोदी:
कभी संन्यासी बनने के चक्कर में घर से भाग जाने वाले मोदी जी इस वक्त दुनिया के मशहूर पॉलिटीशियंस में शुमार होते हैं. इमरजेंसी के दौरान गिरफ्तारी से बचने के लिए गायब रहे. लौटे तो बन गए धाकड़ नेता. रिलेशनशिप स्टेटस का रिलेशन विवादों से रहा. नई उम्र में ही जसोदाबेन से शादी हो गई थी लेकिन कभी साथ नहीं रहे क्योंकि अनमैरिड रहना चाहते थे. खुद को मैरिड माना लोकसभा का चुनाव लड़ने से जस्ट पहले. 13 साल सीएम रहने पर एक दिन की भी छुट्टी नहीं ली. राष्ट्रवादी हिंदू की इमेज से नाम और सीएम रहने के दौरान गुजरात में दंगों से बदनामी. रैली, ट्विटर और सेल्फी के डायहार्ड फैन हैं. वेजीटेरियन हैं. नशे के नाम पर काम का नशा है बस. एक नशा और है नए नए कपड़ों का. अपने बारे में बताते हैं कि खून में बिजनेस है. इसी के कॉंफिडेंस से देश का विकास और विदेशों से बिजनेस साधने के चक्कर में हैं. कॉरपोरेट पर मेहरबान और ब्यूरोक्रेसी पर टेढ़ी निगाह रखते हैं. एक छिपी प्रतिभा जो जल्दी में सामने आई कि उन्हें कविताएं लिखने का शौक भी है.
3. अरुण जेटली:
आदमी से लेकर देश तक सबकी तरक्की का जरिया है पैसा. पैसा माने इकोनॉमी. देश की इकोनॉमी संभालते हैं अरुण जेटली. बजट बनाने टैक्स सेट करने तक का काम करते हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ते टाइम ही आ गए थे पॉलिटिक्स में. ABVP के रास्ते. नेता के अलावा पेशे से वकील रहे हैं. वकील ऐसे वैसे नहीं हाई प्रोफाइल. दलबदलुओं को जेल भेजने का कानून बनवाया. हिंदी पर अच्छी पकड़ होने की वजह से BJP के प्रवक्ता रहे. फिलहाल ललित मोदी केस की वजह से फेमस हैं और बजट में इतनी कड़वी दवाई घोले हैं कि पब्लिक का मुंह कसैला हो गया है.
4. राजनाथ सिंह:
कुर्ता धोती, फैंसी सैंडल और माथे पर तिलक. ये है पहचान गृहमंत्री जी की. यूपी में चंदौली जिले के एक किसान परिवार में पैदा हुए. गोरखपुर यूनिवर्सिटी से फिजिक्स में ली मास्टर डिग्री. 13 साल की बाली उमर में RSS ज्वाइन किया. मिर्जापुर के डिग्री कॉलेज में फिजिक्स के टीचर रहे. पॉलिटिक्स में एक्टिव होने के बाद टीचिंग छोड़ दी. यूपी में शिक्षामंत्री रहने के दौरान नकल का खेल बिगाड़ अकल पर जोर दिया. देश के पहले ऐसे नेता हैं जिन्होंने अब तक सभी भाषण हिंदी में दिए हैं. अयोध्या में राम मंदिर बनाने को कई बार कह चुके हैं और संस्कृत में साइंस की पढ़ाई पर भी जोर देते रहते हैं. संस्कृत की पढ़ाई का लॉजिक ये कि इसमें स्पेलिंग मिस्टेक नहीं होती.
5. मनोहर पार्रिकर:
देश के रक्षामंत्री बनने से पहले थे गोआ के चीफ मिनिस्टर. IIT मुंबई से इंजीनियरिंग की. वह पहले IIT इंजीनियर हैं जो किसी प्रदेश के मुख्यमंत्री बने. 26 साल की उम्र में RSS के संघचालक बन गए थे. गोवा का सी एम रहते हुए बड़ी ट्रेजेडी हुई इनके साथ. सन 2000 में वाइफ की कैंसर से मृत्यु हो गई. उस कठिन दौर में भी पूरी जिम्मेदारी से अपने दो बच्चों और प्रदेश को संभाला. इमेज साफ सुथरी और सिंपल पॉलिटीशियन वाली बनी है. गोवा की सड़कों पर स्कूटर चलाते या चाय की दुकानों पर चाय की चुस्कियां लेते अक्सर दिख जाते थे. हाफ स्लीव शर्ट बन गई है पहचान. कंट्रोवर्सी भी है लाइफ में. ब्राजील में हुए फीफा वर्ल्ड कप में विधायकों के साथ गए थे, लौट के आए तो करोड़ों का घोटाला फूट गया. तमाम अच्छी बातों के साथ एक ये भी है कि पान मसाला खाने के शौक को जड़ से खत्म कर दिया. जो आज यूथ के लिए बहुत बड़ी समस्या है.
6. दलबीर सिंह सुहाग:
सुहाग उनका ऑफिशियल नाम नहीं है. आर्मी में जनरल हैं दलबीर सिंह. अपनी फैमिली में तीसरी पीढ़ी के फौजी हैं. पिता रामफल सुहाग सुबेदार मेजर होकर रिटायर हुए थे. यहां तक कि उनका छोटा भाई और दो साले भी सेना में अच्छी पोस्ट पर हैं. जाट फैमिली से आने वाले सुहाग ने गांव में ही की स्कूलिंग. उसके बाद चित्तौड़ के आर्मी स्कूल में पढ़ाई की. 1970 में फौज ज्वाइन की. श्रीलंका के खिलाफ हुए ऑपरेशन पवन में कंपनी कमांडर रहे. 1962 में चाइना वार के बाद Special Frontier Forces(SFF) के इंस्पेक्टर बने. 6 फिट 1 इंच लम्बे सुहाग फिटनेस पर बहुत ध्यान देते हैं. रोज 10 किलोमीटर दौड़ लगाते हैं. घर का बना खाना देसी घी के साथ बहुत पसंद है उनको. 2012 में दीमापुर, नागालैंड में सेना की कमांड संभाले हुए थे, उस दौरान चीफ रहे वी के सिंह से इनके रिश्ते बहुत बिगड़ गए थे.
7. टीएस ठाकुर:
ये इस वक्त इस देश की सुप्रीम कोर्ट के सुप्रीम जज हैं. 4 जनवरी 1952 को पैदा हुए टीएस ठाकुर सुप्रीम के 43वें मुख्य न्यायाधीश हैं. 3 दिसंबर 2015 को चार्ज लिया है. इनके पहले एचएल दत्तू इस पोस्ट पर थे. ये फेमस हुए अपने फैसलों की वजह से नहीं. अपने आंसुओं की वजह से. जब एक मीटिंग में पीएम के सामने बात करते हुए उनका गला भर आया. उन्होंने देश की अदालतों में केसों और जजों का अनुपात सामने रखा. और कहा, कैसे आप उम्मीद कर सकते हैं कि मुट्ठी भर जज 130 करोड़ लोगों के देश में मामले निपटा पाएंगे. जब उनकी हेयरिंग सालों साल चलती रहती है.
8. रघुराम राजन:
रिजर्व बैंक देश के सभी बैंकों और नेशनल, इंटरनेशनल फाइनेंसियल मामले कंट्रोल करता है. और रिजर्व बैंक को कंट्रोल करते हैं रघुराम राजन. तमिल फैमिली से ताल्लुक रखने वाले राजन के पापा थे इंटेलिजेंस ब्यूरो(IB) के सीनियर ऑफिसर. ये पढ़ने लिखने में तेज थे. तभी तो पहले IIT दिल्ली से इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग की फिर IIM अहमदाबाद से मैनेजमेंट में मास्टर्स डिग्री ली. अर्थशास्त्र की बारीक पढ़ाई करने गए शिकागो. रिजर्व बैंक का गवर्नर बनने पर वो बोले थे कि बैंकिंग का कामकाज बदल दूंगा. काफी हद तक कामयाब हुए. मुद्रास्फीति को कंट्रोल करने में कामयाब रहे. सख्त आदमी हैं सख्त फैसले लेना उनकी आदत है. रिस्क लेने में माहिर हैं. अपने बारे में कहते हैं आप मुझे सेंटा क्लाज समझिए या कुछ और, मैं रघुराम राजन हूं और मैं वो करता हू जो करना है.
9. अजीत डोवाल:
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में 1945 में पैदा हुए अजीत. इनके पापा आर्मी में थे. स्कूली पढ़ाई खत्म करके आगरा यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में मास्टर डिग्री ली. 1968 में केरल कैडर से बने IPS. 1999 में कंधार विमान हाईजैक मामले में भारत की तरफ से बात करने की बड़ी जिम्मेदारी उठाई. पंजाबी उग्रवाद से निपटने वाले ऑपरेशन ब्लू स्टार के हीरो रहे. मिजोरम में बॉर्डर प्रॉब्लम से निपटे. भारतीय खुफिया एजेंसी IB में रहते हुए पाकिस्तान में 7 साल रहने का रिस्क उठाया. 2005 में रिटायर हो गए. 30 मई 2014 से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार है. अपने बिंदास बोल के लिए खबरों में रहते हैं. सियासी खबरों के हिसाब से दाउद की गर्दन दबोचने का जिम्मा इस सरकार ने उन पर डाल रखा है.
10. मुकेश अम्बानी:
बुरा मानो या भला लेकिन बाप बड़ा न भैया सबसे बड़ा रुपैया. मुकेश लगातार तीसरी बार देश के सबसे धनी आदमी गिने गए हैं. मोबाइल, सिम से लेकर पेट्रोलियम, गैस, बिजली और हर छोटी बड़ी चीज में रिलायंस का दखल है. अभी कुछ दिन पहले दुनिया के सबसे महंगे घर को वास्तुदोष के अंदेशे में छोड़ दिया. पॉलिटिक्स से लेकर हर छोटी बड़ी इंडस्ट्री में उनका पैसा लगा है. खैर बिजनेस की बातों से अलग वो एक कूल माइंड आदमी हैं. बड़े धार्मिक कभी बिना पूजा पाठ किए घर से निकलते नहीं. कपड़ों के मामले में ब्रांड कांशस नहीं हैं लेकिन खाने पीने के शौकीन. महंगी गाड़ियों का भी शौक है. फुरसत में पुराने हिंदी गाने सुनते हैं. उनका मानना है कि प्रिंटिंग प्रेस के बाद इंटरनेट दूसरी क्रांतिकारी खोज है इंसान की.
सोचो किसी बड़े पावरफुल अफसर के सामने बैठे हो. वो अपना भौकाल दिखाने में कोई कमी न उठा रखे. तभी उसके पास किसी का फोन आ जाए. और वो घिघियाने लगे. ये उस अफसर से के पास फोन करने वाले से भी बहुत आगे की चीज हो सकते हैं.

