22 की उम्र तक एक भी फ़िल्म न देखने वाला डायरेक्टर, आज वर्ल्ड सिनेमा का ध्रुव तारा है
दुःख की निश्चितता को ख़त्म करके उम्मीद के सुख और सुंदरता की ओर लौटने का नाम है मोहसिन मखमलबाफ.
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ईरानियन सिनेमा आध्यात्म, शान्ति और उम्मीद का सिनेमा
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