दिल्ली में राज्यसभा की तीन सीटें खाली हो रही हैं. तीनों पर सांसद कांग्रेस के थे.(उनके नाम- परवेज़ हाशमी, करण सिंह और जनार्दन द्विवेदी) ये तीनों थे ही रहेंगे,क्योंकि अब कांग्रेस के पास दिल्ली विधानसभा में ज़ीरो सीट हैं. तीन भी तिली-लिलीधप्पू बराबर हैं, इसीलिए बीजेपी भी खींसे निपोरे. तो 66 के साथ आम आदमी पार्टी केपास तीनों सीटें जानी तय थीं. लेकिन ये तय नहीं था कि ये तीन होंगे कौन. नामों केऐलान होने तक संभावित सांसदों की संख्या 13 हो चुकी थी.हमने उन तेरह के बारे में आपको विस्तार से बताया था. 3 जनवरी को आम आदमी पार्टी नेबता दिया कि वो तीन खुशनसीब कौन होंगे जो राज्यसभा जाएंगे. तो अब आप भी जान लीजिएकि ये तीन हैं कौन-#1. संजय सिंहसंजय सिंह का नाम ही सबसे पहले फाइनल हुआ था.सुल्तानपुर के रहने वाले. कोई कहता है कि मकैनिकल इंजीनियरिंग की, कोई कहता है किमाइनिंग में डिप्लोमा किया. NGO सेक्टर के जरिए राजनीति बनाई. गोमती नदी को श्रमदानके ज़रिए साफ करने की पहल में संजय भी थे. फिर इंडिया अगेंस्ट करप्शन के दौरानअन्ना हजारे से जुड़े. फिर वहां से अरविंद केजरीवाल की तरफ सरक लिए. कभी चुनाव नहींलड़े और संगठन का काम करने के नाम पर बॉस के खास हो गए. कितने खास? PAC में हैं.उत्तर प्रदेश और बिहार के मामले AAP में संजय ही देखते हैं. पार्टी के राष्ट्रीयप्रवक्ता भी हैं. पंजाब के प्रभारी रहे हैं और अब सबसे पहला नाम उन्हीं का फाइनलहुआ बताया जा रहा है.संजय हमेशा फुल टाइम राजनीति करना चाहते थे और यह उनके लिए बड़ी सफलता है. तमामइल्ज़ाम एक तरफ, केजरीवाल का साथ एक तरफ. कभी सपा के सुल्तानपुर से विधायक रहे अनूपसंडा के खास थे. संडा अब विधायक भी नहीं और उनका पूर्व चेला सांसदी की तैयारी मेंहै.एक बात और- दिल्ली के सुरगेबाज कहते हैं कि अरविंद केजरीवाल से संजय सिंह को कुमारविश्वास ने मिलवाया था. मनोज तिवारी की गाड़ी में बिठाकर रामलीला मैदान ले गए थेसंजय को अरविंद. आज देखिए वक्त का सितम.#2. नारायण दास गुप्तानवीन गुप्ता ICAI के वाइस प्रेसिडेंट हैं.दिल्ली के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC)से B.Com करने वाले गुप्ता CA हैं. CAलोगों के नेता भी हैं. इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया के वाइसचेयरमैन. अमरीका स्थित बोर्ड ऑफ इंटरनैशनल फेडेरेशन ऑफ अकाउंटेंट्स के लिए चुने गएपहले भारतीय है.कई किताबें भी लिखीं. अपने ही ट्रेड में. GST के बड़े जानकार माने जाते हैं एनडीगुप्ता. 68 साल के हैं. अरविंद केजरीवाल के साथ NGO परिवर्तन के वक्त से जुड़े हुएहैं. दो साल से AAP का खाता-बही देख रहे हैं. आर्थिक मामलों वाली लिस्ट में ये नयानाम उछला है, 3 जनवरी की मीटिंग से 24 घंटे पहले. खासी जोरदारी से.#3. सुशील गुप्तासुशील गुप्ता कभी कांग्रेसी थे, अप AAP मैं हैं.दिल्ली छाप समाजसेवी. स्कूल-अस्पताल चलाते हैं. बिरादरी वाले संगठनों में भी सक्रियहैं. ये पूर्व कांग्रेसी हैं. कांग्रेस के टिकट पर चुनाव हार चुके हैं. दिल्ली मेंइनके करीब 10 चैरिटेबल हॉस्पिटल चलते हैं. कहा ये भी जा रहा है कि इन्हें 2013 मेंAAP ने मोतीनगर सीट से टिकट का ऑफर दिया था, जिसे इन्होंने मना कर दिया था. इनकानाम भी इधर 24 घंटे में ही आया. और आए ट्विटर पर पुराने फोटो. जिसमें वह ‘केजरीवालहिसाब दो’ वाले बैनर में बतौर निवेदक दर्ज हैं.इन तीन नामों के ऐलान के बाद आम आदमी पार्टी के कही नेताओं का मन खट्टा हो गया है.कोई पार्टी छोड़ रहा है, कोई पत्रकारों को बता रहा है कि मैं नाराज़ हूं. कुछविधायक भी नाराज हैं. लेकिन वो कुछ न कबाड़ पाएंगे, क्योंकि व्हिप मने चाबुक कीचुस्की उनको भी चखनी होगी.जिन तेरह नामों की चर्चा कल तक थी, उसमें हमने RBI के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन औरसुप्रीम कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर का नाम नहीं रखा था. क्योंकि वो लोगपहले केजरीवाल को ‘थैंक्यू वेरी मच, एम नॉट इंटरेस्टेड’ कह चुके थे.--------------------------------------------------------------------------------आम आदमी पार्टी के बन रहे ये 13 नए सांसद!--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ेंः'अरविंद केजरीवाल ने 100 करोड़ रुपए में सुशील गुप्ता को बेचा राज्यसभा टिकट'अरविंद केजरीवाल पर क्या-क्या इल्ज़ाम लगा कुमार विश्वास ने पार्टी छोड़ी!कुमार विश्वास BJP को धोते रहे, मनोज तिवारी हंसते रहेकौन हैं AAP के सौरभ जिन्होंने ईवीएम हैक करके दिखायाचुनाव आयोग धृतराष्ट्र है, महाभारत के बाकी करेक्टर्स आम आदमी पार्टी में हैंVideo: वो पुलिसवाला, जो गोली मारकर नहीं, गाना गाकर एनकाउंटर करता है ;