आज प्रसिद्ध अमेरिकन लेखक मार्क ट्वेन का जन्मदिन है, जो अपनी किताबों से ज़्यादाअपनी सूक्तियों के लिए मशहूर हैं. और धर्म पर अपने परखड़ (बेबाक) विचारों के लिए भी.वो संगठित धर्मों के खिलाफ़ थे और अक्सर उनके बारे में लिखते भी थे. कहा था कि, 'ईसाअगर आज मौजूद होते तो एक चीज़ कभी नहीं बनना चाहते - ईसाई.' और इस तरह के ढेर सारेकोट्स ने उनको बेहद मशहूर कर दिया. साथ ही अपनी बेबाकी के लिए उन्हें लोगों काबेशुमार प्यार भी मिला. मार्क ट्वेन भविष्यवक्ता तो नहीं थे लेकिन उनकी एकभविष्यवाणी इतनी सटीक थी के नॉस्त्रेदमस भी शर्मिंदा हो जाए. जब उनका जन्म हुआ थाउस साल हैले का धूमकेतु पृथ्वी के पास से गुज़रा था. उन्होंने भविष्यवाणी की थी कीजब वो वापस धरती के पास से गुज़रेगा तो मुझे लेता हुआ जाएगा. और ऐसा हुआ भी. जब 1910में वो धूमकेतु धरती को छू के गुज़रा उसके दूसरे ही दिन उनकी मौत हो गई. वो मार्कट्वेन ही थे जिनका ये कथन जगत प्रसिद्ध है कि, 'कभी मूर्ख लोगों के साथ बहस मतकीजिये. वो पहले आपको अपने स्तर तक खींच लायेंगे और फिर आपको अपने अनुभव से मात देदेंगे.' आज लल्लनटॉप स्पेशल में आनंद लीजिए मार्क ट्वेन की उन प्रसिद्ध कोटेशंस काजो आपको हंसाएंगे भी, हैरान भी करेंगे और हो सकता है आप तिलमिला भी जाएं.----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------