"आदिपुरुष सही उद्देश्य के साथ बनी एक गलत फिल्म थी" - मनोज मुंतशिर शुक्ला
मनोज मुंतशिर ने 'आदिपुरुष' के विवादित डायलॉग से लेकर बैकलैश पर बात की. उन्होंने कहा कि हनुमान को कॉमेडी रीलीफ की तरह इस्तेमाल करने के लिए 'तेल तेरे बाप का' जैसे डायलॉग रखे गए.

16 जून 2023 को Adipurush रिलीज़ हुई. साल की सबसे बड़ी ओपनिंग पाने वाली भारतीय फिल्मों में से एक बन गई. साथ ही इस साल की सबसे विवादित फिल्म भी रही. जनता ने मेकर्स को बुरी तरह लताड़ा. ऐसी नौबत आन पड़ी कि फिल्म बनाने वालों को भावनाएं आहत करने के लिए माफी भी मांगनी पड़ी. फिल्म के लिए मनोज मुंतशिर शुक्ला ने डायलॉग लिखे थे. हाल ही वो ‘द लल्लनटॉप’ के प्रोग्राम ‘न्यूज़रूम बैठकी’ में शरीक हुए थे. मनोज से माफी वाले ट्वीट के बारे में पूछा गया. उन्होंने लंबा–चौड़ा जवाब भी दिया लेकिन उससे पहले आप मनोज का ट्वीट पढिए –
मैं स्वीकार करता हूं कि फिल्म 'आदिपुरुष' से जन भावनाएं आहत हुई हैं. अपने सभी भाइयों-बहनों, बड़ों, पूज्य साधु-संतों और श्री राम के भक्तों से हाथ जोड़कर, बिना शर्त क्षमा मांगता हूं. भगवान बजरंग बली हम सब पर कृपा करें. हमें एक और अटूट रहकर अपने पवित्र सनातन और महान देश की सेवा करने की शक्ति दें!
उन्होंने लल्लनटॉप न्यूज़रूम में इस माफी पर कहा,
ये ट्वीट इसलिए करना पड़ा क्योंकि ‘आदिपुरुष’ सही उद्देश्य के साथ बनी एक गलत फिल्म थी. और ये स्वीकार करने से, ये मान लेने से मैं छोटा नहीं हो जाता. हर फिल्म का एक नेरेटिव होता है जो हम फिल्म बनाने से पहले सोचते हैं. कहानी तो अलग-अलग तरीकों से सुनाई जा सकती है और इस देश में सुनाई भी गई है. फिल्म शुरू करने से पहले मेकर्स का (ओम राउत, भूषण कुमार और मेरा) उद्देश्य था कि युवाओं और बच्चों तक ये कहानी पहुंचे. अगर हम उनको बता पाएं कि आपके नायक सिर्फ थॉर या कैप्टन अमेरिका नहीं हैं, आपके नायक बजरंग बली और भगवान श्री राम भी हो सकते हैं, ये हमारा मिशन था. अब ये करने में शायद हमसे गलती ये हुई कि हम सादा और सादगी के बीच का अंतर भूल गए. हम शायद बहुत ज़्यादा सिम्प्लिस्टिक हो गए. हम इतना ज़्यादा सरलता के मोहजाल में फंस गए कि सब्जेक्ट की जो गंभीरता रही होगी, वो हमारे हाथ से निकल गई. ऐसा एक पहलू मैं स्वीकार करने के लिए तैयार हूं. ऐसा हुआ होगा, तभी ये बैकलैश मिला.
मनोज ने आगे ‘आदिपुरुष’ के सबसे कंट्रोवर्शियल डायलॉग पर बात की. फिल्म के एक सीन में हनुमान इंद्रजीत से कहते हैं कि तेल तेरे बाप का, कपड़ा तेरे बाप का, जलेगी भी तेरे बाप की. इस डायलॉग पर जमकर हंगामा हुआ. नतीजतन रिलीज़ के दो ही दिन बाद उसे बदलना पड़ा. मनोज ने कहा कि वो फिल्म को रामलीला के चश्मे से देख रहे थे. उसके चलते शायद ऐसा हुआ. उन्होंने कहा कि अकसर रामलीला में हनुमान को कॉमिक रीलीफ की तरह इस्तेमाल किया जाता है. इसी आइडिया से उन्होंने ऐसे डायलॉग का इस्तेमाल किया. उन्होंने आगे जोड़ा कि वो डायलॉग उनका लिखा हुआ नहीं था. उन्होंने खुद कई जगह ऐसी बातें सुनीं और फिर उसे यूज़ किया.
वीडियो: मनोज मुंतशिर ने कहा, आदिपुरुष के डायलॉग्स से आहत हुए लोगों से हाथ जोड़कर,बिना शर्त माफी मांगते हैं

