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मनोज कुमार के 15 बेमिसाल डायलॉग, जिन्हें सुनकर धमनियों में रक्त का बहाव तेज हो जाएगा

4 अप्रैल को Manoj Kumar का निधन हो गया, हम उन्हें याद कर रहे हैं उन्हीं के बेजोड़ डायलॉग्स से.

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Manoj Kumar
मनोज कुमार ने 1957 में फिल्म 'फैशन' से डेब्यू किया था.
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अंकिता जोशी
4 अप्रैल 2025 (पब्लिश्ड: 04:29 PM IST)
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Manoj Kumar की फिल्म Poorab Aur Paschim की ये पंक्तियां सुन हर हिंदुस्तानी अपने भीतर एक उन्माद सा महसूस करता है. देशभक्ति की तरलता आंखों में उतर आती है. भुजाओं में लहू कुछ और तेज़ गति से दौड़ने लगता है. और मनोज कुमार ऐसे कई नगमे, कई संवाद, कई दृश्य छोड़ गए हैं, जो सदियों तक हमारे सीनों में धड़कते रहेंगे. 4 अप्रैल को एक्टर, राइटर, डायरेक्टर और प्रोड्यूसर मनोज कुमार का निधन हो गया. वो 87 साल के थे. भारत-पाक विभाजन का उनकी स्टोरीटेलिंग पर गहरा असर रहा. इसी दौरान उनके परिवार को तत्कालीन पाकिस्तान से विस्थापित होना पड़ा था. अपने करियर में उन्होंने सबसे ज्यादा देशभक्ति फिल्में कीं. वो दौर जब देश बुनियादी ज़रूरतों के लिए जूझ रहा था, तब मनोज कुमार ने देश प्रेम पर ऐसी फिल्में बनाईं कि उन्हें ‘भारत कुमार’ कहा जाने लगा. उनके डायलॉग बड़े मशहूर हुए. कुछ ऐसे ही चुनिंदा बेमिसाल डायलॉग हम आपको आज याद दिला रहे हैं. 

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Manoj Kumar

मनोज कुमार ने लाल बहादुर शास्त्री के कहने पर बनाई थी 'उपकार'. 

 

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Manoj Kumar, Saira Bano

'पूरब और पश्चिम' 1971 में यूके में भी रिलीज़ की गई थी. 

 

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manoj kumar in kranti
'क्रांति' में मनोज कुमार के साथ दिलीप कुमार भी थे. 

 

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The Lallantop: Image Not Available
'शहीद' की स्क्रिप्ट लिखना मनोज कुमार ने 1962 में शुरू की थी. फिल्म 1965 में रिलीज़ हुई. 

 

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manoj kumar in upkar
'उपकार' ने अलग-अलग कैटेगरी में सात अवॉर्ड जीते. 
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Manoj kumar, Mala sinha
'हिमालय की गोद में' ने फिल्मफेयर का बेस्ट फिल्म अवॉर्ड जीता था. 

 

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Manoj kumar, Mala Sinha in himalaya ki god mein
'हिमालय की गोद में' 1960 से 1970 के दशक की 20 सबसे बड़ी व सबसे कमाऊ फिल्मों में से एक थी. 

 

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manoj kumar,
1965 में आई 'शहीद' ने 13वां नेशनल फिल्म अवॉर्ड जीता. 

 

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Hema Malini and Manoj Kumar in Kranti
'क्रांति' सुपरहिट फिल्म रही. सिनेमाघरों में ये 67 हफ्तों तक लगातार चली.

 

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Manoj Kumar and Rishi Kapoor
'मेरा नाम जोकर' में मनोज कुमार का रोल छोटा मगर यादगार था. 

 

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Manoj Kumar, Hema Malini
'संतोष' की शूटिंग 1977 में शुरू हुई. मगर ये 12 साल बाद 1989 में रिलीज़ हो सकी. 

 

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Saira Bano, Manoj Kumar
लंदन में ये फिल्म 50 हफ्तों तक सिनेमाघरों में लगी रही. 

 

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Manoj Kumar and Mala sinha
'हिमालय की गोद में' के निर्देशक विजय भट्ट थे. 

 

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Mala Sinha, Manoj Kumar
'हिमालय की गोद में' के एक दृश्य में माला सिन्हा और मनोज कुमार. 

 

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Manoj Kumar, Zeenat Aman
'रोटी, कपड़ा और मकान' के राइटर, प्रोड्यूसर और डायरेक्टर भी मनोज कुमार थे. 

मनोज कुमार लंबे समय उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे. पिछले दिनों उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें मुंबई के कोकिलाबेन धीरूबाई अंबानी अस्पताल में भर्ती करवाया गया. उनके बेटे कुणाल गोस्वामी ने एक स्टेटमेंट जारी करते हुए बताया कि 4 अप्रैल की सुबह 3:30 पर मनोज कुमार ने अपनी अंतिम सांसें लीं. 5 अप्रैल को मुंबई में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.

वीडियो: मनोज कुमार ने ऐसा क्या किया जो उनका नाम बदल गया?

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