मनोज कुमार के 15 बेमिसाल डायलॉग, जिन्हें सुनकर धमनियों में रक्त का बहाव तेज हो जाएगा
4 अप्रैल को Manoj Kumar का निधन हो गया, हम उन्हें याद कर रहे हैं उन्हीं के बेजोड़ डायलॉग्स से.

Manoj Kumar की फिल्म Poorab Aur Paschim की ये पंक्तियां सुन हर हिंदुस्तानी अपने भीतर एक उन्माद सा महसूस करता है. देशभक्ति की तरलता आंखों में उतर आती है. भुजाओं में लहू कुछ और तेज़ गति से दौड़ने लगता है. और मनोज कुमार ऐसे कई नगमे, कई संवाद, कई दृश्य छोड़ गए हैं, जो सदियों तक हमारे सीनों में धड़कते रहेंगे. 4 अप्रैल को एक्टर, राइटर, डायरेक्टर और प्रोड्यूसर मनोज कुमार का निधन हो गया. वो 87 साल के थे. भारत-पाक विभाजन का उनकी स्टोरीटेलिंग पर गहरा असर रहा. इसी दौरान उनके परिवार को तत्कालीन पाकिस्तान से विस्थापित होना पड़ा था. अपने करियर में उन्होंने सबसे ज्यादा देशभक्ति फिल्में कीं. वो दौर जब देश बुनियादी ज़रूरतों के लिए जूझ रहा था, तब मनोज कुमार ने देश प्रेम पर ऐसी फिल्में बनाईं कि उन्हें ‘भारत कुमार’ कहा जाने लगा. उनके डायलॉग बड़े मशहूर हुए. कुछ ऐसे ही चुनिंदा बेमिसाल डायलॉग हम आपको आज याद दिला रहे हैं.
मनोज कुमार ने लाल बहादुर शास्त्री के कहने पर बनाई थी 'उपकार'.
'पूरब और पश्चिम' 1971 में यूके में भी रिलीज़ की गई थी.
मनोज कुमार लंबे समय उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे. पिछले दिनों उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें मुंबई के कोकिलाबेन धीरूबाई अंबानी अस्पताल में भर्ती करवाया गया. उनके बेटे कुणाल गोस्वामी ने एक स्टेटमेंट जारी करते हुए बताया कि 4 अप्रैल की सुबह 3:30 पर मनोज कुमार ने अपनी अंतिम सांसें लीं. 5 अप्रैल को मुंबई में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.
वीडियो: मनोज कुमार ने ऐसा क्या किया जो उनका नाम बदल गया?

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