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किस बारे में है मणिपुरी फिल्म 'बूंग', जिसने ब्रिटिश ऑस्कर BAFTA जीतकर इतिहास कायम कर दिया?

'बूंग' ने ग्लोबल ब्लॉकबस्टर फिल्में 'लीलो एंड स्टिच' और 'ज़ूटोपिया 2' को हराकर ये अवॉर्ड जीता. फरहान अख्तर ने प्रोड्यूस किया है.

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24 फ़रवरी 2026 (पब्लिश्ड: 02:11 PM IST)
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BAFTA 2026 का आयोजन 22 फरवरी, 2026 को हुआ था.
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ब्रिटिश ऑस्कर कहे जाने वाले BAFTA 2026 (British Academy of Film and Television Arts) में भारत ने इतिहास रच दिया है. Manipuri फिल्म Boong ने इस साल Best Children's and Family Film का अवॉर्ड अपने नाम किया है. 'बूंग' इस कैटगरी में जीत हासिल करने वाली देश की पहली फिल्म है. फिल्म ने इस दौरान डिज्नी की Lilo and Stitch और Zootopia 2 जैसी ग्लोबल ब्लॉकबस्टर फिल्मों को पीछे छोड़ दिया है.  

'बूंग' की कहानी मणिपुर के सुदूर गांव के इर्द-गिर्द बुनी गई है. वहां दुनिया की लाग-लपेट से दूर एक छोटा-सा लड़का- बूंग, अपने मां-बाप के साथ रहता है. सब कुछ ठीक चल रहा होता है कि एक दिन उसके पिता अचानक कहीं गायब हो जाते हैं. बिना कुछ कहे. एकदम से लापता. लोगों का कहना है कि उसके पिता की मौत हो गई है. मगर उसकी मां की आंखें अपने पति के इंतज़ार में गहराने लगती हैं. वही इंतज़ार उस बच्चे के दिल में घर कर जाता है. वो अपनी मां को दुनिया का सबसे अच्छा तोहफ़ा देना चाहता है. और वो तोहफ़ा है- अपने पिता को वापस घर लाना. बस, यही सोचकर वो अपने दोस्त राजू के साथ निकल पड़ता है एक अंतहीन खोज में. आगे क्या कुछ होता है, फिल्म में उसे दिखाया गया है.

'बूंग' एक बच्चे के अपने पिता को ढूंढने भर की कहानी नहीं है. बल्कि ये उसके प्यार, उम्मीद और हिम्मत की दास्तां भी है. ये कहानी है दोस्ती के उस रिश्ते की भी, जो नन्ही-सी उम्र में ही खून से ज़्यादा गहरा हो गया है. 2024 में इस मूवी को टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में प्रीमियर किया गया था. 2026 में इसने BAFTA में इतिहास रच दिया है. बता दें कि इस मूवी को फिल्ममेकर लक्ष्मीप्रिया देवी ने लिखा और डायरेक्ट किया है. 'बूंग' उनके करियर की पहली फीचर फिल्म है. इससे पहले उन्होंने कुछ शॉर्ट मूवीज़ बनाई हैं. वो राजकुमार हीरानी की PK और फरहान अख्तर की 'लक्ष्य' में असिस्टेंट डायरेक्टर रह चुकी हैं. 'बूंग' को प्रोड्यूस करने का जिम्मा भी फरहान अख्तर ने ही उठाया था. डेडलाइन से हुई बातचीत में फरहान बताते हैं कि उन्होंने इस मूवी को इसलिए सपोर्ट किया क्योंकि वो मणिपुर की कहानी को सबके सामने लाना चाहते थे. उनकी मदद से ही 'बूंग' इंटरनेशनल सर्किट में भाग ले पाई थी. वो BAFTA के मंच पर भी लक्ष्मीप्रिया के साथ मौजूद थे.

फिल्म में बूंग का रोल 12 साल के गुगुन किपगेन ने किया है. वहीं उनके दोस्त राजू का रोल अंगोम सनामातुम ने निभाया है. बूंग की मां के किरदार में बाला हिजम निंगथोउजम नज़र आई हैं. लक्ष्मीप्रिया ने मणिपुर के संघर्ष और उसकी वजह से हो रहे भेदभाव को छोटे बच्चों के नज़रिए से पेश किया है. ऐसा इसलिए, क्योंकि उनका मानना है कि राज्य के बिगड़े हालातों का सबसे ज़्यादा खामियाज़ा बच्चों को ही भुगतना पड़ा है. द प्रिंट से हुई एक पुरानी बातचीत में लक्ष्मीप्रिया कहती हैं,

“फिल्म में दिखाई गई कई घटनाएं बचपन में मेरे साथ भी हुई थीं. बड़े लोग अक्सर ये सोचते हैं कि बच्चों को अपनी छोटी उम्र के कारण कुछ समझ नहीं आता. लेकिन सच ये है कि बच्चों का दुनिया को देखने और समझने का अपना अलग नज़रिया होता है.”

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‘बूंग’ का एक सीन.

लक्ष्मीप्रिया ने BAFTA के मंच पर भी मणिपुर की मिट्टी और उसमें पड़ी दरारों को याद किया है. उन्होंने ग्लोबल स्टेज को 'खुरुमजरी' कहकर संबोधित किया. मणिपुरी में इसका मतलब नमस्ते होता है. रोचक बात ये है कि वो इस कहानी को पहले एक किताब के रूप में लिखना चाहती थीं. मगर अपनी तथाकथित कमज़ोर अंग्रेजी के कारण वो ऐसा करने से रुक गईं. उम्मीद है कि अब ब्रिटिश ऑस्कर के मंच से बोला गया उनका ये एक मणिपुरी शब्द, शायद आने वाले दिनों में राज्य के इर्द-गिर्द बनी खाई को पाटने का काम करे. अपनी विनिंग स्पीच में लक्ष्मीप्रिया ने कहा,

"खुरुमजरी! यहां तक पहुंचना ऐसा लगा जैसे हम किसी पहाड़ की चोटी पर पहुंच गए हों. जबकि हमें तो पता भी नहीं था कि हम कब से उस पहाड़ पर चढ़ रहे थे.”

वो आगे कहती हैं,

"मैं बस इस मौके पर इतना कहना चाहती हूं कि हम मणिपुर में दोबारा शांति बहाल करने की प्रार्थना करते हैं. हम प्रार्थना करते हैं कि जो बच्चे अपने घरों से दूर रहने को मजबूर हैं, जिनमें फिल्म के चाइल्ड आर्टिस्ट भी शामिल हैं, वो फिर से अपनी खुशी, मासूमियत और सपनों को वापस पा सकें. हम प्रार्थना करते हैं कि तकरार इतनी बड़ी न हो जाए कि वो इंसान की सबसे बड़ी ताकत- माफ़ करने की क्षमता, को खत्म कर दे. इसलिए, BAFTA का धन्यवाद, जिन्होंने सिर्फ एक अवॉर्ड ही नहीं, बल्कि हमें अपनी उम्मीद रखने का मंच भी दिया है."

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ‘बूंग’ की टीम को बधाई दी है.

'बूंग' की सफलता पर देशभर के लोग अपनी खुशी ज़ाहिर कर रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे 'मणिपुर के लिए बेहद खुशी का पल' बताया. उन्होंने कहा कि इस फिल्म ने देश के क्रिएटिव टैलेंट को सबके सामने लाने का काम किया है. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने X पर लिखा कि इस मूवी ने इतिहास रच दिया है. उनके मुताबिक, फिल्म ने 'बूंग' की पूरी टीम ने देश का नाम रौशन किया है. मणिपुर की सरकार ने इसे केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि मातृभूमि के लिए मेकर्स का एक ट्रिब्यूट बताया है. 

‘बूंग’ पिछले दिनों स्ट्रीमिंग प्लैटफॉर्म मुबी पर उपब्लध थी. मगर फिलहाल ये किसी भी ओटीटी प्लैटफॉर्म पर अवेलेबल नहीं है. उम्मीद की जा रही है कि BAFTA विन के बाद मेकर्स इसे थिएटर्स में रिलीज़ करें. हालांकि मेकर्स की ओर से इस बाबत अब तत कोई ऑफिशियल अनाउंसमेंट नहीं की गई है.

वीडियो: ऑस्कर और कान में एंट्री मिली लेकिन भारतीय सेंसर बोर्ड ने इस फिल्म को अटकाया

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