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बड़ी जीत! आमिर के बेटे की पहली फिल्म ने कोर्ट केस जीता, और आधे घंटे में नेटफ्लिक्स पर आ गई

Aamir Khan के बेटे Junaid Khan की डेब्यू फिल्म Maharaj 14 जून को रिलीज़ होने वाली थी. लेकिन रिलीज़ से एक रात पहले गुजरात हाई कोर्ट ने फिल्म पर रोक लगा दी थी. 21 जून की शाम जैसे ही फिल्म ने केस जीता, उसके आधे घंटे बाद रिलीज़ हो गई.

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21 जून 2024 (पब्लिश्ड: 06:06 PM IST)
junaid khan maharaj aamir khan gujarat court
जुनैद ने फिल्म में करसनदास मुलजी का रोल किया है.
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Aamir Khan के बेटे Junaid Khan की पहली फिल्म Maharaj 14 जून को नेटफ्लिक्स पर रिलीज़ होने वाली थी. मेकर्स ने विवाद से बचने के लिए कोई प्रमोशन नहीं किया. हालांकि रिलीज़ से एक रात पहले गुजरात हाई कोर्ट ने फिल्म पर रोक लगा दी थी. नेटफ्लिक्स और YRF ने भी अपना पक्ष रखा. कोर्ट ने फिल्म देखी. 21 जून को फैसला सुनाया और फिल्म को रिलीज़ के लिए क्लियर कर दिया. वर्डिक्ट आने के आधे घंटे के बाद ही नेटफ्लिक्स ने चुपके से ‘महाराज’ को रिलीज़ कर दिया. 

पुष्टिमार्ग पंथ से जुड़े लोगों ने ‘महाराज’ के खिलाफ याचिका दायर की थी. उनका कहना था कि फिल्म में हिन्दू धर्म की छवि को धूमिल किया गया है. अगर ये फिल्म रिलीज़ होती है तो लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत होंगी. उनका कहना था कि फिल्म की वजह से हिंसा भी भड़क सकती है. कोर्ट ने इस बात को मद्देनज़र रखते हुए फिल्म पर रोक लगा दी थी. नेटफ्लिक्स और YRF ने इस याचिका के खिलाफ अपना पक्ष रखा. लाइव लॉ में छपी रिपोर्ट के मुताबिक उनका कहना था कि कोर्ट को पहले फिल्म देखनी चाहिए, उसके बाद वो लोग तय करें कि इसमें कुछ आपत्तिजनक है या नहीं. 

जस्टिस संगीता विशेन की बेंच ने फैसला लिया कि वो ये फिल्म देखेंगे. कोर्ट ने फिल्म देखी और अपने फैसले में कहा कि उन्हें ‘महाराज’ में कुछ भी आपत्तिजनक या विवादित नहीं लगा. उनका कहना था कि फिल्म एक लाइबल केस पर बनी है और इसका किसी संप्रदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं है. बता दें कि ये फिल्म गुजराती लेखक सौरभ शाह की किताब ‘महाराज’ पर आधारित है. इस कहानी के केंद्र में साल 1862 का महाराज लाइबल केस है. 

फिल्म में जुनैद ने करसनदास मुलजी का रोल किया है. वो पेशे से एक पत्रकार थे. 21 सितंबर 1861 की तारीख को उन्होंने एक आर्टिकल लिखा. उसका शीर्षक था ‘हिंदुओनो असल धर्मा हलना पाखंडी मातो’. यहां लिखा गया कि कैसे वैष्णव समाज के कुछ पुजारी महिला भक्तों का यौन उत्पीड़न कर रहे थे. जदुनाथ महाराज ने इसके जवाब में करसनदास मुलजी के खिलाफ 50,000 रुपये का मानहानि का केस कर दिया. महाराज की तरफ से 31 गवाह बॉम्बे हाई कोर्ट में पेश हुए. वहीं करसनदास मुलजी ने 33 गवाहों को पेश किया. 22 अप्रैल 1862 को इस केस का जजमेंट आया. जज आर्नोल्ड ने मानहानि के दावे को खारिज कर दिया. ये एक ऐतिहासिक फैसला था. ‘महाराज’ में जयदीप अहलावत ने जदुनाथ महाराज का रोल किया है. जुनैद और जयदीप के अलावा शरवरी वाघ भी फिल्म का हिस्सा हैं.  

 

वीडियो: आमिर खान के बेटे जुनैद की पहली फिल्म विवादों से बचने के लिए ओटीटी पर आ रही है?

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