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लिलिपुट की कहानी चुराकर बनाई गई थी आमिर की 'फना'?

लिलिपुट ने बताया कि उन्होंने 1988 में एक कहानी लिखी थी जिसपर आमिर खान की फिल्म 'फना' बन गई

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15 दिसंबर 2024 (पब्लिश्ड: 05:21 PM IST)
lillput, Fanna, aamir khan
लिलिपुट ने अपने यादगार किरदारों पर भी बात की.
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साल 2006 में Aamir Khan की फिल्म आई थी Fanaa. जिसे खूब प्यार मिला. फिल्म खूब चली. मगर हाल ही में हमारे स्पेशल प्रोग्राम गेस्ट इन द न्यूज़रूम में एक्टर एम. एम. फारुकी आए थे. उन्होंने बताया कि साल 1988 में उन्होंने एक कहानी लिखी थी. जिसका नाम था 'शहादत'. उस पर फिल्म भी बनाने जा रहे थे. उन्होंने कईयों को इसकी कहानी सुनाई और मगर बाद में पता चला कि उसी स्टोरी लाइन पर 'फना' बन गई.

जब लिलिपुट से पूछा गया कि क्या उन्हें अफसोस है कि वो 'शहादत' की कहानी पर फिल्म नहीं बना पाए और फिर 'फना' बनाई गई. जिसकी कहानी सेम टू सेम 'शहादत' की कहानी ही थी. तो बोले,

''वो कहानी मैंने 1988 में सोची थी. पहली बार मैंने वन लाइन सोचा था. वो मैंने शरद जी को सुनाई थी. उस वक्त मैं डायरेक्टर बनना चाहता था. मैं रूस गया था, 'शिकारी' की शूटिंग के लिए. वहां 15 दिन का समय मिला और उस वक्त मैंने शहादत का स्क्रीन प्ले लिख डाला.''

लिलिपुट बोले,

''जब रूस से वापिस आया तो मैंने फिल्म के लिए डायलॉग लिखा. फिर आत्मा जी को सुनाया. उन्होंने कहा इसको एनएफडीसी में डालो. फिर मैंने पूरी कॉपी बनाई. खर्चे के लिए बीवी का ज़ेवर बेचा. एनएफडीसी में जमा किया. मगर वहां से वो सब वापिस आ गया. मैंने भी उम्मीद छोड़ दी.''

लिलिपुट ने बताया,

''फिर एक दोस्त मिला. उसने कहा फिल्म बनाएंगे. उसको हीरो बनने का शौक था. नसीरूद्दीन शाह को हमने सिर्फ टाइटल सुनाया था कि ऐसे फिल्म शुरू होती है. मुहूर्त भी हुआ. मगर फिल्म फिर बंद हो गई. नहीं बन पाई. ''

''फिर हम एक शूटिंग के लिए गए थे. हमने एक प्रोड्यूसर को फिर से ये कहानी सुनाई. वो तैयार हो गया फिल्म बनाने को. मैंने फिर से स्क्रिप्ट पर काम किया. कुछ ट्रिम किया. अब स्क्रिप्ट फाइनल हो गई. बस मुहूर्त करने वाले थे. मगर फिर प्रोड्यूसर का फोन आया. उन्होंने कहा कि फना देखिए. मैंने फना देखी और कहा, धत्त तेरे की.''

लिलिपुट ने कहा,

''मेरी शुरू से आदत थी कि मैं अपना लिखा सभी को सुनाता रहता था. उस वक्त भी बहुतों को सुनाया था. तो उन (फना मेकर्स) तक भी पहुंच गई होगी कहानी. अब पहुंच गई तो पहुंच गई. अब तो कुछ कर नहीं सकते.''

एम. एम. फारुखी ने कहा कि वो अभी भी डायरेक्टर बनना चाहते हैं. कभी मौका मिला तो ज़रूर कोई फिल्म डायरेक्ट करेंगे. लिलिपुट ने अपने शो 'देख भाई देख', अपनी सीरीज़ 'मिर्ज़ापुर' और कई किरदारों पर बात की. 

वीडियो: गेस्ट इन द न्यूजरूम: लिलिपुट ने मिर्जापुर में दद्दा त्यागी के रोल, शाहरुख-अमिताभ के साथ काम और करण जौहर से अनबन पर क्या बताया?

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