JNU मतलब 'जाना नहीं यूनिवर्सिटी'
अब तक इन बड़े-छोटे नेताओं के बयान आ चुके हैं JNU त्रासदी पर. हम कहे कि जो खास हैं उनका पता तो चले आपको.
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फोटो - thelallantop
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JNU में किसने किसको क्या कहा ये बड़ा मामला है. हल्के में निपटाने का सोचना भी नहीं. लेकिन वो राष्ट्रीय समस्या हो ऐसा भी नहीं. जमाने में और भी गम हैं उठापटक के सिवा. तो जो हो रहा है उसका फैसला कोरट कचहरी में होगा ही. लेकिन इस मामले में नेताओं के जो बयान आए हैं वो काफी दिलचस्प हैं. लल्लन इस पूरे मामले का स्लाइड शो आपके सामने चलाता रहेगा.
1: अमित शाह रूलिंग पार्टी के प्रेसिडेंट हैं. उनके बयान में भला कैसे दम न होगा. राहुल गांधी जो JNU में बतिया के आए उस पर जबर क्लास लगाई है. कहा कि पार्टीशन कराना चाहते हैं क्या राहुल गांधी? लेकिन समस्या ये कि ऑप्शन नहीं दिए. चलो हम दे देते हैं. A- हां B- नहीं C- उपरोक्त सभी D- इनमें से कोई नहीं.
2: राहुल गांधी, जिनके बयान पर अमित शाह बमके. उनका कहना है कि JNU के साथ खेल रही है BJP और RSS. आखिर बातचीत और डिबेट न होगी तो अचार डालें डिमोक्रिसी का?
3: दिल्ली CM अरविंद केजरीवाल भी गए थे वारदात की जगह पर. कहा कि मोदी सबको अपनी पुलिस से डराने की कोशिश कर रहे हैं. अब JNU का नंबर लग गया है. इसीलिए वो कहते रहते हैं कि दिल्ली पुलिस हमए हवाले कर दो.
4: अब नंबर साधु संन्यासियों का. लाइन में पहले लगे हैं साक्षी महाराज. कहे हैं कि गिरफ्तार छात्रों को गोली मार दो. किरांती पिच्चर के बॉबी द्योल हैं. नो अरेस्ट नो FIR, फैसला ऑन द स्पॉट.
5: दूजे नंबर पर हैं साध्वी प्राची. भगवान के भजन से ज्यादा दखल पॉलिटिक्स में है. एक गजब का खुलासा किया है. जो शायद जल्दबाजी में हेडली के दिमाग से उतर गया था. कि JNU की फंडिंग हाफिज सईद करता है.
6: स्मृति इरानी HRD मिनिस्टर हैं. उनको स्कूल कॉलेज का हिसाब किताब देखना ही है. अब अगर कहीं ऊंच नीच होती है तो जवाबदार कौन होगा. उसी पर कहा कि देश से गद्दारी करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे.
7: सबसे महंगा और जाबड़ मंत्र इनका है. लाख टके का. भारत के गृहमंत्री हैं राजनाथ सिंह. जमातुद्दावा और हाफिज सईद के बारे में हर कोई जानता है इनको छोड़ कर. जब उनकी बनिस्बत इनसे सवाल किए गए तो "ये हंस दिए, ये चुप रहे, मंजूर था परदा तेरा"
जानिए किस ग्रह के मंत्री हैं राजनाथ सिंह
2: राहुल गांधी, जिनके बयान पर अमित शाह बमके. उनका कहना है कि JNU के साथ खेल रही है BJP और RSS. आखिर बातचीत और डिबेट न होगी तो अचार डालें डिमोक्रिसी का?
3: दिल्ली CM अरविंद केजरीवाल भी गए थे वारदात की जगह पर. कहा कि मोदी सबको अपनी पुलिस से डराने की कोशिश कर रहे हैं. अब JNU का नंबर लग गया है. इसीलिए वो कहते रहते हैं कि दिल्ली पुलिस हमए हवाले कर दो.
4: अब नंबर साधु संन्यासियों का. लाइन में पहले लगे हैं साक्षी महाराज. कहे हैं कि गिरफ्तार छात्रों को गोली मार दो. किरांती पिच्चर के बॉबी द्योल हैं. नो अरेस्ट नो FIR, फैसला ऑन द स्पॉट.
5: दूजे नंबर पर हैं साध्वी प्राची. भगवान के भजन से ज्यादा दखल पॉलिटिक्स में है. एक गजब का खुलासा किया है. जो शायद जल्दबाजी में हेडली के दिमाग से उतर गया था. कि JNU की फंडिंग हाफिज सईद करता है.
6: स्मृति इरानी HRD मिनिस्टर हैं. उनको स्कूल कॉलेज का हिसाब किताब देखना ही है. अब अगर कहीं ऊंच नीच होती है तो जवाबदार कौन होगा. उसी पर कहा कि देश से गद्दारी करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे.
7: सबसे महंगा और जाबड़ मंत्र इनका है. लाख टके का. भारत के गृहमंत्री हैं राजनाथ सिंह. जमातुद्दावा और हाफिज सईद के बारे में हर कोई जानता है इनको छोड़ कर. जब उनकी बनिस्बत इनसे सवाल किए गए तो "ये हंस दिए, ये चुप रहे, मंजूर था परदा तेरा"
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