सोनिया गांधी आप मई में अगस्ता के लिए मार्च काहे निकाल रही हैं?
सोनिया गांधी ने हचक के मुहावरे गिराए हैं, लल्लन ने सारे मुहावरे बटोर लिए हैं, आपके लिए ले आया.
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लोकतंत्र के ऊपर नजर आतीं सोनिया गांधी
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जंतर-मंतर में कांग्रेस ने 'लोकतंत्र बचाओ' मार्च निकाला. मई के महीने में. अगस्ता के टाइम पर. राहुल गांधी ने भाषण दिया, मनमोहन सिंह भी बोले. पिछली लाइन में कोई मजाक नहीं किया गया है. ये फैक्ट है.
रैली के बाद गिरफ्तार हो गए. संसद का सत्र चल रहा है न. धारा 144 लगी है. कांग्रेस चाहे तो इस बात को अपनी खिल्ली उड़ाना समझ ले. उनके तो सांसद भी इस आंकड़े से सौ कम हैं. 44 तो हैं ही. उड़ाने से याद आया. बीजेपी के एक नेता हैं, गिरिराज सिंह. अपनी उड़वाते रहते हैं, आज कांग्रेस की खिल्ली उड़ा दी. कहा, आज पदयात्रा काहे निकाले हैं. अगस्ता वाले चॉपर से उड़ के आ सकते थे.फिर सोनिया गांधी ने भाषण दिया. लल्लन को दो बातें समझ आईं, या तो सोनिया गांधी आजकल मुहावरों की किताब पढ़ रही हैं या उनका भाषण किसी हिंदी वाले टीचर ने लिखा है. इतने ज्यादा मुहावरे इस्तेमाल किए. हम पक्का बता रहे हैं इनके मंथली बिल में विद्या प्रकाशन वाली हिंदी की कुंजी का खर्चा सबसे ज्यादा आता होगा.
पढ़िए सोनिया गांधी ने क्या-क्या कहा है और लल्लन ने क्या मतलब निकाला. जहां-जहां लाल से टेढ़ा है, वहां-वहां मुहावरे हैं.
1.
सोनिया गांधी: अगर ये लोग समझते हैं, कांग्रेस को लोकतंत्र की रक्षा के बुनियाद रास्ते से हटाना आसान है, तो उन्हें मालूम ही नहीं कांग्रेस जन किस मिट्टी के बने हैं.लल्लन: कांग्रेस जन की छोड़ो ये बताओ, वाड्रा का पोस्टर आज की रैली में कौन ले आया था? वहां लड़के 'प्रियंका दीदी इज बैक' चिल्लाते नहीं थक रहे हैं यहां वाड्रा को नेता बना दो. आकाश, अंबानी का है, पानी, बिसलरी का और जमीन वाड्रा की. हमको पता है, सब जमीन से आए हैं. और कौन सी मिट्टी से बने हैं. हुशियारी बहुत नहीं करनी चैये. ईडी का छापा पड़ गया है वाड्रा के ठिकानों पर, रैली खत्म होते ही, एक नहीं सात जगह पर, और दिखाय लो पोस्टर.
2.
सोनिया: सिर्फ रायसीना हिल्स में बैठे लोग ही नहीं नागपुर में बैठे लोग भी ठीक से सुनें जिनके इशारों पर ही मोदी की ये सरकार चल रही है.लल्लन: नॉर्थ ब्लॉक-साउथ ब्लॉक समझते हैं हम. पर रायसीना हिल्स से मजाक नहीं, आंय, रायसीना हिल्स से क्या मतलब? राष्ट्रपति? नागपुर के संतरों को मुगल मार्डेन के साथ मिक्स न कीजिए.
3.
सोनिया गांधी: मोदी सरकार का एक-एक कदम लोकतंत्र की जड़ें खोद रहा है.लल्लन: आपसे ही सीखा है, मनरेगा की आदत न जाती होगी. उसमें भी आज तक खुदाई बस तो हुई है. पर क्या कन्ना, इसी आड़े खेती का विकास हो रहा है. गडकरी अपने घर में खेती करते हैं. कैसे? पहले खोदना पड़ता है कि नहीं, और गड़करी की सिंचाई का न पूछना. बताएंगे तो सब घिना जाएंगे. आपकी बात सही है तो मोदी सरकार को खेतों में उतार देना चाहिए. ट्रैक्टर का पइसा बचेगा. एक घंटे का साढ़े सात सौ लेते हैं ट्रैक्टर वाले.
4.
सोनिया गांधी: मोदी सरकार ने अपनी आंखें बंद कर रखी हैं.लल्लन: मुंह न खुलवाओ, पीछे बैठे हैं मनमोहन सिंह, आपके टाइम 10 साल उनने मुंह नहीं खोले, ये वाले आंख न खोलेंगे.
5.
सोनिया गांधी: महंगाई का हाल ऐसा है कि लोगों के लिए अपने बच्चों का पेट पालना और परिवार चलाना मुश्किल पड़ रहा है.लल्लन: मौका देख के कोई बात कहनी चाहिए कि नहीं. यहां लोग चिल्ला रहे हैं, कांग्रेस ने अगस्टा में पैसा खाया है, आप ऐसे मौके पर ये कहे जा रही हैं. क्या संदेश जाएगा पब्लिक में? 3600 की रिश्वत खाई गई है अगस्ता में, सॉरी करोड़ लगाना भूल गया. फिर बच्चों और परिवार का खर्चा चलाने में कोई फर्क आया कि नहीं. वैसे ये बताइए ये ओवरऑल सबकी बात कह रहीं थीं या 2014 के बाद पार्टी का हाल बता रहीं थीं?
6.
सोनिया गांधी: पलक झपकते ही ये किसी को भी देशद्रोही घोषित कर देते हैं.लल्लन: इस बात से तो खुद मोदी भी परेशान हैं, देख लो रोक के रखा है, पलकें न झपक जाएं.

7.
सोनिया: जो इनकी हां में हां न मिलाए उसकी तो खैर ही नहीं.लल्लन: अरे मैडम इत्ता बुरा थोड़े है सब, अनुपम खेर को देख लीजिए, उनकी तो खेर ही खेर है.
8.
सोनिया: इनकी सत्ता की भूख बढ़ती जा रही है. ये लोग एक बात अच्छी तरह समझ लें जिस दिन पानी सिर से ऊपर चला जाता है, भारत के लोग बड़ो-बड़ों लोग को भी पानी पिला सकते हैं.लल्लन: ही ही ही. इसका एक्सपीरियंस आपको ज्यादा है, आपकी बात मानते हैं हम भी.

सोनिया गांधी की बात के बाद सुब्रमण्यम स्वामी का रिएक्शन
सोनिया गांधी का मुहावरेदार भाषण यहां देख-सुन लीजिए
https://www.youtube.com/watch?v=YKtdmjzRHVs
